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UP: मोबाइल पहुंचा रहा अस्पताल, अकड़ रही गर्दन... तो कंधे में भी दर्द; पढ़ें डॉक्टर की सलाह वर्ना हो सकता घातक

Tue, 30 Jan 2024 10:13 AM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 30 Jan 2024 10:13 AM IST
सार

मोबाइल का अधिक उपयोग लोगों को अस्पताल पहुंचा रहा है। उनकी गर्दन अकड़ रही तो कंधे में भी दर्द हो रहा है। पढ़ें डॉक्टर की सलाह। वर्ना अधिक घातक हो सकता है।

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Lying or sitting in same position continuously while watching mobile causing problem of neck and shoulder pain
मोबाइल का उपयोग - फोटो : istock

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में सर्दी में बिस्तर में दुबके आड़े-तिरछे लेटकर-बैठकर घंटों टीबी और मोबाइल देखा। लंबे समय तक ऐसा करने से अब गर्दन अकड़ गई है। कमर, पीठ और कंधे में दर्द उभर आया है। दर्द असहनीय होने पर डॉक्टरों को दिखाने पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग और फिजियोथेरेपी विभाग में 50 फीसदी ऐसे ही मरीज हैं।

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हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमृत गोयल ने बताया कि ओपीडी में औसतन 300 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें 230-250 मरीजों को मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, जोड़ों में सूजन, गर्दन, कमर, पीठ दर्द की परेशानी बता रहे हैं। कई मरीजों ने कंधों में दर्द और हाथ में सुन्नपन की भी दिक्कत बताई। इनमें 20-40 साल के करीब 40 फीसदी मरीज हैं। 
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पूछताछ में पता चला कि ये बिस्तरों में आड़े-तिरछे लेटकर-बैठकर टीवी-मोबाइल देखना बताया। औसतन 2-3 घंटे तक लगातार ऐसा कर रहे हैं। महिला मरीजों ने तो झुकने में असहनीय दर्द होने की जानकारी दी। दरअसल, सर्दी के चलते शारीरिक परिश्रम, व्यायाम कम हुआ है। इससे मांसपेशियों, नस और हड्डियां पर दबाव अधिक पड़ने से दर्द शुरू हो गया है। इनको बैठने का सही तरीका बताया गया और 2-3 सप्ताह की फिजियोथेरेपी से ये ठीक हो गए।

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बिना दवा के ठीक हो रहा दर्द

एसएन के फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल शर्मा ने बताया कि अभी 80-100 मरीज रोज फिजियोथेरेपी कराने आ रहे हैं। इसमें से 40-45 नए मरीज हैं जो गर्दन, कंधे, पीठ, हाथों में दर्द बता रहे हैं। ठंड में मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में टेढ़े-मेढ़े तरीके से बैठने, लेटकर गर्दन ऊंचा कर टीवी-मोबाइल देखने, लैपटॉप चलाने से मर्ज दोगुना बढ़ जाता है। इनको फिजियोथेरेपी कराने से बिना दवा के ठीक हो गए। ऐसे मरीजों में युवा अधिक हैं।

इन बातों का रखें ख्याल

  • गर्दन के नीचे मोटा तकिया न लगाएं। डबल तकिया लगाकर न सोएं।
  • पीठ सीधी कर बैठने की आदत डालें, पीछे किसी का सहारा ले सकते हैं।
  • लेटकर टीवी-मोबाइल न चलाएं। 40 मिनट के बाद शरीर को वार्मअप करें।
  • योग और घर में व्यायाम करें, इससे रक्त संचार होने से जकड़न नहीं होती।
  • सर्वाइकल मरीज हैं तो डॉक्टर की ओर से बताया व्यायाम करें, दवाएं बंद न करें।
  • झटका देकर वजन न उठाएं, गठिया रोगी हैं तो वार्मअप करने के बाद चलें।
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