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लखनऊ हत्याकांड: तीन बैग, अरशद की मां और दो बहनें, आगरा में 18 दिसंबर की वो काली रात...जानें क्या हुआ था
Thu, 02 Jan 2025 01:08 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 02 Jan 2025 01:08 PM IST
सार
अरशद की मां और दो बहनें अंतिम बार 18 दिसंबर को घर आईं। उनके साथ अंजान व्यक्ति था। उन लोगों ने घर से तीन बैग उठाए और चल गए। वे कहां जा रहे हैं, इस बारे में किसी को नहीं बताया।
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अरशद के घर का 18 दिसंबर की रात का सीसीटीवी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
लखनऊ में आगरा के रहने वाले अरशद ने अपनी चार बहनों और मां की बेरहमी से हत्या कर दी। वो आगरा में 18 दिसंबर तक परिवार के साथ था। यहां पड़ोसी से झगड़ा हुआ, जिसके बाद पूरा परिवार चला गया। लेकिन रात को अरशद की मां और दो बहने एक अंजान व्यक्ति के साथ घर आईं थीं। वो घर से तीन बैग लेकर गई थीं।
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पुलिस ने पूछताछ के लिए पड़ोसी आफताब को थाने बुलाया था। उसने पुलिस को बताया कि 16 दिसंबर 2024 की शाम को एक टेंपो मोहल्ले से निकलकर जा रहा था। अरशद की दुकान के काउंटर से टेंपो टकरा गया। इससे सामान गिर गया। इस पर अरशद विवाद करने लगा। मामला पुलिस तक पहुंचा। मगर, पुलिस की माैजूदगी में मामूली विवाद होने पर राजीनामा हो गया। आफताब ने अपनी दुकान के सामने ही दूसरी दुकान में गोदाम बनाया हुआ है।
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इस गोदाम से 18 दिसंबर की सुबह 8 बजे वह सामान लेने जा रहा था। मगर, गोदाम के बाद बदरुददीन की साइकिल खड़ी थी। वह उसे हटाने की कहने लगा। आरोप है कि इस पर बदरुद्दीन ने विवाद किया। घर की छत पर चढ़कर पिता-पुत्र पथराव करने लगे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों परिवार सहित चले गए। रात में 8 बजे एक व्यक्ति के साथ आस्मा दो बेटियों को लेकर आईं। तीन बैग में सामान भरने के बाद जाने लगे। कुछ लोगों के पूूछने पर कोई जवाब नहीं दिया। उनके साथ आए अज्ञात व्यक्ति ने यही कहा कि वह जा रहे हैं। किसी काम से। वह अक्सर एक-एक महीने के लिए अजमेर जाया करते थे। इसलिए लोगों ने यही समझा कि वह अजमेर चले गए होंगे।
फोन पर लखनऊ में होने की दी थी जानकारी
थाना ट्रांस यमुना के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मुख्यमंत्री पाेर्टल पर शिकायत के बाद पुलिस ने जांच की थी। 23 दिसंबर पुलिस ने उसके घर गई थी। मगर परिवार घर में नहीं मिला था। 29 दिसंबर को फोन पर लखनऊ में होने की जानकारी दी थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि बदर और उसके बेटे अरशद ने 3 सप्ताह पहले ट्रांस यमुना के विहिप के एक पदाधिकारी से भी एक बार संपर्क किया था। मगर बाद में दोबारा संपर्क नहीं किया। 18 दिसंबर को परिवार घर पर ताला लगाकर चला गया था।
थाना ट्रांस यमुना के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मुख्यमंत्री पाेर्टल पर शिकायत के बाद पुलिस ने जांच की थी। 23 दिसंबर पुलिस ने उसके घर गई थी। मगर परिवार घर में नहीं मिला था। 29 दिसंबर को फोन पर लखनऊ में होने की जानकारी दी थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि बदर और उसके बेटे अरशद ने 3 सप्ताह पहले ट्रांस यमुना के विहिप के एक पदाधिकारी से भी एक बार संपर्क किया था। मगर बाद में दोबारा संपर्क नहीं किया। 18 दिसंबर को परिवार घर पर ताला लगाकर चला गया था।