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Mathura: भगवान गोदा रंगमन्नार ने भक्तों को दिए दर्शन, शुरू हुआ दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव
Fri, 10 Mar 2023 10:31 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 10 Mar 2023 10:31 AM IST
सार
उत्तर भारत में दक्षिणात्य शैली के सबसे विशाल देवालय श्रीरंगनाथ मंदिर दिव्यदेश का दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव आज से प्रारंभ हो गया है।
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भगवान गोदा रंगमन्नार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण शैली के रंगनाथ मंदिर में शुक्रवार को दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव शुरू हो गया। पहले दिन भगवान गोदारंगमन्नार स्वर्ण निर्मित पूर्ण कोठी में विराजकर नगर भ्रमण को निकले। भक्तों में भी भगवान रंगनाथ के दर्शन पाने की अभिलाषा देखी गई। भक्तों ने घरों के आगे भगवान के स्वागत के लिए रंगोली सजाईं।
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दक्षिण भारत की संस्कृति से बने श्रीरंगनाथ मंदिर में दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव शुरू हुआ। ब्रह्मोत्सव की सुबह शुरुआत गरुड़ स्तंभ पर ध्वजारोहण से हुई। मंदिर के पुरोहित विजय मिश्र के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य गरुड़ स्तंभ पर ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान उत्सव के भव्यता और दिव्यता से पूर्ण होने की भगवान से प्रार्थना की गई। ध्वजारोहण के पश्चात श्रीरंग मंदिर में श्री ब्रह्मोत्सव मेला के अंतर्गत प्रथम दिवस की प्रात:कालीन सवारी में भगवान गोदारंगमन्नार स्वर्ण निर्मित पूर्ण कोठी पर विराजमान होकर नगर में भक्तों को दर्शन देने निकले।
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पंडित विजय मिश्र ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान का सब कुछ दिव्य होता है। उनका विमान भी दिव्य है। अत: इसे पूर्ण कोठी कहा जाता है। इस सवारी में बैठे प्रभु के दर्शन मात्र करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। सायंकालीन सवारी में भगवान गोदारंगमन्नार ने स्वर्ण जड़ित सिंह पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन दिए।
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