43 लाख रुपये लूट का मामला: आरोपी अधिकारी की होगी गिरफ्तारी, पुलिस की टीम गठित
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वाणिज्यकर अधिकारियों ने धमकी देकर मथुरा के चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये हड़प लिए थे। पीड़ित ने थाना लोहामंडी में मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में अब आरोपी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और लूट की धारा भी बढ़ाई जाएगी।
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आगरा में मथुरा के चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये हड़पने के मामले में वाणिज्य कर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। थाना लोहामंडी में दर्ज केस में भ्रष्टाचार और लूट की धारा लगाई जाएगी। सीओ स्तर के अधिकारी से विवेचना कराई जाएगी। वहीं आरोपी अधिकारी सहित अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन कर दिया गया है।
मथुरा के गोविंद नगर की महाविद्या कॉलोनी निवासी चांदी कारोबारी प्रदीप अग्रवाल की विनायक ट्रेडर्स के नाम से फर्म है। कारोबारी के मुताबिक 30 अप्रैल की रात को वह चालक राकेश चौहान के साथ बिहार के कटिहार से लौटकर मथुरा जा रहे थे। उनकी गाड़ी में एक थैले में चांदी के जेवरात की बिक्री के 43 लाख रुपये रखे थे।
लखनऊ एक्सप्रेसवे के फतेहाबाद टोल पर उनकी गाड़ी को रोका गया था। आरोप है कि उन्हें जयपुर हाउस स्थित जीएसटी कार्यालय लाया गया था। जेल भेजने की धमकी देकर 43 लाख रुपये लूट लिए गए थे। पीड़ित की तहरीर पर थाना लोहामंडी में अमानत में खयानत और धमकी देने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
इन लोगों पर दर्ज हुआ है मुकदमा
वाणिज्यकर कमिश्नर मिनिस्ती एस के आदेश पर विभागीय जांच में अधिकारियों के नाम सामने आ गए थे। उन्होंने एसएसपी को पत्र भेजकर असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार, वाणिज्यकर अधिकारी शैलेंद्र कुमार, सिपाही संजीव कुमार और प्राइवेट गाड़ी चालक दिनेश कुमार के नाम मुकदमे में शामिल करने को कहा था।
मुकदमे के संबंध में एसएसपी मुनिराज जी ने शुक्रवार को एसपी सिटी, सीओ लोहामंडी और निरीक्षक के साथ बैठक की। एसएसपी ने बताया कि पूर्व में केस वादी की तहरीर के आधार पर दर्ज किया गया था। मगर, आरोप सरकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर है। कार्यालय लाकर रकम से भरा थैला लिया गया था।
इसलिए केस में भ्रष्टाचार अधिनियम और लूट की धारा लगाई जा रही है। विवेचना सीओ स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी। साक्ष्य भी जुटाए जाएंगे। विभागीय स्तर पर अधिकारियों के नाम मिलने पर केस में नामों को शामिल कर लिया गया है। सभी विभागीय जांच में दोषी पाए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है।
आरोपी अधिकारी निलंबित
थाना लोहामंडी के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार शुक्रवार को जीएसटी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने केस के संबंध में जानकारी की। उन्हें पता चला कि आरोपी असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार और वाणिज्यकर अधिकारी शैलेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उन्हें मिर्जापुर और बांदा अटैच किया गया है।
सिपाही गाजियाबाद से ट्रांसफर पर आया था। उसके निलंबन के लिए संबंधित जिले के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। आरोपी चालक प्राइवेट है। इसलिए उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई संभव नहीं थी। उसको गिरफ्तार किया जाएगा। वह भी घटना में शामिल रहा है।