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यूपी: एटा से किसे मिलेगा बसपा से टिकट, ये दावेदार बिगाड़ सकते हैं भाजपा-सपा के समीकरण

Thu, 14 Mar 2024 04:53 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 14 Mar 2024 04:53 PM IST
सार

एटा लोकसभा सीट पर बसपा के दांव पर सबकी निगाहें हैं। बसपा से टिकट की कतार में यादव, मुस्लिम सहित क्षत्रिय, ब्राह्मण और शाक्य आवेदक हैं। माना जा रहा है कि बसपा का प्रत्याशी घोषित तय करेगा कि चुनाव में मुकाबला कैसे होने वाला है।

 

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Lok sabha election 2024 BSP contenders from Etah Lok Sabha seat may spoil equation of BJP-SP
बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala

विस्तार

लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना जारी हुए बिना चुनाव समर का शंख गूंजने लगा है। एटा लोकसभा सीट पर भाजपा और सपा ने प्रत्याशी घोषित कर प्रचार में ताकत झोंकना शुरू कर दिया है। कांग्रेस सपा से गठबंधन में है। बसपा से अभी तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं है, जिस पर सबकी निगाहें ठहरी हुई हैं। यह दांव तय करेगा कि मुकाबला त्रिकोणीय होगा या फिर बसपा प्रत्याशी भाजपा-सपा के जातीय समीकरण बिगाड़ने तक सीमित रहेगा।
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एटा लोकसभा सीट पर अब तक बसपा ने सात चुनाव लड़े हैं। हर बार नया प्रत्याशी खड़ा किया। लेकिन सफलता अभी तक हाथ नहीं लग सकी है। अधिकांश चुनावों में मुख्य रूप से इस सीट पर भाजपा और सपा के बीच ही मुकाबला होता रहा है। पिछले चुनाव में सपा से गठबंधन कर पार्टी ने इस सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारा था। लेकिन इस बार पार्टी सुप्रीमाे मायावती गठबंधन से स्पष्ट इन्कार कर चुकी हैं। ऐसे में तय माना जा रहा है कि बसपा यहां भी मजबूत प्रत्याशी को उतारेगी।

 
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स्थानीय स्तर से टिकट के लिए नौ आवेदन पार्टी मुख्यालय भेजे गए हैं। इनमें सबसे अधिक दावेदार यादव वर्ग से तीन हैं। वहीं दो मुस्लिम दावेदार भी हैं। इनमें से किसी दावेदार को टिकट मिलता है तो यह सपा के लिए बड़ा झटका हो सकता है। दोनों ही वर्ग सपा के बेस वोट बैंक कहे जाते हैं। बसपा का सजातीय प्रत्याशी होने पर बिखराव होने की संभावना निश्चित रूप से बनेगी।



 
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वहीं दो आवेदन क्षत्रिय, एक ब्राह्मण वर्ग का भी है। इनमें से कोई प्रत्याशी घोषित होता है तो भाजपा के लिए घाटे की बात हो सकती है। क्योंकि लोधी के बाद भाजपा के वोट बैंक में सवर्ण मतदाता गिने जाते हैं। यदि क्षत्रिय या ब्राह्मण प्रत्याशी आता है तो वोटों का बंटवारा होगा। जिसका खामियाजा भाजपा को ही उठाना पड़ेगा। इनके अलावा एक आवेदन शाक्य प्रत्याशी का भी है। पूर्व के चुनावों में शाक्य मतदाता भाजपा के पक्ष में ही मतदान करते रहे हैं।

 

इस बार सपा ने शाक्य प्रत्याशी उतारा है। ऐसे में दोनों ही पार्टियां शाक्य मतदाताओं को अपने पाले में खींचने के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं। बसपा से भी शाक्य प्रत्याशी मैदान में उतरता है तो यह विभाजन तीन जगह होगा और भाजपा के साथ सपा को भी खामियाजा उठाना पड़ेगा। बसपा जिलाध्यक्ष बलवीर भास्कर का कहना है कि जिले से नौ आवेदन भेजे गए हैं। जिन पर मंथन लगभग हो चुका है। एक-दो दिन में प्रत्याशियों की घोषणा हाेने वाली है।
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