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'गठबंधन की लाठी' के सहारे जीते 'धरतीपुत्र' मुलायम, इतने वोटों से मिली विजयश्री
Thu, 23 May 2019 10:31 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 23 May 2019 10:31 PM IST
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मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
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ब्रज में मोदी लहर ऐसी चली कि समाजवादी पार्टी के सूरमा चित्त हो गए। सिर्फ मैनपुरी में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। अपने आखिरी चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने 'लड़खड़ाते' हुए जीत हासिल की। भाजपा उम्मीदवार ने कड़ी टक्कर दी। मैनपुरी लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को छोड़कर सभी की जमानत जब्त हो गई।
अंतिम राउंड की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी के प्रेम सिंह शाक्य को 4,30537 मत प्राप्त हुए। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव 5,24926
मत प्राप्त हुए। मुलायम सिंह ने यहां से 94,389 वोट जीत प्राप्त की।
गठबंधन प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव ने जीत हासिल की। लोकसभा सीट मैनपुरी से गठबंधन प्रत्याशी के रूप में मुलायम सिंह यादव ने चुनाव लड़ा था।
भाजपा ने प्रेमसिंह शाक्य को चुनाव मैदान में उतारा था। दस प्रत्याशियों ने भी चुनाव लड़ा था। चुनाव के दौरान कई प्रत्याशियों ने तो पूरे लोकसभा क्षेत्र में प्रचार तक नहीं किया।
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अंतिम राउंड की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी के प्रेम सिंह शाक्य को 4,30537 मत प्राप्त हुए। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव 5,24926
मत प्राप्त हुए। मुलायम सिंह ने यहां से 94,389 वोट जीत प्राप्त की।
गठबंधन प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव ने जीत हासिल की। लोकसभा सीट मैनपुरी से गठबंधन प्रत्याशी के रूप में मुलायम सिंह यादव ने चुनाव लड़ा था।
भाजपा ने प्रेमसिंह शाक्य को चुनाव मैदान में उतारा था। दस प्रत्याशियों ने भी चुनाव लड़ा था। चुनाव के दौरान कई प्रत्याशियों ने तो पूरे लोकसभा क्षेत्र में प्रचार तक नहीं किया।
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चुनाव दौरान मतदाता भी नहीं जान सके कि गठबंधन और भाजपा के अलावा अन्य कौन-कौन प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान के दिन भी कई प्रत्याशी लोकसभा क्षेत्र में नजर नहीं आए।
चुनाव के दौरान मुकाबला मुलायम सिंह यादव और प्रेमसिंह शाक्य के बीच ही रहा। लोकसभा क्षेत्र में मतदाता भी इन्हीं दोनों प्रत्याशियों के बीच ही बंटे रहे। मतगणना के बाद जब चुनाव परिणाम घोषित हुआ तो केवल भाजपा प्रत्याशी प्रेमसिंह शाक्य ही अपनी जमानत बचा सके। शेष दस प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई।
चुनाव के दौरान मुकाबला मुलायम सिंह यादव और प्रेमसिंह शाक्य के बीच ही रहा। लोकसभा क्षेत्र में मतदाता भी इन्हीं दोनों प्रत्याशियों के बीच ही बंटे रहे। मतगणना के बाद जब चुनाव परिणाम घोषित हुआ तो केवल भाजपा प्रत्याशी प्रेमसिंह शाक्य ही अपनी जमानत बचा सके। शेष दस प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई।