{"_id":"613d706ff02a4217904b70a3","slug":"lok-adalat-solved-58-thousand-cases","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा में लोक अदालत: छह घंटे में निपटाए 58,335 वाद, आपसी समझौते से निपटे विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा में लोक अदालत: छह घंटे में निपटाए 58,335 वाद, आपसी समझौते से निपटे विवाद
Sun, 12 Sep 2021 08:46 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 12 Sep 2021 08:46 AM IST
सार
लोक अदालत में वादकारियों को सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है। अनाप शनाप खर्च व समय की बर्बादी से भी बचत होती है। नोडल अधिकारी मोहम्मद राशिद, सचिव मुक्ता त्यागी सहित न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
आगरा लोक अदालत में आए फरियादी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा दीवानी से लेकर तहसील स्तर तक शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 58335 वाद छह घंटे में निस्तारित कर दिए गए। एक शिक्षिका की हादसे में मौत के मामले में बीमा कंपनी से पति और बच्चों को मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये धनराशि दिलवाई गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन सुबह दस बजे जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने फीता काटकर और मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत में वादकारियों को सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है। अनाप शनाप खर्च व समय की बर्बादी से भी बचत होती है। नोडल अधिकारी मोहम्मद राशिद, सचिव मुक्ता त्यागी सहित न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन सुबह दस बजे जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने फीता काटकर और मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत में वादकारियों को सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है। अनाप शनाप खर्च व समय की बर्बादी से भी बचत होती है। नोडल अधिकारी मोहम्मद राशिद, सचिव मुक्ता त्यागी सहित न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
पति-बच्चों को मिला 50 लाख मुआवजा
राष्ट्रीय लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण आरपी श्रीवास्तव ने 253 मामलों का निस्तारण किया। बीमा कंपनियों से पीड़ितों को 150136981 रुपये का मुआवजा दिलाया गया। दुर्घटना में दिल्ली पब्लिक स्कूल की शिक्षिका सुधा सिंह की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश आरपी श्रीवास्तव ने सुनवाई की। शाहगंज की रहने वाले राजनीश कुमार सिंह की पत्नी सुधा सिंह मथुरा के स्कूल में शिक्षिका थीं।
ये था मामला
चार जुलाई 2019 को वो कार से घर आ रही थीं। रुनकता में हाईवे के सर्विस रोड पर सामने से आती कार की टक्कर लग गई थी। इसमें वो घायल हो गईं। बाद में उनकी मौत हो गई। पति ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के समक्ष मुआवजे के लिए अपने अधिवक्ता राजेश कुमार सिंघल और राघव सिंघल के माध्यम से मुकदमा प्रस्तुत किया। इस पर न्यायाधीश ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के मध्य समझौता कराया गया। इसमें 50 लाख रुपये प्रतिकर धनराशि पर पक्ष सहमत हुए। आपसी समझौते को अंतिम रूप दिया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण आरपी श्रीवास्तव ने 253 मामलों का निस्तारण किया। बीमा कंपनियों से पीड़ितों को 150136981 रुपये का मुआवजा दिलाया गया। दुर्घटना में दिल्ली पब्लिक स्कूल की शिक्षिका सुधा सिंह की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश आरपी श्रीवास्तव ने सुनवाई की। शाहगंज की रहने वाले राजनीश कुमार सिंह की पत्नी सुधा सिंह मथुरा के स्कूल में शिक्षिका थीं।
ये था मामला
चार जुलाई 2019 को वो कार से घर आ रही थीं। रुनकता में हाईवे के सर्विस रोड पर सामने से आती कार की टक्कर लग गई थी। इसमें वो घायल हो गईं। बाद में उनकी मौत हो गई। पति ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के समक्ष मुआवजे के लिए अपने अधिवक्ता राजेश कुमार सिंघल और राघव सिंघल के माध्यम से मुकदमा प्रस्तुत किया। इस पर न्यायाधीश ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के मध्य समझौता कराया गया। इसमें 50 लाख रुपये प्रतिकर धनराशि पर पक्ष सहमत हुए। आपसी समझौते को अंतिम रूप दिया गया।
एक हुए 29 जोड़े
राष्ट्रीय लोक अदालत में पति-पत्नी के बीच विवाद में सुलह भी कराई गई। कोई पांच साल से तो कोई छह महीने से अलग रह रहा था। मगर, आपसी सहमती और समझौते से विवाद सुलझ गए। शाम तक 29 जोड़े एक हो गए।
टोरंट का नहीं लगा शिविर, बैंकों से भी राहत नहीं
राष्ट्रीय लोक अदालत में टोरंट का शिविर नहीं लगा था। इस कारण तमाम लोगों को वापस जाना पड़ा। वहीं बैंक के शिविर लगे थे। मगर, कई मामलों में छूट नहीं मिलने पर पीड़ितों को मायूस होकर वापस जाना पड़ा। वहीं वाहन चालान के मामले अधिक आए। लोगों ने अपनी जुर्माना राशि पर छूट पाई। उनसे न्यूनतम शमन शुल्क वसूला गया।
किरावली के रहने वाले 90 साल के पूरन चंद शर्मा आए थे। उन्होंने बताया कि एलडीसी से कोई लोन नहीं लिया था। फिर भी 11 हजार रुपये का नोटिस घर भेजा गया है। यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
गांव डावली निवासी 70 वर्षीय फकीरा ने बताया कि वर्ष 2015 में दस कट्टा डाई (खाद) जिला सहकारी बैंक से लिया था। 14 कुंतल गेहूं बेचकर पैसा भरा था। मगर, सहकारी समिति मनिया, अकोला के अधिकारियों ने रसीद नहीं दी। एक खाली चेक हस्ताक्षर कराकर और ले लिया। अब 60 हजार का नोटिस भेजा गया है। आरोप है कि खाली चेक भरकर रुपये निकाल लिए।
गांव डावली निवासी वासदेव ने बताया कि 14 अप्रैल 2016 को जिला सहकारी बैंक से 49 हजार रुपये का लोन लिया था, जिसे सितंबर 2016 में भर दिया था। मगर, बैंक की ओर से रसीद नहीं दी गई। 91 हजार रुपये बकाया का नोटिस भेजा गया है।
रुदमुली, बाह निवासी उर्मिला देवी ने जिला सहकारी समिति बाह से पांच नवंबर 2016 को 9480 रुपये का खादी बीज के लिए लोन लिया था। नोटिस 12460 रुपये मिला। रियायत न मिलने पर मायूस होकर लौटना पड़ा।
राष्ट्रीय लोक अदालत में पति-पत्नी के बीच विवाद में सुलह भी कराई गई। कोई पांच साल से तो कोई छह महीने से अलग रह रहा था। मगर, आपसी सहमती और समझौते से विवाद सुलझ गए। शाम तक 29 जोड़े एक हो गए।
टोरंट का नहीं लगा शिविर, बैंकों से भी राहत नहीं
राष्ट्रीय लोक अदालत में टोरंट का शिविर नहीं लगा था। इस कारण तमाम लोगों को वापस जाना पड़ा। वहीं बैंक के शिविर लगे थे। मगर, कई मामलों में छूट नहीं मिलने पर पीड़ितों को मायूस होकर वापस जाना पड़ा। वहीं वाहन चालान के मामले अधिक आए। लोगों ने अपनी जुर्माना राशि पर छूट पाई। उनसे न्यूनतम शमन शुल्क वसूला गया।
किरावली के रहने वाले 90 साल के पूरन चंद शर्मा आए थे। उन्होंने बताया कि एलडीसी से कोई लोन नहीं लिया था। फिर भी 11 हजार रुपये का नोटिस घर भेजा गया है। यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
गांव डावली निवासी 70 वर्षीय फकीरा ने बताया कि वर्ष 2015 में दस कट्टा डाई (खाद) जिला सहकारी बैंक से लिया था। 14 कुंतल गेहूं बेचकर पैसा भरा था। मगर, सहकारी समिति मनिया, अकोला के अधिकारियों ने रसीद नहीं दी। एक खाली चेक हस्ताक्षर कराकर और ले लिया। अब 60 हजार का नोटिस भेजा गया है। आरोप है कि खाली चेक भरकर रुपये निकाल लिए।
गांव डावली निवासी वासदेव ने बताया कि 14 अप्रैल 2016 को जिला सहकारी बैंक से 49 हजार रुपये का लोन लिया था, जिसे सितंबर 2016 में भर दिया था। मगर, बैंक की ओर से रसीद नहीं दी गई। 91 हजार रुपये बकाया का नोटिस भेजा गया है।
रुदमुली, बाह निवासी उर्मिला देवी ने जिला सहकारी समिति बाह से पांच नवंबर 2016 को 9480 रुपये का खादी बीज के लिए लोन लिया था। नोटिस 12460 रुपये मिला। रियायत न मिलने पर मायूस होकर लौटना पड़ा।
कांग्रेस नेताओं ने नहीं भरा जुर्माना
कांग्रेस नेता रामटंडन, पार्षद शिरोमणि सिंह, पूर्व पार्षद महावीर वर्मा, अजहर वारसी, अदनान कुरैशी, बिलाल अहमद शनिवार को कोर्ट में आए। उन्हें कोर्ट का समन मिला था। उनके खिलाफ वर्ष 2019 में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने पर धारा 144 के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज हुआ था। कोर्ट ने प्रति व्यक्ति एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। मगर, कांग्रेस नेताओं ने जुर्माना नहीं भरा। केस लड़ने को कहा।
अधिवक्ताओं ने लगाया सहायता शिविर
अधिवक्ता सहयोग समिति के तत्वावधान में निशुल्क कानूनी सहायता शिविर लगाया गया। इसमें सुरेंद्र सिंह पप्पू, प्रवीन पाराशर, कृपाल सिंह वर्मा, भूपेंद्र प्रधान, उमेश वर्मा, राकेश गोस्वामी, आनंद शर्मा, ओमकार सिंह आदि मौजूद रहे।
इन वादों का हुआ निस्तारण
जनपद न्यायाधीश और अपर जनपद न्यायाधीश की ओर से अन्य प्रकृति के 559 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय और अतिरिक्त परिवार न्यायालयों में 120 वादों का निस्तारण किया गया। जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर कुल 58335 वादों का निस्तारण किया गया।
डेंगू का प्रकोप: आंखों में आंसू...गोद में बुखार से तपते 'लाल', दिल झकझोर देगा फिरोजाबाद का हाल
मुसीबत बना डायवर्जन: गंगाजल पाइप लाइन ने थाम दी 'व्यापार की रफ्तार', व्यापारियों के सामने माल पहुंचाने की समस्या
कांग्रेस नेता रामटंडन, पार्षद शिरोमणि सिंह, पूर्व पार्षद महावीर वर्मा, अजहर वारसी, अदनान कुरैशी, बिलाल अहमद शनिवार को कोर्ट में आए। उन्हें कोर्ट का समन मिला था। उनके खिलाफ वर्ष 2019 में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने पर धारा 144 के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज हुआ था। कोर्ट ने प्रति व्यक्ति एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। मगर, कांग्रेस नेताओं ने जुर्माना नहीं भरा। केस लड़ने को कहा।
अधिवक्ताओं ने लगाया सहायता शिविर
अधिवक्ता सहयोग समिति के तत्वावधान में निशुल्क कानूनी सहायता शिविर लगाया गया। इसमें सुरेंद्र सिंह पप्पू, प्रवीन पाराशर, कृपाल सिंह वर्मा, भूपेंद्र प्रधान, उमेश वर्मा, राकेश गोस्वामी, आनंद शर्मा, ओमकार सिंह आदि मौजूद रहे।
इन वादों का हुआ निस्तारण
जनपद न्यायाधीश और अपर जनपद न्यायाधीश की ओर से अन्य प्रकृति के 559 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय और अतिरिक्त परिवार न्यायालयों में 120 वादों का निस्तारण किया गया। जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर कुल 58335 वादों का निस्तारण किया गया।
डेंगू का प्रकोप: आंखों में आंसू...गोद में बुखार से तपते 'लाल', दिल झकझोर देगा फिरोजाबाद का हाल
मुसीबत बना डायवर्जन: गंगाजल पाइप लाइन ने थाम दी 'व्यापार की रफ्तार', व्यापारियों के सामने माल पहुंचाने की समस्या