फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Lockdown Colorful Butterflies Start Appearing Again

लॉकडाउन अच्छा है, फिर से दिखने लगीं रंग-बिरंगी तितलियां, पर्यावरण वैज्ञानिकों को जगी उम्मीद

Thu, 30 Apr 2020 02:47 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 30 Apr 2020 02:47 PM IST
विज्ञापन
Lockdown Colorful Butterflies Start Appearing Again
तितली - फोटो : अमर उजाला
सुबह सवेरे आती तितली, फूल-फूल पर जाती तितली, रंग बिरंगे पंख सजाए, सबके मन को भाती तितली। लॉकडाउन में वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण कम होने रंग-बिरंगी तितलियां फिर से दिखने लगीं हैं। पर्यावरण वैज्ञानिक उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले दिनों में इनका कुनबा और बढ़ेगा। पर्यावरण प्रदूषण की वजह से तितलियां विलुप्त हो रही थीं।  
विज्ञापन


बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह के साथ धीरेंद्र और अन्य सदस्य एक वर्ष से आगरा, मथुरा, भरतपुर और धौलपुर में तितलियों पर अध्ययन कर रहे हैं। डॉ. केपी सिंह का कहना है कि सर्द और नम हवाओं का मौसम तितलियों को बहुत सुहाता है।
विज्ञापन


आगरा में यमुना व चंबल नदी के अलावा जंगल और हरियाली भरपूर है। लॉकडाउन की वजह से मौसम में सुधार होने से तितलियों की लुप्तप्राय प्रजातियां भी देखने को मिल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

Lockdown Colorful Butterflies Start Appearing Again
तितली - फोटो : अमर उजाला
तितलियों की विश्वभर में करीब 2400 प्रजातियां हैं, इनमें से 1600 प्रजातियां भारत में देखी गई हैं। इसमें से करीब 150 प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। पर्यावरण में सुधार होने से कई प्रजातियों के माइग्रेट करके आने की संभावनाएं बन रही हैं।

आगरा व आसपास इन प्रजातियों की तितलियां मिलती हैं 
आगरा व इसके आसपास के क्षेत्रों में पीकॉक पेंसी, मोटेल्ड इमाइग्रेंट, कॉमन इमाइग्रेंट, पेंटेड लेडी, डेनेड एगफ्लाई, ब्लू पेंसी, येलो पेंसी, कॉमन इडियन क्रो, स्माल ग्रास येलो, कॉमन ग्रास येलो, चॉकलेट पेंसी, प्लेन टाइगर, ब्लू टाइगर, कॉमन टाइगर, लाइम, कॉमन मोरमोन, कॉमन रोज, कॉमन लैपर्ड, कॉमन केस्टर, इडियन पायोनियर, येलो ओरेंज टिप, व्हाइट ओरेंज टिप आदि प्रजातियों को देखा गया है।

इन कारणों से विलुप्त हो रहीं तितलियां
डॉ. केपी सिंह के मुताबिक अंधाधुंध शहरीकरण, आवश्यक नेटिव पौधों के उजड़ने, अनुपयोगी पौधों के रोपण, मोबाइल टॉवरों की तरंगें, इंटरनेट वाले स्मार्ट फोन का तितलियों के हेवीटाट तक पहुंचना, फसलों में इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक दवाइयां, तस्करी आदि तितलियों के विलुप्त होने का मुख्य कारण हैं।

Lockdown Colorful Butterflies Start Appearing Again
बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह - फोटो : अमर उजाला
इन पेड़-पौधों पर निर्भर है तितलियों का जीवन
तितलियां जैव विविधता का महत्वपूर्ण अंग हैं। परागण की प्रक्रिया में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इनकी कमी फसल के उत्पादन को भी प्रभावित करती हैं। तितलियों का जीवन चक्र होस्ट प्लांट व नेक्टर प्लांट पर निर्भर रहता है।

होस्ट प्लांट पर तितलियां अंडे देती हैं व नेक्टर प्लांट से भोजन और ऊर्जा ग्रहण करती हैं। होस्ट प्लांट में पत्थरचटा, मीठा नीम, केसिया, लैमन, मैंगा, पीलू, पीकॉक फ्लॉवर, अरंडी आदि आते हैं। नेक्टर प्लांट में गुलाब, चित्रक, पलाश, सैभल, शिरिश, जैट्रोफा, गेंदा, अनार, गुड़हल, खैर, कैथ, महुआ, पलाश, सहजन, सूरजमुखी आदि पौधे आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed