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आगरा में सफाई अभियान का 'काला सच', लोग बोले- ऐसे हालात रहे तो मकान बेचकर जाना पड़ेगा
Sat, 05 Oct 2019 02:39 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 05 Oct 2019 02:39 PM IST
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सड़कों पर भरा सीवर का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के 100 वार्डों में सफाई अभियान का दावा किया जा रहा है, लेकिन शहर की गलियों, मोहल्लों, कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर सीवर उफान मार रहा है। दुर्गंध से लोग परेशान हैं। शहीद नगर, मुस्तफा क्वार्टर, लोहामंडी, बेलनगंज, ताजगंज, केदार नगर, बल्केश्वर और आवास विकास कॉलोनी में सीवर बहने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-6 सी में शुक्रवार दोपहर में फिर से सड़कों पर सीवर भर गया।
वार्ड नंबर 35 मुस्तफा क्वार्टर में गंदा पानी और सीवर भरने पर निकासी के लिए संपवेल लगा हुआ है। संपवेल ठीक ढंग से न चलाने के कारण मुस्तफा क्वार्टर में जलभराव हो चुका है। क्षेत्र के करीब 5000 लोग समस्या से प्रभावित हैं।
इस क्षेत्र के सेनेटरी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने छह माह से जलभराव होने की रिपोर्ट मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपी है। इसमें जलभराव से बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जल संस्थान के महाप्रबंधक आरएस यादव से संपवेल के पंप ठीक कराकर चलाने के लिए कहा है। जलकल विभाग ही यहां संपवेल का रखरखाव कर रहा है।
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वार्ड नंबर 35 मुस्तफा क्वार्टर में गंदा पानी और सीवर भरने पर निकासी के लिए संपवेल लगा हुआ है। संपवेल ठीक ढंग से न चलाने के कारण मुस्तफा क्वार्टर में जलभराव हो चुका है। क्षेत्र के करीब 5000 लोग समस्या से प्रभावित हैं।
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इस क्षेत्र के सेनेटरी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने छह माह से जलभराव होने की रिपोर्ट मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपी है। इसमें जलभराव से बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जल संस्थान के महाप्रबंधक आरएस यादव से संपवेल के पंप ठीक कराकर चलाने के लिए कहा है। जलकल विभाग ही यहां संपवेल का रखरखाव कर रहा है।
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आवास विकास कॉलोनी की तरह ही शहीद नगर की गलियों में घुस पाना मुश्किल है। यहां एलआईजी और ईडब्ल्यूएस मकानों की गलियों में सीवर सड़क पर उफन रहा है। रात की बारिश के बाद यहां हालात और खराब हो गए। करीब 8000 समस्या से परेशान हैं।
ईडल्ब्यूएस के क्षेत्रीय निवासी मो. मुस्तफा और शकील के मुताबिक जुलाई से लेकर अब तक गली में सीवर भरा हुआ है। थोड़ी सी ही बारिश में घर में भी घुसना शुरू हो जाता है। इसलिए मजबूरी में घर के आगे ऊंची देहरी बनवानी पड़ी है।
दीक्षांत समारोह से पहले सीवर बहने का डर
कुलसचिव ने नगर आयुक्त अरुण प्रकाश से खंदारी परिसर के गेट नंबर दो से फ्रें डस आशियाना के पास मुख्य सड़क तक खोदाई की अनुमति और सीवर लाइन डालने के लिए मदद मांगी है। 11 अक्तूबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह है।
ईडल्ब्यूएस के क्षेत्रीय निवासी मो. मुस्तफा और शकील के मुताबिक जुलाई से लेकर अब तक गली में सीवर भरा हुआ है। थोड़ी सी ही बारिश में घर में भी घुसना शुरू हो जाता है। इसलिए मजबूरी में घर के आगे ऊंची देहरी बनवानी पड़ी है।
दीक्षांत समारोह से पहले सीवर बहने का डर
कुलसचिव ने नगर आयुक्त अरुण प्रकाश से खंदारी परिसर के गेट नंबर दो से फ्रें डस आशियाना के पास मुख्य सड़क तक खोदाई की अनुमति और सीवर लाइन डालने के लिए मदद मांगी है। 11 अक्तूबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह है।
विश्वविद्यालय प्रशासन को डर है कि वीआईपी आगमन पर सीवर लाइन लीक न कर जाए। खंदारी परिसर में महिला छात्रावास, गेस्ट हाउस, जय प्रकाश सभागार समेत परिसर के सीवरेज के निकास के लिए इसे मुख्य सड़क पर बने सीवर लाइन के मेन होल से जोड़ा जाना है।
सीवर चेंबर जोड़ने को मिले 7.82 करोड़
अमृत योजना के तहत घरों के सीवर कनेक्शन जोड़ने के लिए 7.82 करोड़ रुपये नगर निगम को मिले हैं। यह योजना 26.79 करोड़ रुपये की है। केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान को मिलाकर दूसरी किस्त दी गई है। इससे इस साल के अंत तक शाहगंज और लोहामंडी जोन में सीवर कनेक्शन जोड़े जाएंगे।
सीवर चेंबर जोड़ने को मिले 7.82 करोड़
अमृत योजना के तहत घरों के सीवर कनेक्शन जोड़ने के लिए 7.82 करोड़ रुपये नगर निगम को मिले हैं। यह योजना 26.79 करोड़ रुपये की है। केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान को मिलाकर दूसरी किस्त दी गई है। इससे इस साल के अंत तक शाहगंज और लोहामंडी जोन में सीवर कनेक्शन जोड़े जाएंगे।
नालियों को सीवर से जोड़ने से हुई परेशानी
सवाल: शहीद नगर, आवास विकास समेत कॉलोनियों में सीवर उफन रहे हैं, ये समस्या दूर क्यों नहीं होती?
जवाब: सीवर लाइनें कहीं कनेक्ट नहीं हैं तो कहीं नालों से जुड़ी हैं। बड़ा बेतरतीब सिस्टम है। इन दोनों ही जगह नालियों को सीवरेज सिस्टम से जोड़ दिया है, जो परेशानी बन गया है।
सवाल: आवास विकास सेक्टर 6 सी में फिर से सीवर भर गया है?
जवाब: यहां स्थायी समाधान के लिए नगर निगम और जलकल की संयुक्त टीम शनिवार को निरीक्षण के लिए जाएगी और स्थायी समाधान के उपाय देखकर उन पर काम कराया जाएगा। सेक्टर 6 सी की समस्या प्राथमिकता पर है।
सवाल: शहीद नगर की समस्या कब दूर होगी?
जवाब: फिलहाल तो जेट मशीन लगाकर दूर करा देंगे, लेकिन इसका स्थायी समाधान पाइप लाइन से जुड़कर ही होगा। निजी कंपनी के हाथों सीवरेज सिस्टम जा रहा है। उसके बाद ही समस्या स्थायी रूप से दूर हो पाएगी।
-आरएस यादव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग
जवाब: सीवर लाइनें कहीं कनेक्ट नहीं हैं तो कहीं नालों से जुड़ी हैं। बड़ा बेतरतीब सिस्टम है। इन दोनों ही जगह नालियों को सीवरेज सिस्टम से जोड़ दिया है, जो परेशानी बन गया है।
सवाल: आवास विकास सेक्टर 6 सी में फिर से सीवर भर गया है?
जवाब: यहां स्थायी समाधान के लिए नगर निगम और जलकल की संयुक्त टीम शनिवार को निरीक्षण के लिए जाएगी और स्थायी समाधान के उपाय देखकर उन पर काम कराया जाएगा। सेक्टर 6 सी की समस्या प्राथमिकता पर है।
सवाल: शहीद नगर की समस्या कब दूर होगी?
जवाब: फिलहाल तो जेट मशीन लगाकर दूर करा देंगे, लेकिन इसका स्थायी समाधान पाइप लाइन से जुड़कर ही होगा। निजी कंपनी के हाथों सीवरेज सिस्टम जा रहा है। उसके बाद ही समस्या स्थायी रूप से दूर हो पाएगी।
-आरएस यादव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग