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Agra News: 650 करोड़ से ज्यादा का लोन वितरण आयकर के रडार पर
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आगर। पैसा लो फाइनेंस कंपनी के व्यावसायिक ठिकानों पर आयकर का सर्वे शुक्रवार को भी जारी रहा। सर्वे करने वाले अधिकारी परिसरों में माैजूद डिजिटल उपकरणों व दस्तावेज से अपने पास माैजूद रिकाॅर्ड का मिलान करते रहे। सूत्रों के अनुसार कंपनी के करीब 650 करोड़ रुपये से ज्यादा के छोटे-बड़े लोन विभागीय अधिकारियों के रडार पर हैं।
आशंका है कि पहले एसई इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के नाम से जानी जाने वाली प्रबंध निदेशक सुनील पुरुषोत्तम अग्रवाल व उनके बेटे व उप प्रबंध निदेशक शांतनु अग्रवाल की पैसा लो कंपनी में लोन देने के साथ-साथ वसूले जाने वाले ब्याज की लिखापढ़ी में भारी खेल किया गया। विभाग को शक है कि प्रबंधन में शामिल लोगों ने कमाई को छुपाया।
एसई इंटरप्राइजेज फिलहाल टीमें शुक्रवार रात तक गांधीनगर स्थित कंपनी के हेड ऑफिस से जानकारी जुटाती रहीं। सूत्रों का कहना है कि पैसा लो के अलावा नुपुर फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के भी दस्तावेज जांच के दायरे में हैं। बता दें, कंपनी लघु व्यवसाय, एमएसएमई, ई-वाहन, प्रयुक्त कारें और आजीविका से जुड़े कार्य के लिए 10 हजार से लेकर 3 लाख तक के लोन देती है। वह ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के कम आय वाले और बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को लोन देने का काम करती है।
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आशंका है कि पहले एसई इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के नाम से जानी जाने वाली प्रबंध निदेशक सुनील पुरुषोत्तम अग्रवाल व उनके बेटे व उप प्रबंध निदेशक शांतनु अग्रवाल की पैसा लो कंपनी में लोन देने के साथ-साथ वसूले जाने वाले ब्याज की लिखापढ़ी में भारी खेल किया गया। विभाग को शक है कि प्रबंधन में शामिल लोगों ने कमाई को छुपाया।
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एसई इंटरप्राइजेज फिलहाल टीमें शुक्रवार रात तक गांधीनगर स्थित कंपनी के हेड ऑफिस से जानकारी जुटाती रहीं। सूत्रों का कहना है कि पैसा लो के अलावा नुपुर फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के भी दस्तावेज जांच के दायरे में हैं। बता दें, कंपनी लघु व्यवसाय, एमएसएमई, ई-वाहन, प्रयुक्त कारें और आजीविका से जुड़े कार्य के लिए 10 हजार से लेकर 3 लाख तक के लोन देती है। वह ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के कम आय वाले और बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को लोन देने का काम करती है।
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