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दयालबाग शिक्षण संस्थान में सर्दी-जुकाम से पीड़ित छात्रों की सूची चस्पा, लोगों ने बताया गलत कदम
Fri, 20 Mar 2020 12:37 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 20 Mar 2020 12:37 AM IST
सार
संस्थान ने सर्दी-जुकाम वाले 18 विद्यार्थियों और स्टाफ के लोगों की सूची चस्पा की, आने से मना किया
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दयालबाग शिक्षण संस्थान
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विस्तार
आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) में बृहस्पतिवाल को सर्दी-जुकाम से पीड़ित 18 लोगों की लिस्ट चस्पा कर दी गई। इसमें 13 विद्यार्थी और पांच स्टाफ के लोग शामिल हैं। सूची चस्पा किए जाने से अफरातफरी मच गई। डर का माहौल बन गया।
सभी लोगों ने सरन अस्पताल में सर्दी-जुकाम होने से सामान्य रूप से परीक्षण कराया था। कुछ को सिद्धार्थ अस्पताल रेफर कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक किसी में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
अस्पताल से सूची लेकर डीईआई प्रशासन ने संस्थान में चस्पा कर दिया। संबंधित को घर पर रहने की सलाह दी गई। हालांकि सूची चस्पा किए जाने से हौव्वा बन गया। संबंधित लोग डर गए, उनसे परिचित लोग फोन से जानकारी करने लगे।
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संस्थान से जुड़े तमाम लोगों ने सूची चस्पा किए जाने को सही कदम नहीं बताया। संस्थान के मीडिया समन्वयक प्रो. जेके वर्मा के मुताबिक एहतियात के तौर पर सूची लगाई गई। इनको घर पर रहने के लिए बोला गया है।
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सभी लोगों ने सरन अस्पताल में सर्दी-जुकाम होने से सामान्य रूप से परीक्षण कराया था। कुछ को सिद्धार्थ अस्पताल रेफर कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक किसी में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
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अस्पताल से सूची लेकर डीईआई प्रशासन ने संस्थान में चस्पा कर दिया। संबंधित को घर पर रहने की सलाह दी गई। हालांकि सूची चस्पा किए जाने से हौव्वा बन गया। संबंधित लोग डर गए, उनसे परिचित लोग फोन से जानकारी करने लगे।
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संस्थान से जुड़े तमाम लोगों ने सूची चस्पा किए जाने को सही कदम नहीं बताया। संस्थान के मीडिया समन्वयक प्रो. जेके वर्मा के मुताबिक एहतियात के तौर पर सूची लगाई गई। इनको घर पर रहने के लिए बोला गया है।
विश्वविद्यालय में छात्रों के परिसर में प्रवेश पर पाबंदी
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
उधर, कोरोना वायरस से बचाव के उद्देश्य से डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में शुक्रवार से छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जरूरी काम होने पर परिसर के बाहर ही हेल्प डेस्क पर प्रार्थनापत्र लिया जाएगा। प्रकरण का निस्तारण कर आवेदक को फोन के माध्यम से सूचित कर दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने कुलपति और कुलसचिव से मांग की थी कि छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को विभागों में आने से रोका जाए। पूरे परिसर को सैनेटाइज कराया जाए। कर्मचारी कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से डरे हुए हैं।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि कुलपति ने अगले आदेश तक छात्र-छात्राओं के विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक लगाई है। निर्देश दिया है कि एजेंसी के लोग भी हेल्प डेस्क पर बैठेंगे। यहीं से छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
19 मार्च को महज 147 छात्रों ने ही पास बनाए
वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छात्र-छात्राएं खुद घरों से निकलने से बच रहे हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित हेल्प डेस्क से बृहस्पतिवार को महज 147 छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने ही पास बनवाए। जबकि सामान्य दिनों में 700 और 750 से अधिक पास बनते हैं।
विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने कुलपति और कुलसचिव से मांग की थी कि छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को विभागों में आने से रोका जाए। पूरे परिसर को सैनेटाइज कराया जाए। कर्मचारी कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से डरे हुए हैं।
विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि कुलपति ने अगले आदेश तक छात्र-छात्राओं के विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक लगाई है। निर्देश दिया है कि एजेंसी के लोग भी हेल्प डेस्क पर बैठेंगे। यहीं से छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा।
19 मार्च को महज 147 छात्रों ने ही पास बनाए
वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छात्र-छात्राएं खुद घरों से निकलने से बच रहे हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित हेल्प डेस्क से बृहस्पतिवार को महज 147 छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने ही पास बनवाए। जबकि सामान्य दिनों में 700 और 750 से अधिक पास बनते हैं।