आगरा: पत्नी का सिर काटकर हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास, नवंबर 2019 में हुई थी वारदात
घटना 10 नवंबर 2019 की है। पत्नी पति के शराब पीने का विरोध करती थी। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था। झगड़े के दौरान पति ने बांके से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था। इसके बाद उसका सिर लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने कमरे से मृतका का धड़ बरामद किया था।
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आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के कछपुरा मोहल्ले में पत्नी की सिर काटकर हत्या के आरोपी पति को जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने दोषी पाया है। उसे बुधवार को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। पत्नी पति के शराब पीने का विरोध करती थी। इसलिए पति ने हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।
एत्मादपुर के मोहल्ला सत्ता निवासी शांति देवी की शादी घटना से 15 साल पहले कछपुरा निवासी नरेश उर्फ लाला से हुई थी। आरोपी पति नरेश टीवी रिपेयरिंग का काम करता था। नरेश शराब पीने का आदी था। इसका शांति देवी विरोध करती थीं। दस नवंबर 2019 को पति-पत्नी में झगड़ा हो गया था। इसी दौरान उसने पत्नी का सिर धारदार हथियार से काट डाला था।
आरोपी नरेश अपनी पत्नी शांति देवी को चार बच्चों के सामने दूसरे कमरे में घसीटकर ले गया था। इसके बाद बांक से पत्नी का सिर काटकर धड़ से अलग कर दिया था। आरोपी पत्नी का सिर कनस्तर में लेकर फरार हो गया था। वह आटो से हरीपर्वत चौराहे पर पहुंचा था। चौराहे पर सिर कनस्तर से निकालने वाला था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया था।
मृतका के बच्चों को मां का धड़ कमरे में मिला था। इससे घटना की जानकारी हुई थी। इस मामले में शांति देवी के पिता चोब सिंह ने थाना एत्माददौला में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें पति नरेश, ससुर ठाकुरदास, सास मुन्नी देवी और देवर को नामजद किया। कोर्ट साक्ष्य के आधार पर नरेश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
बेटे-बेटी की गवाही रही अहम
केस के विचारण के दौरान एडीजीसी देव सिंह सोलंकी और डीजीसी बसंत कुमार गुप्ता ने 13 गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। मृतका शांति देवी की बेटी पायल और बेटे अंकित की गवाही अहम रही। उन्होंने पूरी घटना के बारे में बताया। इस पर कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई।
भाई ने कहा, न्याय मिला
एत्मादपुर के मोहल्ला सत्ता में शांति देवी के पिता चोब सिंह और भाई चंद्रपाल रहते हैं। वहीं चारों बच्चे पायल, जया, अंकित और डिंपल बाबा के पास कछपुरा में रहते हैं। चंद्रपाल का कहना है कि नरेश ने बहन की हत्या की थी। अब न्याय मिला है। उधर, घटना ने मोहल्ले के लोगों को भी झकझोर दिया था। आरोपी पति नरेश सिर को हरीपर्वत चौराहे पर ले जाकर लोगों को दिखाना चाहता था।