आगरा: हत्या और हमले के 13 दोषियों को उम्रकैद, 15 साल पहले प्रधानी का चुनाव पर की थी वारदात
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आगरा जिले के थाना मलपुरा के गांव खलौआ में 15 साल पहले चुनाव की रंजिश में प्रधान पक्ष के एक व्यक्ति की हत्या, जानलेवा हमला, बलवा और मारपीट के मामले में 13 आरोपियों को अपर जिला जज मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने दोषी पाया है। सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों को 2.80 लाख रुपये अर्थदंड भी अदा करना होगा।
दोषियों में खलौआ गांव के धर्म सिंह, उसके भाई देवी सिंह, हरिभान सिंह, भूप सिंह के अलावा लक्ष्मण, उसका भाई बाबूजी, परिवार के ही अशोक, उसके भाई सुभाष, चेतन, राजपाल के अलावा बृजभान, दिनेश, परिजन जोगेंदर सिंह हैं।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी सिद्धांत कुलश्रेष्ठ ने कोर्ट में 11 गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। गोली लगने और हमले में केस के वादी शिवराम के परिजन श्याम सिंह, भाव सिंह, हम्मीर सिंह, नरायन सिंह, राम दुलारे, धर्मेंद्र को गंभीर चोट आई थीं। श्याम सिंह की छह सितंबर 2005 को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।
वर्ष 2005 में की किया था हमला
घटना तीन सितंबर 2005 की है। शिवराम की पत्नी शांति देवी प्रधानी के चुनाव में जीत गई थीं। धर्म सिंह की पत्नी उर्मिला चुनाव हार गई थी। इस कारण वह रंजिश मान रहा था। दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि आरोपी धमकी दे रहे थे कि प्रधानी नहीं करने देंगे। घटना वाले दिन दोपहर दो बजे अभियुक्त बंदूक, तमंचे, लाठी, सरिया और बल्लम लेकर आ गए। शिवराम के परिवार पर हमला बोल दिया। भाव सिंह, श्याम सिंह, हम्मीर को घेर लिया।
गोली लगने से हम्मीर और भाव सिंह घायल हो गए। श्याम सिंह को पीटा। वह गंभीर घायल हो गया था। परिवार के राम दुलारे और धर्मेंद्र बचाने आए तो उन्हें भी पीटा। गांव के नरायन सिंह पर भी हमला बोला। वह अपनी दुकान से जान बचाकर भाग गए थे। गांव के नवाब, राजन, महेंद्र, केलो और रामसनेही ने सभी को बचाया। यह लोग गवाह भी बने।