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पत्नी के हत्यारे पति को आजीवन कारावास
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मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र में 17 साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को एफटीसी प्रथम की जज निधि ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसको जेल भेजा गया है।
थाना भोगांव क्षेत्र के गांव आलीपुर पट्टी निवासी रमेश चंद्र की शादी वर्ष 1996 में मंजू निवासी रुहेला थाना मोहम्मदाबाद जिला फर्रुखाबाद के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर ससुराल के लोगों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर वर्ष 2004 में मंजू की हत्या कर दी गई। मंजू की मां लीलादेवी ने पति रमेश, जेठ सुरेश, जेठानी चुन्नीदेवी, सास विद्यादेवी के खिलाफ मंजू की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज निधि की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर पति रमेश को अपनी पत्नी मंजू की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम की जज ने पति रमेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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मंजू की हत्या करने में आरोपी बनाए गए जेठ सुरेश, जेठानी चुन्नी देवी, सास विद्यादेवी के खिलाफ मंजू की हत्या करने का आरोप साबित नहीं हो सका। एफटीसी प्रथम की जज निधि ने तीनों के खिलाफ साक्ष्य नहीं होने पर उनको संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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थाना भोगांव क्षेत्र के गांव आलीपुर पट्टी निवासी रमेश चंद्र की शादी वर्ष 1996 में मंजू निवासी रुहेला थाना मोहम्मदाबाद जिला फर्रुखाबाद के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर ससुराल के लोगों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर वर्ष 2004 में मंजू की हत्या कर दी गई। मंजू की मां लीलादेवी ने पति रमेश, जेठ सुरेश, जेठानी चुन्नीदेवी, सास विद्यादेवी के खिलाफ मंजू की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज निधि की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर पति रमेश को अपनी पत्नी मंजू की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम की जज ने पति रमेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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मंजू की हत्या करने में आरोपी बनाए गए जेठ सुरेश, जेठानी चुन्नी देवी, सास विद्यादेवी के खिलाफ मंजू की हत्या करने का आरोप साबित नहीं हो सका। एफटीसी प्रथम की जज निधि ने तीनों के खिलाफ साक्ष्य नहीं होने पर उनको संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।