Mainpuri: तेरहवीं से लौटते वक्त हुई थी वृद्ध की हत्या, दो सगे भाइयों सहित तीन को आजीवन कारावास
अपर जिला जज प्रथम वंश बहादुर यादव ने वृद्ध की हत्या मामले में दो सगे भाइयों सहित तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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मैनपुरी के थाना औंछा क्षेत्र में 15 साल पहले वृद्ध की हत्या करने वाले दो भाइयों सहित तीन लोगों को अपर जिला जज प्रथम वंश बहादुर यादव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना औंछा क्षेत्र के अंतपुर निवासी सत्यपाल यादव अपने पुत्र प्रवेंद्र के साथ 23 फरवरी 2007 को नगला दया में रामप्रकाश के घर तेरहवीं की दावत में शामिल होने गए थे। वापस लौटते समय होलूपुरा निवासी सर्वेश ने भाई राजेश उर्फ मुनइया, गांव के ही दिनेश तथा सुरेश के साथ मिलकर फायरिंग करके सत्यपाल यादव की हत्या कर दी। प्रवेंद्र ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
साक्ष्य व गवाही के आधार पर सर्वेश, राजेश उर्फ मुनइया, दिनेश को सत्यपाल की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला, पुष्पेंद्र दुबे ने कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज प्रथम वंश बहादुर यादव ने सर्वेश, राजेश, दिनेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। सुरेश के खिलाफ आरोप साबित नहीं होने पर उसे बरी कर दिया गया है।
आश्रितों को मिलेगी आधी धनराशि
डीजीसी रोहित शुक्ला ने बताया कि अपर जिला जज ने आदेश में लिखा है कि 75 हजार रुपये जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि मृतक सत्यपाल के विधिक आश्रितों को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी।
राइफल लूटने में दो साल की सजा
सत्यपाल की हत्या कर उनकी लाइसेंसी राइफल सहित कारतूसों की पेटी लूटी गई थी। पुलिस ने राइफल सहित कारतूसों की पेटी बरामद कर ली थी। एडीजीसी पुष्पेंद्र दुबे ने बताया कि मामले में तीनों को दो-दो साल की कैद और पंाच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
रुपयों के लेनदेन में हुई थी हत्या
सत्यपाल तथा सर्वेश मिलकर स्कूल का संचालन करते थे। दोनों ही क्षेत्र के रसूखदार थे। स्कूल संचालन से मिलने वाले रुपयों को लेकर उनके बीच 2002 से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच कई बार लेनदेन को लेकर मारपीट भी हुई थी। इसी रंजिश को लेकर सत्यपाल की हत्या हुई थी।