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साले की हत्या करने वाले जीजा को आजीवन कारावास

Wed, 11 Aug 2021 11:19 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 11 Aug 2021 11:19 PM IST
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Life imprisonment for brother-in-law who killed brother-in-law
मैनपुरी। थाना एलाऊ क्षेत्र में बीस साल पहले साले की अपहरण करने के बाद हत्या करके शव को एटा जिले की सीमा में फेंकने वाले जीजा को एफटीसी जज द्वितीय तरन्नुम खान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव रम्पुरा के रहने वाले संतोष कुमार 16 वर्ष को थाना कोतवाली के गांव रूपपुर निवासी करुआ 15 जुलाई 2001 को शाम तीन बजे यह कहकर उसके घर से ले गया कि संतोष के बहनोई कमलेश की तबियत ज्यादा खराब है। करुआ के साथ जटपुरा का जंटसिंह भी था। जब देर रात तक संतोष घर नहीं लौटा तो उसकी मां राधोदवी ने तलाश किया। तलाश के बाद पता नहीं चलने पर थाना एलाऊ में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करके करुआ, जंटसिंह, कमलेश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय की जज तरन्नुम खान की कोर्ट में हुई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित अन्य ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर कमलेश को दोषी पाया गया। एडीजीसी संजीव कुमार सिंह चौहान ने कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज तरन्नुम खान ने कमलेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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पुलिस ने संतोष की अपहरण करके हत्या करने के बाद शव को फेंकने के मामले में तीनों को दोषी पाया। तीनों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा भी चला। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही हत्यारोपी करुआ और जंटसिंह की मौत हो गई।
संतोष का शव एटा जिले के थाना नयागांव के नगला सिमरा के पास जंगल में 20 जुलाई 2001 को मिला। थाना नयागांव पुलिस की सूचना पर राधादेवी ने 21 जुलाई को मौके पर पहुंचकर शव की पहचान अपने पुत्र संतोष के रूप में की।
संतोष की बहिन की शादी जून 2001 में हुई थी। शादी में आया व्यवहार संतोष के बहनोई कमलेश ने लिखा था। बारात जाने के बाद शादी के व्यवहार को लेकर संतोष का अपने बहनोई कमलेश से विवाद हुआ था। अपमान का बदला लेने के लिए कमलेश ने साजिश रचकर हत्या की थी।

कमलेश पर एक लाख रुपये का जुर्र्माना लगाया गया है। एडीजीसी संजीव कुमार सिंह चौहान ने बताया एफटीसी जज ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 75 हजार रुपये मृतक की संतोष की मां राधादेवी को दिए जाएंगे।
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