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Agra News: लेखपालों ने दी फार्मर रजिस्ट्री कार्य के बहिष्कार की चेतावनी
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किरावली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने प्रशासन के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को लेखपाल संघ की जिला कार्यकारिणी ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) आजाद भगतसिंह को ज्ञापन सौंपकर फार्मर रजिस्ट्री कार्य में हो रहे लेखपालों के मानसिक शोषण और लंबित मांगों की अनदेखी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। फार्मर रजिस्ट्री कार्य के बहिष्कार की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह और जिला सचिव गगन कुशवाह ने आरोप लगाया कि 12 जून 2024 के शासनादेश के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कृषि, पंचायत और उद्यान विभाग के साथ संयुक्त रूप से होना चाहिए। लेकिन आगरा प्रशासन ने इस पूरे कार्य का बोझ अकेले लेखपालों पर थोप दिया है। लेखपालों ने ऐलान किया है कि वे अब सार्वजनिक अवकाश के दिन कार्य नहीं करेंगे और केवल अपनी तय भूमिका (अप्रूवल) तक ही सीमित रहेंगे। लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो जनपद के सभी लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ देंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णकांत यादव, धीरेंद्र सिंह, मनोज रावत और रामावतार यादव मौजूद रहे। संवाद
लेखपालों का उत्पीड़न बंद करे प्रशासन, शासनादेश के विपरीत कार्य का विरोध: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
किरावली उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, जनपद आगरा की कार्यकारिणी ने आज अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगतसिंह को ज्ञापन सौंपकर फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लेखपालों के हो रहे मानसिक शोषण और उनकी लंबित मांगों पर कार्यवाही न होने के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ने को विवश होंगे।
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शासनादेश की अनदेखी का आरोप
जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह और जिला सचिव गगन कुशवाह ने बताया कि शासन के आदेशानुसार (दिनांक 12/06/2024), फार्मर रजिस्ट्री का कार्य राजस्व, कृषि, पंचायत, गन्ना और उद्यान विभाग के कर्मचारियों को संयुक्त रूप से करना है। इसमें तकनीकी सहायक, बीसी सखी और कृषि सखी की भूमिका भी निर्धारित है। लेकिन आगरा में इस पूरे कार्य की जिम्मेदारी केवल लेखपालों पर थोप दी गई है, जबकि उनकी भूमिका केवल ''''''''अप्रूवल'''''''' तक सीमित है।
प्रमुख बिंदु और चेतावनियाँ:
सार्वजनिक अवकाश में कार्य का बहिष्कार: लेखपाल अब सार्वजनिक अवकाश के दिनों में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य नहीं करेंगे।
सुरक्षा की मांग: तहसील एतमादपुर में हाल ही में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के दौरान लेखपाल पर हुए जानलेवा हमले की निंदा करते हुए संघ ने मांग की है कि ऐसे अभियानों के समय सक्षम अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य हो।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव: संघ ने पूर्व में 12 मार्च 2026 को भी एक मांगपत्र दिया था, जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसमें महिला लेखपालों के लिए शौचालय, लेखपाल कक्षों में फर्नीचर, पीने का पानी और सफाई जैसी बुनियादी मांगें शामिल हैं।
लंबित भुगतान: वर्ष 2018 से लंबित क्रॉप कटिंग का मानदेय और चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान तत्काल करने की मांग की गई है।
अग्रिम रणनीति
लेखपाल संघ ने निर्णय लिया है कि वे फार्मर रजिस्ट्री कार्य में केवल शासनादेश और गाइड बुक के प्रावधानों के अनुसार ही सहयोग करेंगे। यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं का निदान नहीं किया, तो जनपद के लेखपाल आंदोलन को और तेज करेंगे।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह, जिला सचिव गगन कुशवाह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णकांत यादव, तहसील अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, तहसील मंत्री मनोज रावत, पूर्व अध्यक्ष रामावतार यादव कोषाध्यक्ष हरिअनन्त कुलश्रेष्ठ सहित जनपद की समस्त तहसीलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह और जिला सचिव गगन कुशवाह ने आरोप लगाया कि 12 जून 2024 के शासनादेश के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कृषि, पंचायत और उद्यान विभाग के साथ संयुक्त रूप से होना चाहिए। लेकिन आगरा प्रशासन ने इस पूरे कार्य का बोझ अकेले लेखपालों पर थोप दिया है। लेखपालों ने ऐलान किया है कि वे अब सार्वजनिक अवकाश के दिन कार्य नहीं करेंगे और केवल अपनी तय भूमिका (अप्रूवल) तक ही सीमित रहेंगे। लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो जनपद के सभी लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ देंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णकांत यादव, धीरेंद्र सिंह, मनोज रावत और रामावतार यादव मौजूद रहे। संवाद
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लेखपालों का उत्पीड़न बंद करे प्रशासन, शासनादेश के विपरीत कार्य का विरोध: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
किरावली उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, जनपद आगरा की कार्यकारिणी ने आज अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगतसिंह को ज्ञापन सौंपकर फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लेखपालों के हो रहे मानसिक शोषण और उनकी लंबित मांगों पर कार्यवाही न होने के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ने को विवश होंगे।
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शासनादेश की अनदेखी का आरोप
जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह और जिला सचिव गगन कुशवाह ने बताया कि शासन के आदेशानुसार (दिनांक 12/06/2024), फार्मर रजिस्ट्री का कार्य राजस्व, कृषि, पंचायत, गन्ना और उद्यान विभाग के कर्मचारियों को संयुक्त रूप से करना है। इसमें तकनीकी सहायक, बीसी सखी और कृषि सखी की भूमिका भी निर्धारित है। लेकिन आगरा में इस पूरे कार्य की जिम्मेदारी केवल लेखपालों पर थोप दी गई है, जबकि उनकी भूमिका केवल ''''''''अप्रूवल'''''''' तक सीमित है।
प्रमुख बिंदु और चेतावनियाँ:
सार्वजनिक अवकाश में कार्य का बहिष्कार: लेखपाल अब सार्वजनिक अवकाश के दिनों में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य नहीं करेंगे।
सुरक्षा की मांग: तहसील एतमादपुर में हाल ही में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के दौरान लेखपाल पर हुए जानलेवा हमले की निंदा करते हुए संघ ने मांग की है कि ऐसे अभियानों के समय सक्षम अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य हो।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव: संघ ने पूर्व में 12 मार्च 2026 को भी एक मांगपत्र दिया था, जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसमें महिला लेखपालों के लिए शौचालय, लेखपाल कक्षों में फर्नीचर, पीने का पानी और सफाई जैसी बुनियादी मांगें शामिल हैं।
लंबित भुगतान: वर्ष 2018 से लंबित क्रॉप कटिंग का मानदेय और चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान तत्काल करने की मांग की गई है।
अग्रिम रणनीति
लेखपाल संघ ने निर्णय लिया है कि वे फार्मर रजिस्ट्री कार्य में केवल शासनादेश और गाइड बुक के प्रावधानों के अनुसार ही सहयोग करेंगे। यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं का निदान नहीं किया, तो जनपद के लेखपाल आंदोलन को और तेज करेंगे।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह, जिला सचिव गगन कुशवाह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णकांत यादव, तहसील अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, तहसील मंत्री मनोज रावत, पूर्व अध्यक्ष रामावतार यादव कोषाध्यक्ष हरिअनन्त कुलश्रेष्ठ सहित जनपद की समस्त तहसीलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।