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Agra News: खेरागढ़ में वीडियो काॅल कर हाजिरी लगा रहे लेखपाल
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खेरागढ़। एसडीएम के तल्ख रुख से ग्रामीणों को तहसील की परिक्रमा लगाने से निजात मिल गई है। तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान अब पंचायत सचिवालयों में ही होने लगा है। यही नहीं, लेखपाल वीडियो काॅल के माध्यम से अपनी उपस्थिति भी दर्ज करा रहे हैं।
एसडीएम नरेंद्र गंगवार की सख्ती के बाद लेखपाल पंचायत सचिवालयों पर प्रतिदिन सुबह निर्धारित समय 10 बजे पहुंचने लगे हैं। वे वीडियो काॅल पर अपनी हाजिरी लगाकर ग्रामीणों की खतौनी, नामांतरण, वारिसान, सीमांकन आदि राजस्व संबंधी मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय तक दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। इस नई व्यवस्था से तहसील कार्यालय में भी शिकायतकर्ताओं की संख्या में कमी आई है। सरेंडा के ग्रामीण शिवम, सैंया के रामविनोद, शंकरेश, जगनेर के देवेश, संदीप, लादूखेड़ा के धीरज शुक्ला ने बताया अब लोगों को छोटी शिकायतों के लिए लंबी दूरी तय कर तहसील नहीं जाना पड़ रहा है। समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
डीएम की नाराजगी के बाद बढ़ी सख्ती
हाल में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पंचायत सचिवालयों में लेखपालों के नहीं बैठने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद एसडीएम ने लेखपालों की नियमित उपस्थिति को लेकर सख्ती बढ़ा दी। अब गांव में लेखपालों की मौजूदगी और ऑनलाइन हाजिरी दोनों की निगरानी की जा रही है।
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समस्त लेखपालों को सुबह 10 बजे तक पंचायत सचिवालय में बैठने के निर्देश दिए हैं। सभी की डिजिटल उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इसके पीछे मंशा यह है कि लोगों को छोटी समस्याओं के लिए तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। गांव में ही उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।-नरेंद्र गंगवार, एसडीएम खेरागढ़
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एसडीएम नरेंद्र गंगवार की सख्ती के बाद लेखपाल पंचायत सचिवालयों पर प्रतिदिन सुबह निर्धारित समय 10 बजे पहुंचने लगे हैं। वे वीडियो काॅल पर अपनी हाजिरी लगाकर ग्रामीणों की खतौनी, नामांतरण, वारिसान, सीमांकन आदि राजस्व संबंधी मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय तक दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। इस नई व्यवस्था से तहसील कार्यालय में भी शिकायतकर्ताओं की संख्या में कमी आई है। सरेंडा के ग्रामीण शिवम, सैंया के रामविनोद, शंकरेश, जगनेर के देवेश, संदीप, लादूखेड़ा के धीरज शुक्ला ने बताया अब लोगों को छोटी शिकायतों के लिए लंबी दूरी तय कर तहसील नहीं जाना पड़ रहा है। समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
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डीएम की नाराजगी के बाद बढ़ी सख्ती
हाल में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पंचायत सचिवालयों में लेखपालों के नहीं बैठने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद एसडीएम ने लेखपालों की नियमित उपस्थिति को लेकर सख्ती बढ़ा दी। अब गांव में लेखपालों की मौजूदगी और ऑनलाइन हाजिरी दोनों की निगरानी की जा रही है।
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समस्त लेखपालों को सुबह 10 बजे तक पंचायत सचिवालय में बैठने के निर्देश दिए हैं। सभी की डिजिटल उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इसके पीछे मंशा यह है कि लोगों को छोटी समस्याओं के लिए तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। गांव में ही उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।-नरेंद्र गंगवार, एसडीएम खेरागढ़