आगरा में उमर अब्दुल्ला के विरोध में प्रदर्शन: राजद्रोह के आरोपी छात्रों का समर्थन करने पर भड़के वकील, फूंका पुतला
आगरा के वकीलों ने राजद्रोह के आरोपी कश्मीरी छात्रों के केस में पैरवी न करने के ऐलान पर किया था। इसके विरोध में उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया था। इस पर वकील भड़क गए। उन्होंने शनिवार को एमजी रोड पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका।
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आगरा में राजद्रोह के आरोपी कश्मीरी छात्रों के केस में कानूनी सहायता नहीं करने के अधिवक्ताओं के ऐलान पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और इमरान अली दार ने ट्वीट किया है। इसमें कश्मीरी छात्रों का समर्थन किया गया है। इस पर आक्रोशित अधिवक्ताओं ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। एमजी रोड पर दोनों नेताओं के प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
युवा अधिवक्ता संघ के संयुक्त तत्वावधान में आगरा एडवाकेट्स एसोसिएशन, जनपद बार एसोसिएशन, अधिवक्ता सहयोग समिति, भाजपा कानून एवं विधि विषयक विभाग के अधिवक्ता दीवानी में इकट्ठा हुए। इसके बाद आरोपी छात्रों के समर्थन करने वाले कश्मीरी नेताओं के प्रतीकात्मक पुतले बनाए। इनको जूतों की माला पहनाई। इसके बाद दीवानी चौराहे पर भारत माता की प्रतिमा के सामने जला दिया गया। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। भारत माता की जय के नारे लगाए।
पाकिस्तान की जीत पर जश्न का मामला: राजद्रोह के आरोपी कश्मीरी छात्रों का केस नहीं लड़ेंगे आगरा के वकील
युवा अधिवक्ता संघ मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने कहा कि आरबीएस कालेज के इंजीनियरिंग संकाय, बिचपुरी में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों ने देश विरोधी गतिविधि की। इस पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। संघ इन छात्र के केस में कानूनी सहायता नहीं करेगा। इस पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और इमरान अली दर का ट्वीट कर समर्थन करना निंदनीय है।
आगरा एडवोकट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि आरोपी कश्मीरी छात्रों का समर्थन करने से अधिवक्ता समाज खिन्न है। प्रदर्शन के दौरान जनपद बार एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण मुरारी माहेश्वरी, भाजपा कानून एव विधि विषयक विभाग के महानगर संयोजक एसपी भारद्वाज, उमेश वर्मा, गगन शर्मा, कृपाल सिंह वर्मा, देवेंद्र सिंह, ऋषि कुमार, पंकज पाराशर आदि मौजूद रहे।
जेल पर नहीं पहुंचे कश्मीरी छात्रों के परिजन
टी-20 विश्वकप में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोपी कश्मीरी छात्र अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनी की जिला जेल की विशेष बैरक में रखा गया है। उन्हें 28 अक्तूबर को कोर्ट ने जेल भेजा था। शुक्रवार को आरोपी छात्र इनायत के चाचा रियाज आगरा पहुंचे। अन्य दो छात्र के परिजन भी आने वाले थे। मगर, शनिवार को कोई नहीं पहुंचा। परिजन जेल में मुलाकात करने भी नहीं गए।
मुलाकात से पहले दिखानी होगी कोरोना जांच रिपोर्ट
जिला जेल के अधीक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि जेल में मुलाकात कराने से पहले बंदियों के परिजनों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही परिजनों को 72 घंटे के अंदर की कोरोना जांच रिपोर्ट भी दिखानी होगी। उधर, आरोपी छात्रों का आरटीपीसीआर और एंटीजन टेस्ट कराया गया था। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। विशेष बैरक में बंदियों को विशेष सुरक्षा में रखा गया है। उन पर नजर भी रखी जा रही है।