तहसील में बवाल: मैनपुरी के घिरोर में एसडीएम के सामने वकीलों और किसानों में मारपीट, अधिवक्ता का सिर फूटा
घिरोर तहसील परिसर में किसानों के धरना प्रदर्शन के दौरान मारपीट हो गई। वकीलों और किसानों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। घटना में अधिवक्ता समेत दो लोग घायल हो गए।
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मैनपुरी की घिरोर तहसील परिसर में गुरुवार को किसानों और वकीलों में झड़प हो गई। एसडीएम के सामने ही जमकर मारपीट हुई। घटना से तहसील परिसर में खलबली मच गई। मारपीट होने के वाद वकीलों ने गेट पर ताला डाल दिया। कुछ समय बाद सूचना पर थाना पुलिस पहुंच गई। मारपीट में एडवोकेट अभिनंदन यादव के सिर में चोट लगी है। दूसरी तरफ से संजू नाम का व्यक्ति घायल हुआ है।
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सीवी सिंह यादव के नेतृत्व में किसान धरना प्रदर्शन करते हुए एडवोकेट अभिनंदन यादव के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उसी समय अभिनंदन यादव साथी वकीलों के साथ वहां पहुंच गए। मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। वकीलों ने अभिनंदन यादव जिंदाबाद के नारे लगाए। इसी दौरान दोनों तरफ के लोग भिड़ गए। लात-घूंसे और डंडे चलने लगे। मारपीट करने हुए लोग एसडीएम कोर्ट के कमरे में जा घुसे। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया।
झगड़े के पीछे कहीं चुनावी रंजिश तो नहीं
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सीवी सिंह यादव विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायत पचावर के पूर्व प्रधान है। गांव नगला हरी सिंह के किसानों की समस्या के संबंध में आए हुए थे। जबकि अभिनंदन यादव एडवोकेट भी ग्राम पंचायत पचावर से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ चुके हैं। पूर्व में हुए कार्यों की जांच के लिए शिकायत भी की है। इसी को लेकर एक-दूसरे में विरोध चल रहा है।
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मैनपुरी की घिरोर तहसील परिसर में गुरुवार को किसानों और वकीलों में झड़प हो गई। एसडीएम के सामने ही जमकर मारपीट हुई। घटना से तहसील परिसर में खलबली मच गई। मारपीट होने के वाद वकीलों ने गेट पर ताला डाल दिया। कुछ समय बाद सूचना पर थाना पुलिस पहुंच गई। मारपीट में एडवोकेट अभिनंदन यादव के सिर में चोट लगी है। दूसरी तरफ से संजू नाम का व्यक्ति घायल हुआ है।
अधिवक्ता ने लगाया यह आरोप
अभिनंदन यादव ने आरोप लगाया कि किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष के साथ आए लोगों ने बिना प्रशासन के परमीशन लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनके व अन्य वकीलों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। जब वीडियो बनाना शुरू किया तो मारपीट शुरू कर दी। अन्य वकीलों ने उन्हें बचाया है।
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सीवी सिंह यादव का कहना है कि किसानों की समस्या को लेकर एसडीएम को ज्ञापन देने के लिए आए थे। एसडीएम का दूसरी तरफ कार्यक्रम को देखकर किसान धरने पर बैठ गए थे। वहीं उपजिलाधिकारी शिव नरायन शर्मा ने वताया कि धरना प्रदर्शन के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। जानकारी होती तो पुलिस प्रशासन मौजूद रहता। ज्ञापन देने की बात सामने आ रही है।