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विधि-बीएड की परीक्षा खत्म, शुरू नहीं हुईं प्रायोगिक परीक्षा
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएड और विधि की प्रायोगिक परीक्षाएं अभी शुरू नहीं हो पाईं। इनके लिए केंद्र तय नहीं हुए और न ही परीक्षकों के पैनल पर अंतिम मुहर लगी है। इससे परिणाम जारी होने में देरी हो रही है।
विधि और बीएड की परीक्षाएं समाप्त हुए दो सप्ताह हो गए है। बीएड में करीब 48 हजार और विधि परीक्षा में 13 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इनकी प्रायोगिक परीक्षा दिवाली से पहले कराने का दावा किया था, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हो पाई। इनकी तैयारी भी अधूरी है। अभी तक परीक्षा केंद्र भी तय नहीं किए हैं। परीक्षा लेने के लिए पैनल भी नहीं गठित हुआ है। यहां तक कि परीक्षकों के नाम भी तय नहीं हुए। इस देरी से बीएड और विधि छात्रों का परिणाम भी लटक गया है। छात्र नेता सौरभ चौधरी ने कहा कि प्रायोगिक परीक्षा और परिणाम देरी से होने के कारण कई छात्र आगे की पढ़ाई प्रभावित होती है। विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग है कि प्रायोगिक परीक्षा कराई जाए। परीक्षा नियंत्रक प्रो. ओमप्रकाश ने बताय कि प्रायोगिक परीक्षा दिवाली से पहले कराने की तैयारी थी, लेकिन किन्हीं वजहों से ऐसा नहीं हो पाया। चार केंद्र बनाए हैं, इनके नाम जल्द जारी कर प्रायोगिक परीक्षा कराई जाएगी।
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विधि और बीएड की परीक्षाएं समाप्त हुए दो सप्ताह हो गए है। बीएड में करीब 48 हजार और विधि परीक्षा में 13 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इनकी प्रायोगिक परीक्षा दिवाली से पहले कराने का दावा किया था, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हो पाई। इनकी तैयारी भी अधूरी है। अभी तक परीक्षा केंद्र भी तय नहीं किए हैं। परीक्षा लेने के लिए पैनल भी नहीं गठित हुआ है। यहां तक कि परीक्षकों के नाम भी तय नहीं हुए। इस देरी से बीएड और विधि छात्रों का परिणाम भी लटक गया है। छात्र नेता सौरभ चौधरी ने कहा कि प्रायोगिक परीक्षा और परिणाम देरी से होने के कारण कई छात्र आगे की पढ़ाई प्रभावित होती है। विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग है कि प्रायोगिक परीक्षा कराई जाए। परीक्षा नियंत्रक प्रो. ओमप्रकाश ने बताय कि प्रायोगिक परीक्षा दिवाली से पहले कराने की तैयारी थी, लेकिन किन्हीं वजहों से ऐसा नहीं हो पाया। चार केंद्र बनाए हैं, इनके नाम जल्द जारी कर प्रायोगिक परीक्षा कराई जाएगी।
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