फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   land worth crores was sold through fake will of father of woman entrepreneur In Agra

UP: महिला उद्यमी के पिता की फर्जी वसीयत से बेच दी करोड़ों की जमीन, छह नामजद; पुलिस जांच में जुटी

Sun, 25 Feb 2024 11:29 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 25 Feb 2024 11:29 PM IST
सार

आगरा में महिला उद्यमी के पिता की फर्जी वसीयत से करोड़ों की जमीन बेच दी। मामले में छह लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 

विज्ञापन
land worth crores was sold through fake will of father of woman entrepreneur In Agra
हरीपर्वत पुलिस स्टेशन आगरा

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में अशोका ऑटो सेल्स की चेयरपर्सन डॉ. रंजना बंसल के दिवंगत पिता की फर्जी वसीयत से जमीन बेचने का मामला सामने आया है। महिला उद्यमी ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। इसके बाद पुलिस ने थाना हरीपर्वत में छह नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और षड्यंत्र की धारा में मुकदमा दर्ज किया।

विज्ञापन


करियप्पा रोड, बालूगंज निवासी डॉ. रंजना बंसल ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें लुहार गली, रावतपाड़ा निवासी संतोष कुमार जैन, राजीव कुमार, नितुल जैन, पीपल मंडी निवासी देवानंद, पंचकुइयां निवासी केदारनाथ, शकुंतला नगर (गढ़ी भदौरिया) निवासी डोरीलाल नामजद और एक अन्य को आरोपी बनाया गया है।

विज्ञापन

मुकदमे के मुताबिक, डॉ. रंजना बंसल के पिता रामकिशोर बंसल की एत्मादपुर तहसील के मौजा नरायच में भूमि है। वादिया ने कहा कि उनके हक में पिता ने दो जून 2016 को तहसील सदर में रजिस्टर्ड वसीयत कराई थी। वसीयत के मुताबिक, पिता की मृत्यु के बाद जमीन उनके नाम हो जाएगी। मगर, नामजद आरोपियों ने 12 जून 2001 को षड्यंत्र कर जमीन हड़पने के लिए फर्जी वसीयत तैयार की। पिता की जगह किसी और को प्रस्तुत कर दिया। 
 
विज्ञापन

पिता की फोटो लगाई गई। इसमें देवानंद और केदारनाथ को गवाह बनाया। फर्जी वसीयत उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकृत है। आरोप लगाया गया है कि पिता के हस्ताक्षर फर्जी हैं। उनकी उम्र भी 96 वर्ष दर्शायी है। वसीयत के आधार पर नामांतरण के लिए नगर निगम से एक फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी बनवाया। 
 
विज्ञापन

मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर तहसील में नामांतरण हुआ, जबकि नगर निगम में मृत्यु प्रमाणपत्र का कोई रिकॉर्ड नहीं है। यहां तक कि मृत्यु का दिनांक भी गलत लिखा है। इसी तारीख पर अधिकारी के हस्ताक्षर भी हैं। पिता की मृत्यु 25 अगस्त 2016 को हुई थी। पिता छावनी परिषद क्षेत्र में रहते थे। इस कारण नगर निगम मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं कर सकता। प्रमाणपत्र छावनी परिषद ही जारी कर सकती है।
 

आरोपियों ने फर्जी वसीयत व मृत्यु प्रमाणपत्र से तहसील एत्मादपुर में अपना नामांतरण करा लिया। जमीन को फर्जी तरीके से पांच मार्च 2012 को डोरीलाल के नाम विक्रय कर लाभ प्राप्त किया। पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इस कारण कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed