फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   land

भूमि घोटाला: क्रेता विक्रेता बेदखल, 11 एकड़ जमीन राज्य सरकार के अधीन

Mon, 22 Jul 2019 10:45 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2019 10:45 PM IST
विज्ञापन
land
कासगंज। तहसील क्षेत्र के गांव गंगागढ़ की लगभग 11 एकड़ विवादित जमीन पर एसडीएम न्यायालय ने फैसला सुनाया है। जमीन को राज्य सरकार के पक्ष में निहित किया गया है। क्रेता विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश देते हुए उन्हें बेदखल कर दिया गया है।
विज्ञापन

जिलेभर में तमाम सरकारी संपत्तियाें पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है। विगत दिनों सोरों क्षेत्र में एक बड़े क्षेत्रफल की सरकारी संपत्ति को प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराया। सरकारी संपत्ति पर घोटाले का एक और बड़ा मामला सामने आया है। गंगागढ़ गांव में लगभग 11 एकड़ सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं ने फर्जी तरीके से कब्जा किया और उनके बैनामे भी कर दिए। मामले में एसडीएम न्यायालय में वाद दायर किया गया और सुनवाई की गई। राज्य सरकार की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश चंद्र पाल, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार यादव ने अपना पक्ष रखा। पक्ष विपक्ष के तर्क सुनने के बाद एसडीएम ने पाया कि गंगागढ़ में विवादित जमीन सरकारी संपत्ति है और सभी विक्रेताओं ने सभी क्रेताओं को फर्जी तरीके से बैनामे कर दिए। एसडीएम ने सभी बैनामे फर्जी मानते हुए क्रेता विक्रेताओं को जमीन से बेदखल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही तहसीलदार को निर्देश दिए कि वह क्रेता और विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। सरकारी संपत्ति सरकार के पक्ष में निहित कर दी है।
विज्ञापन

तथ्य छिपाकर किए बैनामे
कासगंज। सरकार के पक्ष में निहित की गई जमीन पूर्व में अनुसूचित जाति के लोगों के लिए पट्टे पर आवंटित थी। हालांकि भूमाफियाओं ने अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन का जालसाजी से बैनामा करा लिया। सामान्य वर्ग के होने के बावजूद भी स्वयं को अनुसूचित जाति का बताया। एसडीएम ने जिलाधिकारी की अनुमति के बिना किए सभी बैनामे खारिज कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

आंकड़े की नजर से-
- 8 लोगों ने खरीदी पट्टे की जमीन।
- 14 विक्रेताओं ने पट्टे की जमीन का किया धोखाधड़ी से बैनामा।
- पट्टे की जमीन पर धोखाधड़ी कर बैनामे कराने के मामले में दोनों पक्षों को सुना। विवादित संपत्ति राज्य सरकार के अधीन निहित की गई है। क्रेता विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश तहसीलदार को दिए हैं।
- ललित कुमार, एसडीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed