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Mathura: जन्माष्टमी पर ब्रज की रज में लोटपोट हुए कुमार विश्वास, बोले- ये मेरा सौभाग्य है...
Mon, 26 Aug 2024 01:19 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 26 Aug 2024 01:19 PM IST
सार
कवि कुमार विश्वास ने कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज से बातचीत की और भगवान श्रीकृष्ण की कविताएं सुनाकर वहां मौजूद संत महंत और श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
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ब्रज की रज में लोटपोट हुए कुमार विश्वास
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मथुरा में जन्माष्टमी के अवसर पर आए कवि कुमार विश्वास ब्रज की रज में लोटपोट होते हुए महावन स्थित कार्ष्णि उदासीन आश्रम रमणरेती पहुंचे। यहां उन्होंने पीठाधीश्वर कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज से आशीर्वाद लिया।
रमणरेती आश्रम पहुंचे कवि कुमार विश्वास के द्वारा रमण बिहारी के दर्शन किए और वहीं पर ब्रजरज में भी लोटपोट होकर मनौती मांगी। उन्होंने कहा कि बचपन में जब छोटे थे तब इस प्रकार रज में लेटा करते थे। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली में ब्रजरज में लोट-पोट होने पर उन्हें बचपन की याद आई। कवि ने कहा कि ब्रज में आकर एक अलग ही आनंद आता है। यहां हर ओर से भक्ति की बयार में एक सुगंध आती है, जो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समाहित कर देती है।
उन्होंने कहा कि ब्रज यानी मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर धूम है और उनका यह सौभाग्य है कि इस मौके पर वह मथुरा में आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां ब्रज के कण कण में भगवान श्रीकृष्णा पास करते हैं यहां की रज भी एक अपने आप में अलौकिक है।
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रमणरेती आश्रम पहुंचे कवि कुमार विश्वास के द्वारा रमण बिहारी के दर्शन किए और वहीं पर ब्रजरज में भी लोटपोट होकर मनौती मांगी। उन्होंने कहा कि बचपन में जब छोटे थे तब इस प्रकार रज में लेटा करते थे। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली में ब्रजरज में लोट-पोट होने पर उन्हें बचपन की याद आई। कवि ने कहा कि ब्रज में आकर एक अलग ही आनंद आता है। यहां हर ओर से भक्ति की बयार में एक सुगंध आती है, जो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समाहित कर देती है।
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उन्होंने कहा कि ब्रज यानी मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर धूम है और उनका यह सौभाग्य है कि इस मौके पर वह मथुरा में आए हैं। उन्होंने कहा कि यहां ब्रज के कण कण में भगवान श्रीकृष्णा पास करते हैं यहां की रज भी एक अपने आप में अलौकिक है।
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