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आगरा: 136 वर्षों से समाज सेवा में जुटी है श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी, 1885 में हुई थी स्थापना

Sun, 05 Sep 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 05 Sep 2021 12:03 AM IST
सार

आगरा में वर्ष 1885 में एक संकल्प के साथ श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी ने सेवा कार्य की शुरुआत की। अब 137 वें साल पर श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी शहर में नई सेवाओं को पूरा करने का संकल्प लेगी। शनिवार को कार्यालय में संकल्प यज्ञ का आयोजन किया गया। 

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kshetra bajaja committee social services for 136 years in agra
श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में आगरा कॉलेज महिला विंग के सामने श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी कार्यालय का नया चार मंजिला भवन बनाने और उसमें सेवा की नई मिसाल कायम करने का संकल्प कमेटी के सदस्यों ने लिया। 136 साल में बजाजा कमेटी सेवा की मिसाल बनकर उभरी है, जो अंतिम संस्कार सामग्री से लेकर शव वाहन की व्यवस्था करने और भूखों को अनवरत भोजन उपलब्ध करा रही है। 

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कपड़ा व्यवसायी की वेदना ने शुरू कराई सेवा
शहर में किसी की भी मृत्यु पर शव वाहन, अंतिम संस्कार की सामग्री और मोक्षधाम पर दाह संस्कार की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी निभा रही श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी पूरे देश में सेवा की अनोखी मिसाल है। इस सेवा और संकल्प का जन्म कपड़ा व्यवसायी की वेदना से हुआ। 
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बजाजा कमेटी में 43 सालों से सेवा कर रहे अशोक गोयल के मुताबिक एक कपड़ा व्यवसायी अपने परिजन की मृत्यु होने पर दुकान से कफन खरीदने गए तो उनसे 10 गुना दाम मांगा गया। मोलभाव करने पर दुकानदार ने कहा कि अगली बार आओगे तो सही मूल्य लगा दूंगा। इसी बात पर व्यापारी ने संकल्प लिया कि लागत मूल्य पर कफन उपलब्ध कराएंगे। अब शहर में 90 फीसदी मृतकों के परिजन अंतिम संस्कार सामग्री के लिए बजाजा कमेटी के पास आते हैं।

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वर्ष 1904 में बनाया श्री क्षेत्र बजाजा भवन
कपड़ा व्यवसायियों ने मिलकर 8 दिसंबर, 1904 को खालसा गली, रावतपाड़ा में श्री क्षेत्र बजाजा भवन बनवाया। नगर में डुगडुगी पिटवाई कि दाह संस्कार सामग्री कमेटी भवन पर लागत मूल्य पर मिलेगी। तब 16 प्रकल्प बजाजा कमेटी ने शुरू किए हैं। 

25 वातानुकूलित ताबूत बनवाए
साल 2006 में बर्फ की सिल्ली पर शव रखने की जगह बजाजा कमेटी ने 25 एसी ताबूत बनवाए। आगरा विकास मंच ने चेन्नई से मंगा कर पहला ताबूत कमेटी को दिया था।

14 साल से सस्ती डायलिसिस सेवा   
वर्ष 2007 से किडनी रोगियों के लिए न्यूनतम शुल्क पर डॉ. एन एल पटनी चैरिटेबल डायलिसिस सेंटर चलाया जा रहा है। हर दिन कई रोगी सुविधा का लाभ ले रहे हैं।

हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद मरीजों के लिए कमेटी की ओर से मरीजों वाला पलंग, हवा के गद्दे, पानी के गद्दे ,व्हीलचेयर आदि उपलब्ध कराई जाती है। ये सेवाएं दो महीने तक मरीजों के लिए निशुल्क होते हैं।

ये सेवाएं पूरे देश में मिसाल
शव वाहन: बजाजा कमेटी ने वर्ष 1993 में शव वाहन प्रकल्प शुरू किया। अब 14 वाहन हैं, जो मामूली शुल्क पर हर दिन 25 से ज्यादा शव ले जाते हैं। 
मोक्षधाम पर दाह संस्कार: ताजगंज मोक्षधाम को गोद लेकर सुंदरीकरण के साथ व्यवस्थाओं का संचालन किया। बाजार से 40 फीसदी कम मूल्य पर लकड़ी, दाह संस्कार सामग्री मिलती है। 
विद्युत शवदाह गृह: हर दाह संस्कार में 5 पेड़ बचाने के लिए विद्युत शवदाह गृह की शुरुआत कराई। 4 विद्युत भट्ठी वाले शवदाह गृह में ही कोरोना संक्रमितों के शवदाह हुए।
15 साल पहले बनाया पोस्टमार्टम गृह: एसएन मेडिकल कॉलेज में बनवाए गए पोस्टमार्टम हाउस को राज्य सरकार ने मॉडल माना और अन्य जिलों में भी सरकार ने इसी तरह के पोस्टमार्टम हाउस बनवाए।
लावारिसों को दे रहे मोक्ष: कमेटी अज्ञात मृतकों का अंतिम संस्कार नि:शुल्क करती है। अस्थि फूलों को थाने के नाम व नंबर के हिसाब से सुरक्षित रखती है।
लावारिस अस्थियों को सलामी: लावारिस अस्थियों की विसर्जन यात्रा को देश में पहली बार पुलिस की गारद ने सलामी दी। 4 हजार अस्थियां सोरों में विसर्जित कराईं। 
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