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हत्यारे पति को सात साल की सजा
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मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में सात साल पहले मारुति वैन की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी की हत्या करके शव को पेड़ से टांगने के दोषी को एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम ने सात साल की सजा सुनाई है। उस पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना बिछवां के लक्ष्मीपुर सहारा निवासी हेतराम ने बेटी कीमती देवी की शादी थाना कोतवाली के चांदेश्वर रोड निवासी ब्रजेश राजपूत के साथ दो जून 2013 को की थी। 25 जुलाई 2014 को कीमती देवी का शव घर के बाहर पेड़ पर लटका मिला। हेतराम ने पति ब्रजेश, ससुर चेतराम, सास गंगाश्री, ननद मेनका पर मारुति वैन की मांग पूरी नहीं होने पर पीट पीटकर हत्या करने और शव को पेड़ से लटका देने की रिपोर्ट लिखाई।
पुलिस ने जांच करके चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने पति ब्रजेश केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। इसके आधार पर ब्रजेश को दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी की पीट पीटकर हत्या करके शव को पेड़ से लटकाने का दोषी पाया गया। अ
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पर जिला शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत सिंह राठौर ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम ने सात साल की सजा सुनाकर उस पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
ब्रजेश को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुननें के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
गवाही नहीं होने पर हुए बरी
कीमतीदेवी की दहेज हत्या के मामले में एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम ने ससुर चेतराम तथा ननद को आरेाप से बरी कर दिया है। उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोप साबित नहीं हो सका। सास गंगाश्री की मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई।
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थाना बिछवां के लक्ष्मीपुर सहारा निवासी हेतराम ने बेटी कीमती देवी की शादी थाना कोतवाली के चांदेश्वर रोड निवासी ब्रजेश राजपूत के साथ दो जून 2013 को की थी। 25 जुलाई 2014 को कीमती देवी का शव घर के बाहर पेड़ पर लटका मिला। हेतराम ने पति ब्रजेश, ससुर चेतराम, सास गंगाश्री, ननद मेनका पर मारुति वैन की मांग पूरी नहीं होने पर पीट पीटकर हत्या करने और शव को पेड़ से लटका देने की रिपोर्ट लिखाई।
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पुलिस ने जांच करके चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने पति ब्रजेश केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। इसके आधार पर ब्रजेश को दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी की पीट पीटकर हत्या करके शव को पेड़ से लटकाने का दोषी पाया गया। अ
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पर जिला शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत सिंह राठौर ने उसको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम ने सात साल की सजा सुनाकर उस पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
ब्रजेश को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुननें के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
गवाही नहीं होने पर हुए बरी
कीमतीदेवी की दहेज हत्या के मामले में एफटीसी प्रथम के जज अवनीश गौतम ने ससुर चेतराम तथा ननद को आरेाप से बरी कर दिया है। उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोप साबित नहीं हो सका। सास गंगाश्री की मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई।