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आगराः डायलिसिस नहीं होने से मरीज की मौत, परिवार ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Mon, 20 Apr 2020 04:12 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 20 Apr 2020 04:12 PM IST
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Kidney Patient Die Lack Of Treatment In Lockdown
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डायलिसिस न होने से मरीज की मौत हो गई। परिजन मरीज को लेकर रात भर भटकते रहे, लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों ने मरीज को भर्ती नहीं किया। परिजनों का आरोप है कि डीएम का कंट्रोल रूम और मुख्य चिकित्सा अधिकारी का फोन भी नहीं उठा। एंबुलेंस की भी सुविधा नहीं मिली।
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नीरवकुंज सिकंदरा निवासी 62 साल के आरबी सिंह पुंडीर गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे। छह साल से उनकी डायलिसिस चल रही थी। परिजन नेहा सिंह ने बताया कि सप्ताह में दो बार डायलिसिस की जाती थी। इस बार जब डायलिसिस के लिए गए तो पहले कोरोना वायरस की जांच की रिपोर्ट मांगी। इस पर 18 अप्रैल को जिला अस्पताल में इनकी जांच कराई गई। 
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रविवार की रात तीन बजे उनकी तबियत खराब होने लगी। 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया लेकिन वह भी नहीं आई। पड़ोसी की कार से एसएन मेडिकल कॉलेज लेकर गए लेकिन वहां भर्ती नहीं किया। कई बार डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाए, लेकिन भर्ती नहीं किया। ब्लड प्रेशर जांच कर कुछ दवाएं देने को कहा तो कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट मांगी। 
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परिजनों ने कहा कि जांच हो गई है रिपोर्ट आना बाकी है। तब तक भर्ती कर इलाज शुरू कर दो, लेकिन डॉक्टर नहीं माने। ऐसे में परिजन यहां से दिल्ली गेट स्थित अस्पताल में मरीज को लेकर आए, वहां भी भर्ती करने से मना कर दिया। मजबूरी में परिजन मरीज को घर लेकर आ गए और सुबह करीब साढ़े आठ बजे मौत हो गई। 

उनकी पत्नी राधा पुंडीर का कहना है कि समय पर डायलिसिस और भर्ती कर लिए जाते तो जान बच जाती। करीब 11 बजे कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट भी आई है, जिसमें निगेटिव है।
 
डीएम कंट्रोल रूम, आईएमए, सीएमओ का नहीं उठा फोन
मृतक के पड़ोसी सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि रात को पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया और तबियत खराब होने की जानकारी दी। इस पर उन्होंने कई बार 108 पर फोन किया, लेकिन हर बार यही कहा जाता कि लाइन पर रहें, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई।

अपनी कार से एसएन, निजी अस्पताल चक्कर काटते रहे, कहीं भर्ती न करने पर डीएम कंट्रोल रूम, सीएमओ, आईएमए के हेल्प लाइन समेत कई डॉक्टरों के नंबर मिलाए, लेकिन एक भी नंबर नहीं मिला।
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