{"_id":"5e57d9928ebc3ef4113bd3e5","slug":"kathak-dancer-ayushhi-dixit-performs-in-taj-mahotsav-2020","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ताज महोत्सव 2020: इंदौर की आयुषी दीक्षित ने कत्थक से मोहा दर्शकों का मन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताज महोत्सव 2020: इंदौर की आयुषी दीक्षित ने कत्थक से मोहा दर्शकों का मन
Thu, 27 Feb 2020 08:53 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 27 Feb 2020 08:53 PM IST
विज्ञापन
आयुषि दीक्षित
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताज महोत्सव में बुधवार को शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच पर आयुषी दीक्षित ने एकल कथक नृत्य प्रस्तुत कर मन मोह लिया। उन्होंने ताल पंचम सवारी पेश की। इसमें पारंपरिक थॉट, आमद, तत्कार, तोड़े-टुकड़े का समावेश बेहतरीन ढंग से किया।
पंचम सवारी को आयुषी के गुरु पद्मश्री तालयोगी सुरेश तलवलकर ने तैयार किया है। आयुषी ने कत्थक की जटिल मुद्राओं को बड़ी ही सरलता से पेश किया। उन्होंने शुरुआत गणेश वंदना से की। इसके बाद नृत्य से दर्शकों की वाहवाही लूटी।
शिल्पग्राम में बुधवार को बड़ी संख्या में दर्शक आए थे और कई शो थे। इस कारण कलाकारों को समय भी कम दिया गया। समय की इस बंदिश के बावजूद इंदौर की आयुषी की नृत्य कला को सराहना मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचम सवारी को आयुषी के गुरु पद्मश्री तालयोगी सुरेश तलवलकर ने तैयार किया है। आयुषी ने कत्थक की जटिल मुद्राओं को बड़ी ही सरलता से पेश किया। उन्होंने शुरुआत गणेश वंदना से की। इसके बाद नृत्य से दर्शकों की वाहवाही लूटी।
विज्ञापन
शिल्पग्राम में बुधवार को बड़ी संख्या में दर्शक आए थे और कई शो थे। इस कारण कलाकारों को समय भी कम दिया गया। समय की इस बंदिश के बावजूद इंदौर की आयुषी की नृत्य कला को सराहना मिली।
विज्ञापन
नन्हे कलाकारों ने जीता दिल
ताज महोत्सव 2020
- फोटो : Amar Ujala
सदर बाजार के मुक्ताकाशीय मंच पर नन्हे गायकों की सुरीली आवाज और डांस ने दर्शकों का दिल जीत लिया। किशोर कुमार, मुकेश कुमार और लता मंगेशकर के गानों को जब नन्हे कलाकारों ने अपनी सुरीली आवाज में पिरोया तो दर्शक देर तक तालियां बजते रहे।
मुकुल कुमार, आराध्या माहेश्वरी और भूमि माहेश्वरी ने अपनी कविताओं से दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद दीपेश कुमार पाराशर, श्वेता पाराशर, शेर अली खान, रिंकू भदौरिया और कामिनी के एकल नृत्य पर वहां मौजूद दर्शक नृत्य करने लगे।
मुकुल कुमार, आराध्या माहेश्वरी और भूमि माहेश्वरी ने अपनी कविताओं से दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद दीपेश कुमार पाराशर, श्वेता पाराशर, शेर अली खान, रिंकू भदौरिया और कामिनी के एकल नृत्य पर वहां मौजूद दर्शक नृत्य करने लगे।