फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Kasganj Writer husband and wife dies in Kanpur due to low oxygen level

कासगंज: कानपुर के अस्पतालों में नहीं मिला बेड, ऑक्सीजन लेवल कम होने से साहित्यकार दंपती की मौत

Thu, 15 Apr 2021 05:10 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 15 Apr 2021 05:10 PM IST
सार

कानपुर में रह रहे साहित्यकार दंपती की बुधवार रात को तबियत बिगड़ गई थी। ऑक्सीजन लेवल कम होने से उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से सोरों में शोक की लहर दौड़ गई। 

विज्ञापन
Kasganj Writer husband and wife dies in Kanpur due to low oxygen level
साहित्यकार दंपती डॉ. रामकृष्ण शर्मा और उनकी पत्नी डॉ. विमलेश शर्मा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कासगंज के सोरों निवासी साहित्यकार दंपती की ऑक्सीजन लेवल कम होने से कानपुर में मौत हो गई है। उनकी मौत की खबर से कस्बा सोरों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के मुताबिक बुधवार देर रात दंपती को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें कानपुर के अस्पतालों में जगह नहीं मिली, जिससे दोनों ने दम तोड़ दिया।

विज्ञापन


मूलरूप से तीर्थनगरी सोरों के रहने वाले साहित्यकार डॉ. रामकृष्ण शर्मा कासगंज के कोठीवाल आढ़तिया महाविद्यालय में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष थे। उनके भतीजे नंद किशोर ने बताया कि वर्ष 2002 में डॉ. रामकृष्ण शर्मा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और अपनी पत्नी डॉ. विमलेश शर्मा के साथ कानपुर के तेजाबमिल कैंपस में रहने लगे। 
विज्ञापन


पत्नी कानपुर नगरपालिका डिग्री कॉलेज में हिंदी की एसोसिएट प्रोफेसर थीं। कानपुर में दंपती के साथ रह रही भतीजी मीनू ने बताया कि 10 दिन पहले दोनों को कोरोना संक्रमण का टीका भी लग चुका था। नौ दिन पहले पति-पत्नी को सांस लेने में दिक्कत हुई। उसके बाद उन्होंने कोरोना संक्रमण की एंटीजन जांच कराई, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

चार दिन पहले आया था बुखार
फिर हालत में कुछ सुधार हुए, लेकिन चार दिन पहले बुखार आया और सांस लेने में दिक्कत हुई। इस पर उन्हें कानपुर के रीवा अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद फिर घर लाए। बुधवार को हालत बिगड़ी तो फिर रीवा अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां ऑक्सीजन स्तर गिरने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया। 

कानपुर के कई अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन उन्हें कहीं भी बेड उपलब्ध नहीं हो पाया। एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी हालत लगातार खराब होती रही और बुधवार रात को पति-पत्नी की मौत हो गई। मीनू ने बताया कि पहले डॉ. रामकृष्ण की मौत हुई, उसके कुछ देर बाद ही डॉ. विमलेश ने भी दम तोड़ दिया। 

बताया गया कि दंपती की दत्तक पुत्री आस्था और उनका भतीजा मोहित पुणे में रहता है। कोरोना के कारण वे दोनों नहीं आ पाए। मृतक दंपती के भतीजे नंदकिशोर के मुताबिक दंपती का अंतिम संस्कार कानपुर में किया गया है। शुक्रवार को दंपती की अस्थियां विसर्जन के लिए तीर्थनगरी सोरों लाई जाएंगी, जहां हरिपदी कुंड में विसर्जन होगा।

सोरों के लोगों ने जताया शोक
डॉ. रामकृष्ण शर्मा तीर्थनगरी की काव्यमंगला संस्था के संस्थापक सदस्य और तुलसीमानस पत्रिका के संरक्षक रहे हैं। उनकी मौत की खबर मिलते ही सोरों में शोक की लहर दौड़ी। तुलसीमानस परिवार के डॉ. वीपी माहेश्वरी, डॉ. प्रभाकर पाराशरी, डॉ. एनपी सिंह हल्दिया, डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित, डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. लालाराम पल्लव आदि ने शोक जताया है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed