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कासगंज हिंसाः मजिस्ट्रेट जांच में अभी तक नहीं मिले बवाल के साक्ष्य, आरोपियों ने मांगी जमानत

Tue, 13 Feb 2018 07:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज Updated Tue, 13 Feb 2018 07:31 PM IST
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kasganj violence evidence not found in magistrate inquiry
धार्मिक स्थल के बाहर तैनात पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला (File Photo)
कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा और हत्या के मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। मजिस्ट्रेटी जांच शुरू करने के लिए एडीएम न्यायिक मनीष कुमार नाहर ने आम लोगों से हिंसा और हत्या के मामले में साक्ष्य मांगे थे। 
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मंगलवार को साक्ष्य दाखिल करने एवं बयान दर्ज कराने का आखिरी दिन था लेकिन कोई भी व्यक्ति न साक्ष्य देने पहुंचा और न बयान दर्ज कराने। ऐसी स्थिति में मजिस्ट्रेटी जांच के लिए साक्ष्य दायर करने की तिथि आगे बढ़ने की संभावना है। 
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गौरतलब है कि 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा में चंदन पुत्र सुशील गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं नौशाद गोली लगने से गंभीर घायल हो गया। इसके अतिरिक्त 30 स्थान पर आगजनी एवं तोड़फोड़ की घटना हुई थी।
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kasganj violence evidence not found in magistrate inquiry
दुकानें खुली रहीं - फोटो : अमर उजाला (File)
घटना के बाद डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए थे। जांच अधिकारी एडीएम न्यायिक मनीष नाहर को बनाया गया है। जांच अधिकारी ने सार्वजनिक प्रकाशन के माध्यम से लोगों से साक्ष्य और बयान देने को कहा, लेकिन कोई भी आखिरी दिन तक न साक्ष्य देने पहुंचा और न ही अपने बयान दर्ज कराए। 

ऐसी स्थिति में मजिस्ट्रेटी जांच आखिर कैसे पूरी होगी? एडीएम न्यायिक मनीष नाहर ने बताया कि अभी तक कोई भी साक्ष्य उन्हें नहीं मिला है। उन्होंने कहा फिर से साक्ष्य और बयान दर्जी कराने का मौका लोगों को दिया जाएगा। मजिस्ट्रेटी जांच के लिए और समय बढ़ेगा। 

जमानत प्रार्थना पत्र दायर

kasganj violence evidence not found in magistrate inquiry
court
हिंसा, हत्या और आगजनी के मामले में जेल में बंद आरोपियों द्वारा लगातार न्यायालय से जमानत हासिल करने की कोशिशें की जा रहीं हैं। मंगलवार को जेल में बंद चार आरोपियों की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र दायर किए हैं। इनकी सुनवाई 19 फरवरी को होगी। 

अभी तक जेल में बंद 14 आरोपियों के जमानत पत्र सीजीएम न्यायालय से निरस्त हो चुके हैं। मंगलवार को गजेंद्र सिंह पुत्र मुकेश, भूपेंद्र पुत्र दिनेश निवासी नगला बबूल, अमित पुत्र गिरजाशंकर निवासी चित्रगुप्त कॉलोनी एवं गगन पुत्र भोजराज निवासी साहब वालापेज की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दायर किए गए। 

न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 19 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। वहीं पांच अन्य प्रार्थना पत्रों पर 17 फरवरी को सुनवाई होनी है। 17 फरवरी को जेल में बंद आरोपी राज पुत्र रनवीर, अनुज तोमर पुत्र धर्मेंद, विनीत सक्सेना पुत्र प्रमोद, अनिल कुमार पुत्र भूमिराज, सचिन पुत्र अर्जुन की जमानत पर सुनवाई होगी।
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