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UP: प्रयागराज में महाकुंभ स्नान के लिए गए थे शिवकाली मंदिर के महंत, शिविर में त्याग दिए प्राण; शोक की लहर
Mon, 03 Feb 2025 12:33 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:33 PM IST
सार
शिवकाली मंदिर के महंत राजेंद्र पुरी का प्रयागराज कुंभ में शुक्रवार की रात अपने ही शिविर में निधन हो गया। उनके निधन की खबर पर उनके शिष्य व कस्बे के लिए शोक में डूब गए।
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महंत राजेंद्र पुरी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कासगंज के सिढ़पुरा कस्बे के शिवकाली मंदिर के महंत राजेंद्र पुरी का प्रयागराज कुंभ में शुक्रवार की रात अपने ही शिविर में निधन हो गया। उनके निधन की खबर पर उनके शिष्य व कस्बे के लिए शोक में डूब गए। उनकी पार्थिव देह को कुंभ से यहां लाया गया। रविवार को उनकी समाधि यात्रा निकाली गई और परंपरागत तरीके से मंदिर परिसर में समाधि संस्कार किया।
महंत राजेंद्र पुरी नागा संत थे। उन्होंने 15 वर्ष की अवस्था में घर बार छोड़ दिया था। उनका निधन शुक्रवार की रात 2 बजे हो गया। वे मूर्ति कला के विशेषज्ञ थे। उन्होंने स्वयं मां काली व भगवान भोलेनाथ की लेटी हुई मूर्ति, बजरंगबली व शिव पार्वती की भव्य मूर्तियों को बनाकर मंदिर बनाया था। उन्होंने काफी मंदिरों में भगवान की मूर्तियां बनाईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके पास जाकर आशीष लेते थे।
कुंभ से शव आने के बाद रथ सजाया गया। रथ में समाधि की मुद्रा में बैठे संत के भ्रमण के दौरान दर्शन किए और शिवकाली मंदिर पर उन्हें समाधि दी गई। इस दौरान उनके परिवार के बलवीर सहाय, जगदीश, सुभाष चंद्र, विनोद, लोकेंद्र मौजूद रहे। वहीं कस्बे के लोगों में महेश चंद्र दुबे, राजेंद्र मिश्रा, दिनेश पंाडे, छैल बिहारी, ओपी शर्मा, मनेाज शर्मा, मिथुन गुप्ता मौजूद रहे।
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महंत राजेंद्र पुरी नागा संत थे। उन्होंने 15 वर्ष की अवस्था में घर बार छोड़ दिया था। उनका निधन शुक्रवार की रात 2 बजे हो गया। वे मूर्ति कला के विशेषज्ञ थे। उन्होंने स्वयं मां काली व भगवान भोलेनाथ की लेटी हुई मूर्ति, बजरंगबली व शिव पार्वती की भव्य मूर्तियों को बनाकर मंदिर बनाया था। उन्होंने काफी मंदिरों में भगवान की मूर्तियां बनाईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके पास जाकर आशीष लेते थे।
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कुंभ से शव आने के बाद रथ सजाया गया। रथ में समाधि की मुद्रा में बैठे संत के भ्रमण के दौरान दर्शन किए और शिवकाली मंदिर पर उन्हें समाधि दी गई। इस दौरान उनके परिवार के बलवीर सहाय, जगदीश, सुभाष चंद्र, विनोद, लोकेंद्र मौजूद रहे। वहीं कस्बे के लोगों में महेश चंद्र दुबे, राजेंद्र मिश्रा, दिनेश पंाडे, छैल बिहारी, ओपी शर्मा, मनेाज शर्मा, मिथुन गुप्ता मौजूद रहे।
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