यूक्रेन संकट: नौ घंटे लाइन में लगा, तब पहुंचा रोमानिया बॉर्डर, वापस आए कासगंज के छात्र ने बताई आपबीती
यूक्रेन से लौटे कासगंज के छात्र विशाल ने बताया कि विनीसिया शहर में कोई हमला नहीं था, लेकिन बाजार, मॉल सब बंद थे। ऐसे में खान पान की समस्या रही।
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यूक्रेन के विनीसिया शहर से कासगंज के मेडिकल छात्र विशाल कुमार की शुक्रवार को घर वापसी हुई है। वह रोमानिया बॉर्डर पार कर भारत पहुंचे। विशाल के सकुशल वापस आने से परिवार में खुशियां लौट आई हैं। विशाल ने अमर उजाला से बातचीत में अपनी दास्तां साझा की। उसने बताया कि यूक्रेन से बाहर निकलने में काफी मुसीबतें हुईं। आठ किलोमीटर पैदल चले तब रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंचे। फिर नौ घंटे धक्का-मुक्की के बीच लाइन में लगना पड़ा। ऐसी मुसीबत उनके ही नहीं बल्कि अन्य भारतीयों के सामने भी रही।
विशाल ने कहा कि यूक्रेन में हालात बेहद खराब हैं। कीव, खारकीव सहित अन्य शहर रूस के निशाने पर हैं। लगातार बमबारी हो रही है। विशाल ने बताया कि वह 26 फरवरी को विनीसिया से एक बस में बैठकर रोमानिया बॉर्डर के लिए निकले, लेकिन बस ने बॉर्डर से काफी पहले ही उतार दिया। फिर वहां भारत आने का इंतजार किया। गुरुवार की रात को रोमानिया से भारत की फ्लाइट मिली। तब वापसी हो पाई।
विनीसिया में बाजार और मॉल बंद
विशाल ने बताया कि विनीसिया में कोई हमला नहीं था, लेकिन बाजार, मॉल सब बंद थे। ऐसे में खान पान की समस्या रही। यूक्रेन के लोगों द्वारा लगाए गए शिविरों में ब्रेड आदि मिला, जो मिलता था वही खाते थे। मन में भारत आने की जद्दोजहद की। 6 दिन तक इसी जद्दोजहद में कड़ाके की ठंड के बीच जुटे रहे। विशाल के घर वापस आने पर उनके पिता मनोज कुमार, मां विमलेश कुमार, भाई मोहित व बहन हिमांजलि ने खुशी जाहिर करते हुए भारत सरकार का आभार जताया है।