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Kasganj Flood: लोगों ने समेटा सामान, वीडियो में देखें गंगा का रौद्र रूप
Mon, 08 Aug 2022 02:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 08 Aug 2022 02:26 PM IST
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Kasganj Flood
- फोटो : अमर उजाला
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उफनती गंगा देख कासगंज के तटवर्ती गांव से लोगों का पलायन जारी है। पटियाली तहसील के बरौना गांव की आबादी में कटान शुरू हो चुका है। किनारे की आबादी के लोग अपना सामान,चारा समेट कर सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने लगे हैं। कुछ लोगों ने तो टीलों पर डेरा जमाना शुरु कर दिया है। तकरीबन 40 किसानों की 100 बीघा कृषि भूमि गंगा के कटान में समां गई। अब आबादी के इलाके में गंगा का कटान शुरू हो चुका है। करीब पांच हजार की आबादी के सामने यह बड़ा संकट है कि कब गंगा की धारा आबादी के इलाके में कटान तेज कर दे।
गांव के पूर्वी किनारे व पश्चिमी किनारे पर कुछ दिन पहले से कटान तेज हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव की ओर पिछले वर्ष ही गंगा की धारा का रुख हो गया था, लेकिन इस समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया। अभी बीस दिन पहले जब कटान तेजी से हुआ और किसानों की जमीनें लगातार कटकर गंगा में समाने लगीं तो कटान रोकने की कवायद शुरू हुई, लेकिन यह कवायद पूरी तरह से विफल हो गई है। इस गांव में 315 हेक्टेयर का भूभाग है। जो जिले की बीघा गणना के मुताबिक करीब चार हजार बीघा जमीन है। आबादी तक गंगा के कटान की दस्तक पहुंच चुकी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार का कहना है कि गंगा की धारा का दबाव लगातार गांव की ओर बना हुआ है। धारा का रुख परिवर्तित करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन कटान का सिलसिला गंगा का पानी कम होने पर तेज हो सकता है। लगातार कटान रोकने के उपाय किए जा रहे हैं।
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गांव के पूर्वी किनारे व पश्चिमी किनारे पर कुछ दिन पहले से कटान तेज हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव की ओर पिछले वर्ष ही गंगा की धारा का रुख हो गया था, लेकिन इस समस्या पर किसी का ध्यान नहीं गया। अभी बीस दिन पहले जब कटान तेजी से हुआ और किसानों की जमीनें लगातार कटकर गंगा में समाने लगीं तो कटान रोकने की कवायद शुरू हुई, लेकिन यह कवायद पूरी तरह से विफल हो गई है। इस गांव में 315 हेक्टेयर का भूभाग है। जो जिले की बीघा गणना के मुताबिक करीब चार हजार बीघा जमीन है। आबादी तक गंगा के कटान की दस्तक पहुंच चुकी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार का कहना है कि गंगा की धारा का दबाव लगातार गांव की ओर बना हुआ है। धारा का रुख परिवर्तित करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन कटान का सिलसिला गंगा का पानी कम होने पर तेज हो सकता है। लगातार कटान रोकने के उपाय किए जा रहे हैं।
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