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कार्तिक पूर्णिमा: 126 साल बाद भरणी-रोहिनी नक्षत्र का विशेष योग
Mon, 30 Nov 2020 12:39 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 30 Nov 2020 12:39 AM IST
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बटेश्वर मंदिर पर पहुंचे श्रद्घालु
- फोटो : अमर उजाला
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कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को 126 साल बाद भरणी और रोहणी नक्षत्र का विशेष योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि और वर्धमान योग भी रहेगा। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि विशेष योग में स्नान, ध्यान, पूजा, यज्ञ अनुष्ठान का कई गुना पुण्य मिलेगा। कोरोना महामारी के मद्देनजर उन्होंने ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ की तर्ज पर घर में ही पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करने का आह्वान किया है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि रविवार को दोपहर 12.47 बजे से सोमवार दोपहर 2.59 बजे तक कार्तिक पूर्णिमा की तिथि रहेगी। इस दौरान स्नान के बाद भगवान विष्णु के साथ गौरी शंकर का पूजन करें। तुलसी के समक्ष दीपदान करने से लक्ष्मी प्रसन्न होंगी। वहीं बटेश्वर मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि कोरोना के कारण ब्रह्मलाल जी महाराज और गौरीशंकर मंदिर के पट बंद हैं। श्रद्धालु सोशल मीडिया पर भोलेनाथ के दर्शन कर घर पर ही पूजन करें।
नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि सोमवार को चंद्र ग्रहण सर्वार्थ सिद्धि योग और वर्धमान योग में लगेगा। यह उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा। सूतक भी नहीं लगेगा। समस्त धार्मिक मांगलिक कृत्य होंगे। चंद्र ग्रहण सोमवार की दोपहर 1.04 बजे से शुरू होकर शाम 5.22 बजे समाप्त होगा।
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ज्योतिषाचार्य ने बताया कि रविवार को दोपहर 12.47 बजे से सोमवार दोपहर 2.59 बजे तक कार्तिक पूर्णिमा की तिथि रहेगी। इस दौरान स्नान के बाद भगवान विष्णु के साथ गौरी शंकर का पूजन करें। तुलसी के समक्ष दीपदान करने से लक्ष्मी प्रसन्न होंगी। वहीं बटेश्वर मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि कोरोना के कारण ब्रह्मलाल जी महाराज और गौरीशंकर मंदिर के पट बंद हैं। श्रद्धालु सोशल मीडिया पर भोलेनाथ के दर्शन कर घर पर ही पूजन करें।
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नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि सोमवार को चंद्र ग्रहण सर्वार्थ सिद्धि योग और वर्धमान योग में लगेगा। यह उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा। सूतक भी नहीं लगेगा। समस्त धार्मिक मांगलिक कृत्य होंगे। चंद्र ग्रहण सोमवार की दोपहर 1.04 बजे से शुरू होकर शाम 5.22 बजे समाप्त होगा।
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बटेश्वर के घाट पर उमड़ी भीड़
बटेश्वर में रविवार को भी बैकुंठ चौदस पर श्रद्धालु रोके नहीं रुके। बटेश्वर के घाट पर दिनभर यमुना में डुबकी लगी। पूर्वजों के मोक्ष के लिए दीपदान के लिए भी भीड़ उमड़ी रही, बच्चों के मुंडन संस्कार भी हुए। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने जौ बोकर नंदी की पूजा की। इस दौरान इंस्पेक्टर बाह विनोद कुमार पवार के नेतृत्व में खॉद, मनमथ, मंदिर के प्रवेश द्वार, घाट पर पुलिस तैनात रही। फिर भी श्रद्धालु कच्चे रास्तों और बीहड़ की पगडंडी से होकर मंदिर तक पहुंचे।
बटेश्वर में रविवार को भी बैकुंठ चौदस पर श्रद्धालु रोके नहीं रुके। बटेश्वर के घाट पर दिनभर यमुना में डुबकी लगी। पूर्वजों के मोक्ष के लिए दीपदान के लिए भी भीड़ उमड़ी रही, बच्चों के मुंडन संस्कार भी हुए। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने जौ बोकर नंदी की पूजा की। इस दौरान इंस्पेक्टर बाह विनोद कुमार पवार के नेतृत्व में खॉद, मनमथ, मंदिर के प्रवेश द्वार, घाट पर पुलिस तैनात रही। फिर भी श्रद्धालु कच्चे रास्तों और बीहड़ की पगडंडी से होकर मंदिर तक पहुंचे।