{"_id":"62167583350559597a263e9c","slug":"kanvad-traval-shabby-road-kasganj-news-agr525235780","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंकड़ पत्थर की नुकीली राह से गुजरेंगे श्रद्धालु कावड़िए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंकड़ पत्थर की नुकीली राह से गुजरेंगे श्रद्धालु कावड़िए
विज्ञापन
कासगंज के सोरों -लहरा का जर्जर मार्ग ।
- फोटो : KASGANJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोरोंजी। कांवड़िए तीर्थनगरी के लहरा घाट से जल भरकर जब अपने गंतव्य को प्रस्थान करेंगे तो उन्हें कंकड़ पत्थर की नुकीली राह से गुजरना होगा। लहरा की ओर जाने वाला सड़क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। एक अन्य मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। निर्माण की सुध अभी तक प्रशासन ने नहीं ली है।
सोरों जी से लहरा कुष्ठ आश्रम तक के एक किमी मार्ग की सड़क भी जगह-जगह उखड़ गई है। एक सड़क काफी समय से खराब है, पिछले वर्ष भी श्रद्धालु कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। लेकिन अभी तक सड़क सही नहीं की है। जबकि कांवड़ मेला शुरू हो चुका है। वहीं, दूसरी सड़क गलपट्टी से सोहम आश्रम तक की 2 किमी. सड़क में काफी गड्ढे थे। जिला पंचायत द्वारा इस सड़क पर पत्थर व मिट्टी डलवाकर रोलर चलवा दिया गया, लेकिन अभी तक डामरीकरण नहीं कराया गया। इससे जगह-जगह फिर नुकीले पत्थर निकल आये हैं। कांवड़िये इसी मार्ग से होते हुए हरिपदी गंगा तक पहुंचते हैं। यह कावड़ियों के गुजरने के प्रमुख मार्ग है। आगामी एक मार्च के महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए कांवड़ियों की टोलियां लहरा गंगा घाट जल भरने पहुंचने लगी हैं। ऐसे में उनकी परेशानी कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे।
टू-लेन हो लहरा गंगा घाट तक का मार्ग
लहरा गंगा घाट से महाशिवरात्रि पर्व व सावन मास में बड़ी संख्या में जल लेने श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर्व से दो दिन पहले से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर, कार, मिनी बसों, टेंपो, दो पहिया वाहनों आदि के कारण इस मार्ग पर यातायात का दबाव काफी अधिक हो जाता है। लहरा घाट से सोरोंजी तक का छह किमी का मार्ग तय करने में घंटों लग जाते हैं। ऐसे में अगर लहरा-सोरोंजी के एकल मार्ग को टू-लेन कर दिया जाए तो श्रद्धालुओं को सुगमता होगी।
विज्ञापन
सोरों से लहरा मार्ग का अधिकांश भाग सही है। जो हिस्सा खराब है, उसे शीघ्र ठीक कराया जाएगा, जिससे आने जाने वाले कावड़ियों को दिक्कतें न हों। - सुधीर कुमार, अधिशाषी अभियंता पीडब्लूडी।
कांवड़ मेले के लिए तैयारियां लगातार जारी हैं। जेसीबी से मिट्टी को डालकर गड्ढे भरे जाएंगे। अन्य व्यवस्थाएं भी मेले को लेकर की जा रही हैं। - संतराम सरोज, ईओ नगर पालिका सोरों।
विज्ञापन
सोरों जी से लहरा कुष्ठ आश्रम तक के एक किमी मार्ग की सड़क भी जगह-जगह उखड़ गई है। एक सड़क काफी समय से खराब है, पिछले वर्ष भी श्रद्धालु कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। लेकिन अभी तक सड़क सही नहीं की है। जबकि कांवड़ मेला शुरू हो चुका है। वहीं, दूसरी सड़क गलपट्टी से सोहम आश्रम तक की 2 किमी. सड़क में काफी गड्ढे थे। जिला पंचायत द्वारा इस सड़क पर पत्थर व मिट्टी डलवाकर रोलर चलवा दिया गया, लेकिन अभी तक डामरीकरण नहीं कराया गया। इससे जगह-जगह फिर नुकीले पत्थर निकल आये हैं। कांवड़िये इसी मार्ग से होते हुए हरिपदी गंगा तक पहुंचते हैं। यह कावड़ियों के गुजरने के प्रमुख मार्ग है। आगामी एक मार्च के महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए कांवड़ियों की टोलियां लहरा गंगा घाट जल भरने पहुंचने लगी हैं। ऐसे में उनकी परेशानी कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे।
विज्ञापन
टू-लेन हो लहरा गंगा घाट तक का मार्ग
लहरा गंगा घाट से महाशिवरात्रि पर्व व सावन मास में बड़ी संख्या में जल लेने श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर्व से दो दिन पहले से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर, कार, मिनी बसों, टेंपो, दो पहिया वाहनों आदि के कारण इस मार्ग पर यातायात का दबाव काफी अधिक हो जाता है। लहरा घाट से सोरोंजी तक का छह किमी का मार्ग तय करने में घंटों लग जाते हैं। ऐसे में अगर लहरा-सोरोंजी के एकल मार्ग को टू-लेन कर दिया जाए तो श्रद्धालुओं को सुगमता होगी।
विज्ञापन
सोरों से लहरा मार्ग का अधिकांश भाग सही है। जो हिस्सा खराब है, उसे शीघ्र ठीक कराया जाएगा, जिससे आने जाने वाले कावड़ियों को दिक्कतें न हों। - सुधीर कुमार, अधिशाषी अभियंता पीडब्लूडी।
कांवड़ मेले के लिए तैयारियां लगातार जारी हैं। जेसीबी से मिट्टी को डालकर गड्ढे भरे जाएंगे। अन्य व्यवस्थाएं भी मेले को लेकर की जा रही हैं। - संतराम सरोज, ईओ नगर पालिका सोरों।