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यूपी: छात्रों को ‘गटर जेनरेशन’ कहने का मामला, कंगना रणौत पर 14 को सुनवाई
Sat, 10 Oct 2026 11:52 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:52 AM IST
सार
भाजपा सांसद कंगना रणौत के खिलाफ छात्रों पर कथित टिप्पणी के मामले में वादी अधिवक्ता ने जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से जवाब के लिए समय मांगने पर सुनवाई 14 अक्तूबर तक टल गई।
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सांसद कंगना रणौत
- फोटो : संवाद
विस्तार
भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत पर छात्रों को गटर जेनरेशन कहने और उनके अभिभावकों का अपमान करने के मामले में वादी अधिवक्ता ने जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने जवाब देने के लिए समय की मांग की, इससे अब सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी।
एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह ने 3 सितंबर, 2026 को वाद खारिज करने के आदेश दिए थे। लिखा था कि जो घटना वर्णित की गई है, उससे न तो वादी पीड़ित है और न व्यथित है। इसके बाद राजीव गांधी बार के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने परिवाद दायर किया।
बताया कि नीट और अन्य परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से करोड़ों छात्र आहत हैं। कई छात्रों ने तनाव में आत्महत्या भी कर ली। सांसद कंगना रणौत ने 27 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ टिप्पणी की, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
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एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह ने 3 सितंबर, 2026 को वाद खारिज करने के आदेश दिए थे। लिखा था कि जो घटना वर्णित की गई है, उससे न तो वादी पीड़ित है और न व्यथित है। इसके बाद राजीव गांधी बार के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने परिवाद दायर किया।
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बताया कि नीट और अन्य परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से करोड़ों छात्र आहत हैं। कई छात्रों ने तनाव में आत्महत्या भी कर ली। सांसद कंगना रणौत ने 27 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ टिप्पणी की, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
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