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एनजीटी: कल्याणी हाइट्स तक लगाए निशान
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Wed, 15 Feb 2017 11:59 PM IST
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बुधवार को डाउन स्ट्रीम में कल्याणी हाइट्स के पास तक लगाए गए डूब क्षेत्र के निशान
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना नदी के डूब क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण मामले में एनजीटी के निर्देश पर आई विशेषज्ञाें की टीम ने बुधवार को डाउन स्ट्रीम में पोइया घाट से लेकर दयालबाग के कल्याणी हाइट्स तक डूब क्षेत्र के निशान लगाए। साल 2010 में आई बाढ़ को आधार बनाते हुए सेटेलाइट चित्रों से हो रहे इस सीमांकन में दर्जनों कालोनियां आ रही हैं जो अब तक बची हुईं थीं। पुराने सीमांकन में यमुना नदी के किनारे ऊंचे स्थानों को डूब क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया था, लेकिन नए सर्वे में जहां तक बाढ़ का पानी आया, उन सभी जगहों के किनारे पर निशान लगाए गए। डूब क्षेत्र निर्धारण का काम गुरुवार को भी जारी रहेगा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, केंद्रीय जल आयोग, सिंचाई विभाग, जल निगम, आगरा विकास प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने बुधवार को यमुना नदी के डाउन स्ट्रीम में पोइया घाट से कल्याणी हाइट्स तक नदी के डूब क्षेत्र का निर्धारण किया। पुष्पांजलि सीजंस, राधावल्लभ इंटर कालेज, अमर विहार समेत दो दर्जन इमारतों के पास निशान लगाए गए। हर 100 मीटर पर एक्सपर्ट की टीम डूब क्षेत्र का निर्धारण निशान लगाकर कर रही है। इनमें से कई जगह बिल्डरों ने मलबे से भराव कराकर नदी का किनारा ऊंचा कर दिया है। पुराने निर्धारण में मुड्डियां आगे लगाई गई थीं, लेकिन एनजीटी की फटकार के बाद फिर से डूब क्षेत्र तय करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। गुरुवार को अधिकारियों की संयुक्त टीम कल्याणी हाइट्स से नगला बूढ़ी की ओर के डूब क्षेत्र के निशान तय करेगी।
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, केंद्रीय जल आयोग, सिंचाई विभाग, जल निगम, आगरा विकास प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने बुधवार को यमुना नदी के डाउन स्ट्रीम में पोइया घाट से कल्याणी हाइट्स तक नदी के डूब क्षेत्र का निर्धारण किया। पुष्पांजलि सीजंस, राधावल्लभ इंटर कालेज, अमर विहार समेत दो दर्जन इमारतों के पास निशान लगाए गए। हर 100 मीटर पर एक्सपर्ट की टीम डूब क्षेत्र का निर्धारण निशान लगाकर कर रही है। इनमें से कई जगह बिल्डरों ने मलबे से भराव कराकर नदी का किनारा ऊंचा कर दिया है। पुराने निर्धारण में मुड्डियां आगे लगाई गई थीं, लेकिन एनजीटी की फटकार के बाद फिर से डूब क्षेत्र तय करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। गुरुवार को अधिकारियों की संयुक्त टीम कल्याणी हाइट्स से नगला बूढ़ी की ओर के डूब क्षेत्र के निशान तय करेगी।
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