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काली घटाओं के बीच विराजे ठाकुर द्वारिकाधीश, आराध्य के दर्शन पाकर अभिभूत हुए भक्त
Sat, 26 Sep 2020 12:25 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 26 Sep 2020 12:25 AM IST
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ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में आराध्य को गर्मी से निजात दिलाने के लिए शुक्रवार को काली घटा मनोरथ किया गया। चमकती बिजली, बादलों की तेज गड़गड़ाहट और हल्की फुहारों के बीच विराजे ठाकुर द्वारिकाधीश ने भक्तों को दर्शन दिए। अपने आराध्य के दर्शन पाकर भक्त निहाल हो गए।
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अधिकमास में शुक्रवार को ठाकुर द्वारिकाधीश में मनाए गए कालीघटा मनोरथ को लेकर मंदिर परिसर में काले कपड़े लगाकर अंधेरा किया गया। साथ ही बिजली यंत्रों से मोर, कोयल की आवाज, तेज चमकती बिजली, बादलों की गड़गड़ाहट तथा फुहारों को बरसाने की व्यवस्था की गई। काली घटाओं के बीच विराजे ठाकुर द्वारिकाधीश के दर्शन कर श्रद्धालु अभिभूत हुए। मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा।
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मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि अधिक मास में चल रहे कार्यक्रमों के तहत पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारिकाधीश में भव्य काली घटा का आयोजन किया गया। शनिवार सुबह राजभोग के दर्शन में दानलीला और सायंकाल भोग संध्या आरती में हिंडोला के दर्शन होंगे।
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श्री श्वेत वराह भगवान का अभिषेक
मानिक चौक स्थित प्राचीन श्री श्वेत वराह भगवान के मंदिर में अधिकमास की शुक्लपक्ष की नवमी तिथि पर मनोरथ के भाव से विविध उत्सव हुए। मनोरथों की श्रृंखला में सर्वप्रथम ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक कराया गया। इसके पश्चात ठाकुर जी ने बालरूप में धोती उपरना धारण कर दर्शन दिए। वहीं संध्याकाल में ठाकुर जी फूल बंगले में विराजे।
अधिकमास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह ठहरने एवं खाने- पीने की व्यवस्था है। सुरीर स्थित देवी मंदिर पर महंत रघुनंदन दास ने परिक्रमा दे रहे भक्तों के लिए सुबह चाय, दोपहर व शाम को खाने और ठहरने की व्यवस्था की है।
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मानिक चौक स्थित प्राचीन श्री श्वेत वराह भगवान के मंदिर में अधिकमास की शुक्लपक्ष की नवमी तिथि पर मनोरथ के भाव से विविध उत्सव हुए। मनोरथों की श्रृंखला में सर्वप्रथम ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक कराया गया। इसके पश्चात ठाकुर जी ने बालरूप में धोती उपरना धारण कर दर्शन दिए। वहीं संध्याकाल में ठाकुर जी फूल बंगले में विराजे।
अधिकमास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह ठहरने एवं खाने- पीने की व्यवस्था है। सुरीर स्थित देवी मंदिर पर महंत रघुनंदन दास ने परिक्रमा दे रहे भक्तों के लिए सुबह चाय, दोपहर व शाम को खाने और ठहरने की व्यवस्था की है।
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