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Agra News: टैनपुरी से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जोड़ा 250 सौ साल पुराना नाता
Fri, 26 May 2023 11:13 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 26 May 2023 11:13 PM IST
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मैनपुरी।
ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को पहली बार मैनपुरी आए। उन्होंने भाव विभोर स्वर में अपने पिता को याद करते हुए मैनपुरी से सिंधिया राजघराने के संबंधों का बखान किया। कहा उनका नाता मैनपुरी से 250 साल पुराना है। उनके पूर्वजों ने मैनपुरी को रोहिल्ला अफगानों से रक्षा की थी ।
30 सितंबर 2001 को बेवर क्षेत्र के गांव भैंसरोली में एक विमान दुर्घटना में माधव राव सिंधिया का निधन हो गया था। ऐसे में लोग इसी दुर्घटना से मैनपुरी और सिंधिया राजघराने का संबंध जोड़ते आए हैं। लेकिन शुक्रवार को अपने पिता माधव राव सिंधिया की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मैनपुरी और सिंधिया राजघराने के संबंधों को 250 साल पुराना बताया।
उन्होंने कहा कि इतिहास के कालखंड में जब भारत माता की धरती पर विदेशी ताकतें अपना पैर पसार रही थीं और रोहिल्ला अफगान इस क्षेत्र पर अत्याचार करने की मुहिम से निकले थे। तब हमारे पूर्वज दत्ता जी महाराज सिंधिया और उनके बाद महर्षि महाराज ने इस पूरे क्षेत्र में भारत माता की एकता अखंडता बनाए रखने के लिए रोहिल्ला अफगानों को उखाड़ फेंकने का काम किया। ये वर्ष 1770 की बात है ,जब केवल मैनपुरी ही नहीं इटावा, मेरठ, बदायूं नजीराबाद तक रोहिल्ला अफगानों का आतंक था। सिंधिया परिवार के पूर्वजों ने उन्हें उखाड़कर फेंकने का काम किया है।
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उन्होंने कहा कि मैनपुरी मिट्टी से सिंधिया परिवार का गहरा नाता रहा है। सिंधिया परिवार ने जहां इस क्षेत्र को स्वतंत्र कराया वहीं उनके पिता ने इस मिट्टी में आखिरी सांस ली। उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटकर कहीं न कहीं लोगों के दिल से जुड़ने का प्रयास किया। जनता ने भी तालियों की गड़गड़ाहट से संबंधों की गर्मजोशी का अहसास कराया।
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राजमाता को याद कर सीएम और गोरक्षपीठ से जताया अपनापन
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केवल मैनपुरी से ही नहीं बल्कि सीएम योगी आदित्यनाथ और गोरक्षपीठ से भी अपनापन जताया। उन्होंने कहा कि उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए गोरक्षपीठ के साथ मिलकर योगदान देने का काम किया। इसके साथ ही गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर ने संत परपंरा के तहत विदेश आक्रांताओं से रक्षा के लिए माधव राव सिंधिया के पूर्वजों को श्रीनाथ की उपाधि दी थी।
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कहीं लोकसभा चुनाव की तैयारी तो नहीं
शुक्रवार को जिले में हुए माधव राव सिंधिया की मूर्ति के भव्य अनावरण कार्यक्रम को लेकर लोकसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देख रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाषण के बाद कई तरह की चर्चाओं ने जोड़ पकड़ लिया है। इसी में से एक चर्चा ये भी है कि कहीं आगामी चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैनपुरी से मैदान में उतारने की तैयारी तो नहीं है। हालांकि इन चर्चाओं में कितना दम है ये वक्त ही बताएगा।
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ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को पहली बार मैनपुरी आए। उन्होंने भाव विभोर स्वर में अपने पिता को याद करते हुए मैनपुरी से सिंधिया राजघराने के संबंधों का बखान किया। कहा उनका नाता मैनपुरी से 250 साल पुराना है। उनके पूर्वजों ने मैनपुरी को रोहिल्ला अफगानों से रक्षा की थी ।
30 सितंबर 2001 को बेवर क्षेत्र के गांव भैंसरोली में एक विमान दुर्घटना में माधव राव सिंधिया का निधन हो गया था। ऐसे में लोग इसी दुर्घटना से मैनपुरी और सिंधिया राजघराने का संबंध जोड़ते आए हैं। लेकिन शुक्रवार को अपने पिता माधव राव सिंधिया की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मैनपुरी और सिंधिया राजघराने के संबंधों को 250 साल पुराना बताया।
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उन्होंने कहा कि इतिहास के कालखंड में जब भारत माता की धरती पर विदेशी ताकतें अपना पैर पसार रही थीं और रोहिल्ला अफगान इस क्षेत्र पर अत्याचार करने की मुहिम से निकले थे। तब हमारे पूर्वज दत्ता जी महाराज सिंधिया और उनके बाद महर्षि महाराज ने इस पूरे क्षेत्र में भारत माता की एकता अखंडता बनाए रखने के लिए रोहिल्ला अफगानों को उखाड़ फेंकने का काम किया। ये वर्ष 1770 की बात है ,जब केवल मैनपुरी ही नहीं इटावा, मेरठ, बदायूं नजीराबाद तक रोहिल्ला अफगानों का आतंक था। सिंधिया परिवार के पूर्वजों ने उन्हें उखाड़कर फेंकने का काम किया है।
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उन्होंने कहा कि मैनपुरी मिट्टी से सिंधिया परिवार का गहरा नाता रहा है। सिंधिया परिवार ने जहां इस क्षेत्र को स्वतंत्र कराया वहीं उनके पिता ने इस मिट्टी में आखिरी सांस ली। उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटकर कहीं न कहीं लोगों के दिल से जुड़ने का प्रयास किया। जनता ने भी तालियों की गड़गड़ाहट से संबंधों की गर्मजोशी का अहसास कराया।
राजमाता को याद कर सीएम और गोरक्षपीठ से जताया अपनापन
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केवल मैनपुरी से ही नहीं बल्कि सीएम योगी आदित्यनाथ और गोरक्षपीठ से भी अपनापन जताया। उन्होंने कहा कि उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए गोरक्षपीठ के साथ मिलकर योगदान देने का काम किया। इसके साथ ही गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर ने संत परपंरा के तहत विदेश आक्रांताओं से रक्षा के लिए माधव राव सिंधिया के पूर्वजों को श्रीनाथ की उपाधि दी थी।
कहीं लोकसभा चुनाव की तैयारी तो नहीं
शुक्रवार को जिले में हुए माधव राव सिंधिया की मूर्ति के भव्य अनावरण कार्यक्रम को लेकर लोकसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देख रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाषण के बाद कई तरह की चर्चाओं ने जोड़ पकड़ लिया है। इसी में से एक चर्चा ये भी है कि कहीं आगामी चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मैनपुरी से मैदान में उतारने की तैयारी तो नहीं है। हालांकि इन चर्चाओं में कितना दम है ये वक्त ही बताएगा।