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खतरनाक जवाहर पुल पर फर्राटा भरते रहे वाहन
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 02 Feb 2016 02:12 AM IST
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शहर को यमुनापार के इलाके से जोड़ने वाले जवाहर पुल की स्थिति खतरनाक हो गई है। इसके बाद भी सोमवार को पुल से भारी वाहनों का आवागमन नहीं रोका गया। इस पर दोपहर तीन बजे से भारी वाहनों का संचालन बंद किया जाना था। उधर, नेशनल हाइवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के विशेषज्ञों ने पुल के उस हिस्से का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल के निचले हिस्से में टूटी हुई रोलर बियरिंग को भी देखा। इसमें दो बियरिंग के टूटने के कारण पुल के दो पिलर के मध्य के हिस्से में बीच से गहरी दरार पड़ गई है। पुल पर मरम्मत का कार्य अगले कुछ दिनों में शुरू होगा।
जवाहर पुल के रख-रखाव पर बरसों से कोई काम नहीं किया गया था। इसका नतीजा यह रहा कि साठ के दशक में बने जवाहर पुल पर पिलर पी-2 और पी-3 के बीच की दो रोलर बियरिंग टूट गईं, जोकि लोहे की होती हैं। पुल के निचले हिस्से से देखने पर दोनों बियरिंग साफ नजर आती हैं। पुल की दरार भी गहरी होती जा रही है। सोमवार की दोपहर को एनएचएआई के परियोजना निदेशक एसबी सिंह के साथ दो विशेषज्ञों ने कई घंटे तक पुल में पड़ी दरार का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने हाइड्रोलिक सीढ़ी की मदद से पुल के बीच में बने दरार में बियरिंग के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति का मुआयना किया। पुल के अंदर से टीम ने, दरार वाले क्षेत्र की फोटोग्राफी भी की। विशेषज्ञों का कहना है कि पुल की मरम्मत का कार्य उसकी निर्माण की तकनीकी के मुताबिक किया जाता है। पुल में हुई क्षति का पता लगाने के बाद इसका कई स्तरों पर परीक्षण होगा। मरम्मत शुरू होने से पहले राज्य सेतु निगम के विशेषज्ञों से भी सलाह ली जाएगी। उधर, पुल के खतरनाक स्थिति में पहुंचने के बाद भी सोमवार को शाम पांच बजे तक इस पर हल्के और भारी सभी तरह के वाहनों का आवागमन निरंतर जारी रहा।
दो पिलर के बीच झुक गया है पुल
जवाहर पुल के जिन दो खंभों के बीच दरार आई है, वह काफी लंबे समय से है। इसके कारण भारी वाहनों के गुजरने पर पुल के इस हिस्से में झटका लगता है। इससे दरार चौड़ी होती गई जिससे पुल का ये हिस्सा कुछ झुक गया है। एनएचएआई के अधिकारियों को इसकी जानकारी पहले से थी।
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एक माह में पूरा होगा काम
पुल की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। एक माह के भीतर पुल की मरम्मत का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। पुल पर अभी हल्के वाहन चल रहे हैं। कुछ समय के लिए पूरी तरह ट्रैफिक रोका जा सकता है। एसबी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
तीन बजे से नहीं हो सका डायवर्जन
जवाहर पुल पर ट्रैफिक पुलिस को सुबह दस बजे से भारी वाहनों का संचालन बंद करना था। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन का प्लान भी जारी किया था। लेकिन सोमवार को शाम पांच बजे तक डायर्वजन नहीं हो सका था। पूरे दिन वाहनों का संचालन होता रहा।
ट्रैफिक डायवर्जन में लगा वक्त: अशोक
प्रभारी एसपी ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जवाहर पुल पर भारी वाहनों का संचालन सुबह दस बजे से बंद कर दिया था, लेकिन वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण ट्रैफिक को एकदम रोका नहीं जा सकता। इसके चलते जवाहर पुल पर भारी वाहनों को रोकने में कुछ समय लग गया। दोपहर तीन बजे फीरोजाबाद रोड पर गोयल नर्सिंग होम के कट पर बैरियर डालकर जवाहर पुल की ओर आने वाले भारी वाहनों को पूर्णत: रोक दिया गया है। अब भारी वाहन अंबेडकर पुल और स्ट्रेची ब्रिज से होकर शहर में आ सकेंगे। मंगलवार से इस ट्रैफिक प्लान को सख्ती से अमल में लाया जाएगा।
वीकेंड पर फंसेगा ट्रैफिक, फंसेंगे टूरिस्ट
जवाहर पुल से भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से अंबेडकर पुल और स्ट्रेची ब्रिज पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा। वीकेंड पर शनिवार और रविवार को यमुना एक्सप्रेस वे से हजारों टूरिस्ट अंबेडकर पुल से यमुना किनारा होकर ताज और किले पर जाते हैं। इन दो दिनों में यहां पर पर्यटकों को जाम में अक्सर फंसना पड़ता है, लेकिन अब भारी वाहनों के इस पुल से होकर जाने के कारण वीकेंड पर पर्यटकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ सकता है। अंबेडकर पुल के समाप्त होते ही यमुना पार में सब्जी मंडी के कारण बहुत अतिक्रमण है। इससे भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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जवाहर पुल के रख-रखाव पर बरसों से कोई काम नहीं किया गया था। इसका नतीजा यह रहा कि साठ के दशक में बने जवाहर पुल पर पिलर पी-2 और पी-3 के बीच की दो रोलर बियरिंग टूट गईं, जोकि लोहे की होती हैं। पुल के निचले हिस्से से देखने पर दोनों बियरिंग साफ नजर आती हैं। पुल की दरार भी गहरी होती जा रही है। सोमवार की दोपहर को एनएचएआई के परियोजना निदेशक एसबी सिंह के साथ दो विशेषज्ञों ने कई घंटे तक पुल में पड़ी दरार का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने हाइड्रोलिक सीढ़ी की मदद से पुल के बीच में बने दरार में बियरिंग के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति का मुआयना किया। पुल के अंदर से टीम ने, दरार वाले क्षेत्र की फोटोग्राफी भी की। विशेषज्ञों का कहना है कि पुल की मरम्मत का कार्य उसकी निर्माण की तकनीकी के मुताबिक किया जाता है। पुल में हुई क्षति का पता लगाने के बाद इसका कई स्तरों पर परीक्षण होगा। मरम्मत शुरू होने से पहले राज्य सेतु निगम के विशेषज्ञों से भी सलाह ली जाएगी। उधर, पुल के खतरनाक स्थिति में पहुंचने के बाद भी सोमवार को शाम पांच बजे तक इस पर हल्के और भारी सभी तरह के वाहनों का आवागमन निरंतर जारी रहा।
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दो पिलर के बीच झुक गया है पुल
जवाहर पुल के जिन दो खंभों के बीच दरार आई है, वह काफी लंबे समय से है। इसके कारण भारी वाहनों के गुजरने पर पुल के इस हिस्से में झटका लगता है। इससे दरार चौड़ी होती गई जिससे पुल का ये हिस्सा कुछ झुक गया है। एनएचएआई के अधिकारियों को इसकी जानकारी पहले से थी।
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एक माह में पूरा होगा काम
पुल की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। एक माह के भीतर पुल की मरम्मत का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। पुल पर अभी हल्के वाहन चल रहे हैं। कुछ समय के लिए पूरी तरह ट्रैफिक रोका जा सकता है। एसबी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
तीन बजे से नहीं हो सका डायवर्जन
जवाहर पुल पर ट्रैफिक पुलिस को सुबह दस बजे से भारी वाहनों का संचालन बंद करना था। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन का प्लान भी जारी किया था। लेकिन सोमवार को शाम पांच बजे तक डायर्वजन नहीं हो सका था। पूरे दिन वाहनों का संचालन होता रहा।
ट्रैफिक डायवर्जन में लगा वक्त: अशोक
प्रभारी एसपी ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जवाहर पुल पर भारी वाहनों का संचालन सुबह दस बजे से बंद कर दिया था, लेकिन वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण ट्रैफिक को एकदम रोका नहीं जा सकता। इसके चलते जवाहर पुल पर भारी वाहनों को रोकने में कुछ समय लग गया। दोपहर तीन बजे फीरोजाबाद रोड पर गोयल नर्सिंग होम के कट पर बैरियर डालकर जवाहर पुल की ओर आने वाले भारी वाहनों को पूर्णत: रोक दिया गया है। अब भारी वाहन अंबेडकर पुल और स्ट्रेची ब्रिज से होकर शहर में आ सकेंगे। मंगलवार से इस ट्रैफिक प्लान को सख्ती से अमल में लाया जाएगा।
वीकेंड पर फंसेगा ट्रैफिक, फंसेंगे टूरिस्ट
जवाहर पुल से भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से अंबेडकर पुल और स्ट्रेची ब्रिज पर ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाएगा। वीकेंड पर शनिवार और रविवार को यमुना एक्सप्रेस वे से हजारों टूरिस्ट अंबेडकर पुल से यमुना किनारा होकर ताज और किले पर जाते हैं। इन दो दिनों में यहां पर पर्यटकों को जाम में अक्सर फंसना पड़ता है, लेकिन अब भारी वाहनों के इस पुल से होकर जाने के कारण वीकेंड पर पर्यटकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ सकता है। अंबेडकर पुल के समाप्त होते ही यमुना पार में सब्जी मंडी के कारण बहुत अतिक्रमण है। इससे भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।