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Agra News: आठवें दिन भी जूनियर डॉक्टरों ने जारी रखी हड़ताल, ओपीडी पर लगाया ताला; बिना इलाज लौटे तीन हजार मरीज

Mon, 19 Aug 2024 11:06 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 19 Aug 2024 11:06 PM IST
सार

आगरा में जूनियर डॉक्टरों ने आठवें दिन भी हड़ताल जारी रखी। ओपीडी पर ताला लगाकर मरीजों को बाहर कर दिया। करीब तीन हजार मरीज बिना इलाज लौट गए। 

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Junior doctors of SN Medical College continued their strike for eighth day in Agra OPD locked
Agra News: आठवें दिन भी जूनियर डॉक्टरों ने जारी रखी हड़ताल - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने आठवें दिन हड़ताल जारी रखी। मरीजों को बाहर निकाल ओपीडी पर ताला लगा दिया। मरीज इलाज के लिए भटकने को विवश हुए। घंटों इंतजार के बाद करीब तीन हजार मरीज लौट गए।

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कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के विरोध में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। उन्होंने सोमवार को भी ओपीडी नहीं चलने दी। सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक होती है। जूनियर डॉक्टरों ने सुबह 9 बजे ओपीडी के पर्चा-दवा काउंटर और रक्त संग्रह केंद्र को बंद करा दिया। गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठ नारेबाजी करने लगे।

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दूरदराज से आए मरीज गुहार लगाते रहे, लेकिन हड़ताल का हवाला देकर लौटा दिया गया। फिर भी कई मरीज ओपीडी खुलने की आस में गेट के आसपास घंटों बैठे रहे। एसएन मेडिकल कॉलेज रेजिडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. साहिल ने कहा कि दोषियों को फांसी, सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने समेत अन्य मांगें सरकार ने नहीं मानी हैं। हड़ताल जारी रहेगी।
 

ये बोले मरीज:

दर्द का नहीं मिला इलाज

अकोला के रामवीर सिंह चाहर ने बताया कि कान में दर्द और मवाद आ रहा है। एसएन में दिखाने के लिए आया तो यहां ताला लगा था। इलाज नहीं मिला।
 
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तेज था बुखार, लौटना पड़ा

नगला बूढ़ी की लक्ष्मी ने बताया कि बेटे को तेज बुखार है। चेहरा लाल है। एसएन में डॉक्टर नहीं बैठे। अब जिला अस्पताल जा रही हूं।
 

खून की जांच नहीं हुई

ओपीडी में औसतन 800 मरीज खून की जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई वाले होते हैं। ओपीडी बंद होने से ये जांचें भी नहीं हो पा रही हैं। इमरजेंसी में ही मरीजों को ये सुविधाएं मिल रही हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि इमरजेंसी और आईसीयू में गंभीर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। उन्हें उपचार भी मिल रहा है।
 

राखी की जगह बांधी काली पट्टी

कोलकाता कांड के विरोध में महिला डॉक्टरों ने अपने साथी डॉक्टरों की कलाई पर काली पट्टी बांधकर रक्षाबंधन मनाया। एसएन रेजिडेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. महिपाल यादव ने कहा कि कोलकाता में हमारी बहन के साथ दरिंदों ने जघन्य अपराध किया है। जब तक उसके दोषी फांसी पर नहीं लटकेंगे, आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। इसके विरोध में काला रक्षाबंधन मनाया।
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