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आगराः जूनियर डॉक्टरों ने नहीं देखे मरीज, सातवां वेतनमान लागू करने की मांग
Fri, 06 Sep 2019 12:04 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 06 Sep 2019 12:04 AM IST
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प्रदर्शन करते जूनियर डाक्टर्स
- फोटो : अमर उजाला
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एसएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार को ओपीडी में दो घंटे तक मरीज नहीं देखे। हालांकि, सीनियर डाक्टरों ने मरीज देखे। राहत की बात यह है कि छह सितंबर को प्रस्तावित कार्य बहिष्कार स्थगित कर दिया गया है।
जूनियर डॉक्टर सातवां वेतनमान लागू करने की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन के आह्वान गुरुवार को दोपहर 12 से दो बजे तक कार्य बहिष्कार किया गया। ओपीडी के बाहर चिकित्सकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
भले ही दो घंटे का बहिष्कार रहा, लेकिन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पर किसी मरीज को लौटाया नहीं गया। वरिष्ठ चिकित्सकों ने मरीज देखे। दो बजे के बाद तक मरीज देखे गए।
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जूनियर डॉक्टर सातवां वेतनमान लागू करने की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन के आह्वान गुरुवार को दोपहर 12 से दो बजे तक कार्य बहिष्कार किया गया। ओपीडी के बाहर चिकित्सकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
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भले ही दो घंटे का बहिष्कार रहा, लेकिन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पर किसी मरीज को लौटाया नहीं गया। वरिष्ठ चिकित्सकों ने मरीज देखे। दो बजे के बाद तक मरीज देखे गए।
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रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र सिंह चाहर के मुताबिक महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा ने प्रकरण को गंभीरता संज्ञान में लिया है। इस पर एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने छह सितंबर को प्रस्तावित कार्य बहिष्कार को अग्रिम तिथि तक स्थगित कर दिया है। बहिष्कार में एसोसिएशन उपाध्यक्ष डॉ. शशिभूषण उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
पर्चे पर दवा लिखने के बाद कटवां दीं
अछेनरा के कचौरा गांव के रमेश चंद्र पत्नी की आंख दिखाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह कक्ष में डॉक्टर को दिखाने के लिए पहुंचे तो एक जूनियर डॉक्टर ने देखने से मना कर दिया।
उनके अनुरोध पर दूसरे डॉक्टर ने दवाएं लिख दीं। इस पर जिस डॉक्टर ने देखने से मना किया था, उसने पर्चे पर लिखीं दवाएं कटवा दीं। तीमारदार से कहा कि उनका कार्य बहिष्कार चल रहा है।
पर्चे पर दवा लिखने के बाद कटवां दीं
अछेनरा के कचौरा गांव के रमेश चंद्र पत्नी की आंख दिखाने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह कक्ष में डॉक्टर को दिखाने के लिए पहुंचे तो एक जूनियर डॉक्टर ने देखने से मना कर दिया।
उनके अनुरोध पर दूसरे डॉक्टर ने दवाएं लिख दीं। इस पर जिस डॉक्टर ने देखने से मना किया था, उसने पर्चे पर लिखीं दवाएं कटवा दीं। तीमारदार से कहा कि उनका कार्य बहिष्कार चल रहा है।