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आगरा: न्यायिक अधिकारी की पत्नी ने की एसएसपी से शिकायत, बिल्डर ने दस साल में नहीं दिया आवासीय भूखंड पर कब्जा
Mon, 28 Mar 2022 02:37 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 28 Mar 2022 02:37 PM IST
सार
दिल्ली के बिल्डर अंसल प्रॉपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भूखंड के लिए रकम लेने के बाद भी कब्जा नहीं देने का आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की गई है। आरोप है कि बिल्डर ने दस साल में आवासीय भूखंड पर कब्जा नहीं दिया है।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कासगंज में तैनात न्यायिक अधिकारी की पत्नी ने दिल्ली के बिल्डर अंसल प्रॉपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भूखंड के लिए रकम लेने के बाद भी कब्जा नहीं देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। मामले में एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
कासगंज स्थित जज कंपाउंड निवासी न्यायिक अधिकारी गगन कुमार भारती की पत्नी अर्चना सिंह ने एसएसपी को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें लिखा कि वर्ष 2011 में अंसल प्रॉपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली ने सुशांत ताज सिटी योजना का विज्ञापन दिया था। कंपनी का ब्रांच ऑफिस संजय प्लेस में था। इस पर वे पति के साथ कार्यालय पर गईं। कंपनी के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित जगह दिखाई। सैंपल भूखंड और मकान भी दिखाए। बताया गया कि 36 महीने में उनकी कंपनी टाउनशिप को विकसित करके भूखंड पर कब्जा देगी। इस पर उन्होंने 304 वर्ग मीटर का एक आवासीय भूखंड बुक कराया, जिसकी कीमत कंपनी ने 20.58 लाख रुपये बताई थी।
उन्होंने कहा कि एलआईसी हाउसिंग से लोन कराया। मासिक किश्त के रूप में 15607 रुपये जमा किए जाते हैं। 14 लाख रुपये 14 अप्रैल 2012 को अंसल के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शेष रकम उन्होंने और पति ने बचत खाते से बिल्डर को दी। इसके साक्ष्य भी उनके पास हैं। दस साल बाद भी भूखंड पर कब्जा नहीं दिया गया। अब पता चला है कि बिल्डर ने लोगों से रकम को किसी और प्रोजेक्ट में लगा दिया है। प्रोजेक्ट के लिए जिस जमीन को दिखाया, उसका भुगतान किसानों को नहीं किया गया। दिल्ली ऑफिस में शिकायत पर भी सुनवाई नहीं हुई। आगरा का ऑफिस भी बंद हो चुका है।
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अंसल प्रॉपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर में भूखंड के लिए रकम लेकर कब्जा नहीं दिया गया। इस मामले तहरीर मिली है। इस पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश किए हैं। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करेगी। बिल्डर के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज है।
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कासगंज स्थित जज कंपाउंड निवासी न्यायिक अधिकारी गगन कुमार भारती की पत्नी अर्चना सिंह ने एसएसपी को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें लिखा कि वर्ष 2011 में अंसल प्रॉपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली ने सुशांत ताज सिटी योजना का विज्ञापन दिया था। कंपनी का ब्रांच ऑफिस संजय प्लेस में था। इस पर वे पति के साथ कार्यालय पर गईं। कंपनी के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित जगह दिखाई। सैंपल भूखंड और मकान भी दिखाए। बताया गया कि 36 महीने में उनकी कंपनी टाउनशिप को विकसित करके भूखंड पर कब्जा देगी। इस पर उन्होंने 304 वर्ग मीटर का एक आवासीय भूखंड बुक कराया, जिसकी कीमत कंपनी ने 20.58 लाख रुपये बताई थी।
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उन्होंने कहा कि एलआईसी हाउसिंग से लोन कराया। मासिक किश्त के रूप में 15607 रुपये जमा किए जाते हैं। 14 लाख रुपये 14 अप्रैल 2012 को अंसल के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शेष रकम उन्होंने और पति ने बचत खाते से बिल्डर को दी। इसके साक्ष्य भी उनके पास हैं। दस साल बाद भी भूखंड पर कब्जा नहीं दिया गया। अब पता चला है कि बिल्डर ने लोगों से रकम को किसी और प्रोजेक्ट में लगा दिया है। प्रोजेक्ट के लिए जिस जमीन को दिखाया, उसका भुगतान किसानों को नहीं किया गया। दिल्ली ऑफिस में शिकायत पर भी सुनवाई नहीं हुई। आगरा का ऑफिस भी बंद हो चुका है।
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि अंसल प्रॉपर्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर में भूखंड के लिए रकम लेकर कब्जा नहीं दिया गया। इस मामले तहरीर मिली है। इस पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश किए हैं। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करेगी। बिल्डर के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज है।