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जिंदगी से खिलवाड़: बुखार-खांसी के मरीजों को दे दी टीबी की दवा, स्क्रीनिंग में हुआ खुलासा
Tue, 20 Aug 2019 09:57 AM IST
मुकेश कुमार
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 20 Aug 2019 09:57 AM IST
सार
जिला क्षय रोग अधिकारी की स्क्रीनिंग में हुआ खुलासा, 14 मरीजों को दी थी दवा
10 झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए एसएसपी को तहरीर दी गई
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
आगरा में झोलाछापों ने बुखार-खांसी के मरीजों को टीबी का इलाज दे दिया। जिला क्षय रोग अधिकारी की स्क्रीनिंग में ऐसे 14 मरीज मिले, इनमें पांच बच्चे हैं। विभागीय जांच में इनमें टीबी की पुष्टि नहीं हुई है। इनकी ड्रग रजिस्टेंट की जांच कराई जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने 10 झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए एसएसपी को तहरीर दी है।
पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत दवा विक्रेताओं, डॉक्टर और पैथोलॉजी लैब टीबी मरीजों की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। मेडिकल स्टोर से टीबी की दवा लेने वाले 14 मरीज ऐसे चिह्नित किए गए, जिन्होंने बीच में दवा लेना बंद कर दिया। इनकी पड़ताल के लिए टीम मरीज के घर पहुंची।
पता चला कि उनको बुखार-खांसी होने पर पास के डॉक्टर से इलाज कराया था। अब आराम होने पर डॉक्टर ने दवा बंद कर दी। इलाज देने वाले डॉक्टरों की क्लीनिक पर टीम पहुंची और पूछा कि बिना जांच के कैसे टीबी का इलाज शुरू कर दिया। इनके यहां रिफामसिन दवा भी मिली, जिसे खांसी-बुखार के बच्चों को पीस पुड़िया बनाकर दे रहे थे।
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पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत दवा विक्रेताओं, डॉक्टर और पैथोलॉजी लैब टीबी मरीजों की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। मेडिकल स्टोर से टीबी की दवा लेने वाले 14 मरीज ऐसे चिह्नित किए गए, जिन्होंने बीच में दवा लेना बंद कर दिया। इनकी पड़ताल के लिए टीम मरीज के घर पहुंची।
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पता चला कि उनको बुखार-खांसी होने पर पास के डॉक्टर से इलाज कराया था। अब आराम होने पर डॉक्टर ने दवा बंद कर दी। इलाज देने वाले डॉक्टरों की क्लीनिक पर टीम पहुंची और पूछा कि बिना जांच के कैसे टीबी का इलाज शुरू कर दिया। इनके यहां रिफामसिन दवा भी मिली, जिसे खांसी-बुखार के बच्चों को पीस पुड़िया बनाकर दे रहे थे।
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जांच में नहीं मिली बीमारी
उनके पास चिकित्सकीय डिग्री और क्लीनिक का पंजीकरण भी नहीं था। नोटिस के बाद भी चिकित्सकीय प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। इन 14 मरीजों की टीबी की जांच कराई तो इनमें बीमारी नहीं मिली। अब इनमें रीफामसिन दवा के रजिस्टेंट होने की जांच कराई जा रही है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ यूबी सिंह ने बताया कि सामान्य बुखार-खांसी के 14 मरीज मिले, जिनको झोलाछाप टीबी की दवा रिफामसिन दे रहे थे। इनमें बच्चे भी हैं, जिनको पीसकर पुड़िया दी जा रही थी।
जांच में इनको टीबी नहीं मिली है। ड्रग रजिस्टेंट की जांच कराई जा रही है। दस झोलाछाप के खिलाफ गजट नोटिफिकेशन 2018 आइपीसी की धारा 269/270 के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए एसएसपी को तहरीर भेजी है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ यूबी सिंह ने बताया कि सामान्य बुखार-खांसी के 14 मरीज मिले, जिनको झोलाछाप टीबी की दवा रिफामसिन दे रहे थे। इनमें बच्चे भी हैं, जिनको पीसकर पुड़िया दी जा रही थी।
जांच में इनको टीबी नहीं मिली है। ड्रग रजिस्टेंट की जांच कराई जा रही है। दस झोलाछाप के खिलाफ गजट नोटिफिकेशन 2018 आइपीसी की धारा 269/270 के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए एसएसपी को तहरीर भेजी है।
इनके खिलाफ भेजी है तहरीर:
- मुकेश शर्मा, मधु नगर देवरी रोड
- कप्तान सिंह वर्मा, प्रेम नगर राजपुर
- देवीराम कुशवाहा हकीम, ताल सैमरी देवरी रोड
- उपाध्याय क्लीनिक सौ फुटा रोड कालिंदी विहार टेढ़ी बगिया
- पाराशर क्लीनिक विकास नगर कॉलोनी सौ फुटा रोड टेढ़ी बगिया
- डॉ. बघेल क्लीनिक, जगदंबा डिग्री कॉलेज रोड फाउंड्री नगर
- गुप्ता क्लीनिक, बी ब्लाक कालिंदी विहार
- विकास वार्ष्णेय, डी ब्लाक कालिंदी विहार
- दीक्षित क्लीनिक, डी ब्लाक कालिंदी विहार
- बंगाली क्लीनिक, राजपुर शमसाबाद रोड
- कप्तान सिंह वर्मा, प्रेम नगर राजपुर
- देवीराम कुशवाहा हकीम, ताल सैमरी देवरी रोड
- उपाध्याय क्लीनिक सौ फुटा रोड कालिंदी विहार टेढ़ी बगिया
- पाराशर क्लीनिक विकास नगर कॉलोनी सौ फुटा रोड टेढ़ी बगिया
- डॉ. बघेल क्लीनिक, जगदंबा डिग्री कॉलेज रोड फाउंड्री नगर
- गुप्ता क्लीनिक, बी ब्लाक कालिंदी विहार
- विकास वार्ष्णेय, डी ब्लाक कालिंदी विहार
- दीक्षित क्लीनिक, डी ब्लाक कालिंदी विहार
- बंगाली क्लीनिक, राजपुर शमसाबाद रोड