मैनपुरी। बंदियों को जेल में ही प्राथमिक उपचार दिया जाए। गंभीर हालत होने पर उनको जिला अस्पताल भेजा जाए। यह बातें शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तेंद्रपाल ने जेल निरीक्षण के दौरान कहीं। बैरकों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने बंदियों के लिए बनाए गए भोजन की गुणवत्ता भी परखी। साथ ही बंदियों की समस्याएं भी सुनीं। बंदियों के शिकायत करने पर जेल अधीक्षक से कहा कि बंदियों को जेल अस्पताल में ही प्राथमिक उपचार दिलाया जाए।
जिन बंदियों के पास मुकदमा लड़ने के लिए वकील नहीं हैं, उनकी सूची बनाकर प्राधिकरण को भेजी जाए। इससे उनको मुकदमा लड़ने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वकील मुहैया कराया जा सके। बंदियों की मामूली समस्याओं का जेल मैनुअल के अनुसार वरीयता के आधार पर निस्तारण किया जाए। इस मौके पर जेल अधीक्षक हरीओम शर्मा, जेलर एससी पांडेय, प्राधिकरण कार्यालय सहायक अवनींद्र प्रताप सिंह, पैरालीगल वालंटियर जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।