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मर्यादा पुरुषोत्तम के आगे मर्यादा तार-तार
मर्यादा पुरुषोत्तम के आगे मर्यादा तार-तार
Updated Thu, 29 Sep 2016 01:08 AM IST
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मर्यादा पुरुषोत्तम के आगे मर्यादा तार-तार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बल्केश्वर में आयोजित जनकपुरी महोत्सव में बुधवार को जानकी विदाई के कार्यक्रम के दौरान मंच पर सियासत का रंग ऐसा चढ़ा कि जनक महल की मर्यादा तार-तार हो गई। मुख्य अतिथि सपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं कबीना मंत्री शिवपाल यादव थे। उन्होंने मंच से वोट की अपील कर डाली। सामने बैठे लोग यह सुनकर हैरान रह गए। इसी बीच कुछ लोगों ने जिंदाबाद के नारे भी लगा दिए। उनके रवैये से श्रीराम लीला कमेटी के पदाधिकारी गुस्से में आ गए।
मंच पर सीता, राम और उनके तीनों भाइयों के स्वरूप विराजमान थे। शिवपाल यादव को पहली आरती के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया। उद्घोषक ने केवल शिवपाल यादव को बुलाया था, लेकिन उनके साथ सपा के नेता और कार्यकर्ता भी मंच पर चढ़ने लगे। उन्हें रोकने के लिए बाउंसर, सीओ सदर असीम चौधरी भी पुलिस फोर्स के साथ लगे थे।
लेकिन राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, जिला संगठन प्रभारी विपुल पुरोहित, जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन कुरैशी जैसे तमाम पदाधिकारियों को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उनके पीछे तमाम छुटभैये भी चढ़ने की कोशिश में लग गए। पुलिस से सीढ़ियों पर धक्कामुक्की भी हुई।
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इसके बाद आरती के दौरान भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं। हद तो तब हो गई जब उद्घोषक शशांक प्रभाकर ने मंच से शिवपाल जिंदाबाद के नारे लगवाए दिए। सामने खड़े सपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी नारे लगाए। कुर्सियों पर बैठे बाकी लोग खामोश थे लेकिन गुस्से से भर गए और खड़े हो गए।
इसके बाद जब शिवपाल यादव माइक पर बोलने आए तो उन्होंने भाषण समाप्त करते हुए जनता से वोट मांगे और भगवान राम से कल्याण करने का आशीर्वाद मांग लिया। यहां उल्लेखनीय है कि जनकपुरी महोत्सव की कार्यकारी अध्यक्ष डा. कुंदनिका शर्मा उत्तर विधानसभा से सपा की प्रत्याशी भी हैं।
महामंत्री श्री रामलीला कमेटी के महामंत्री रामप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि जनक मंच की मर्यादा का खुला उल्लंघन हुआ है। राम, सीता सहित सभी स्वरूपों के सिंहासनों के बराबर से किसी की कुर्सी नहीं डाली जाती है लेकिन यहां नेताओं को उनके बराबर बिठाया गया है। खुलेआम मंच से जिंदाबाद के नारे लगवाए जा रहे हैं। क्या जनकपुरी जैसे धार्मिक मंच से यह शोभा देता है?
नाराज होकर चल दिए थे स्वरूप
आगरा। जनकपुरी महोत्सव कमेटी का इतिहास रहा है कि सम्मान समारोह जानकी की विदाई के अगले दिन होने वाली सांस्कृतिक संध्या के दौरान होता है लेकिन इस बार परंपरा तोड़कर विदाई के दौरान स्वागत समारोह आयोजित कर दिया गया। शिवपाल यादव के स्वागत का कार्यक्रम भी काफी देर चला। इसके बाद शहर के कुछ चिकित्सकों, समाजसेवियों, कमेटी के पदाधिकारियों को भी सम्मानित करना शुरू कर दिया। मंच पर स्वरूपों की अनदेखी होने लगी। अफरातफरी, भीड़ और शोरशराबे से नाराज राम, लक्ष्मण सहित सभी स्वरूप नाराज होकर उठकर जाने लगे। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें शांत किया।
अब तक किसी भी जनकपुरी में इस तरह का माहौल नहीं देखा जहां भगवान के स्वरूपों को पीछे कर नेताओं का स्वागत समारोह किया गया हो। कमला नगर में सजी जनकपुरी के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मंच पर आने के दौरान कोई सियासी नारा नहीं लगा और ना ही वोट मांगे गए।
मुकेश अग्रवाल, अध्यक्ष श्रृंगार समिति (श्रीराम लीला कमेटी)
किसी अति उत्साही कार्यकर्ता ने शिवपाल जिंदाबाद का नारा लगा दिया होगा। मैंने या कमेटी के पदाधिकारी ने नारा नहीं लगाया। रही बात प्रदेश अध्यक्ष के वोट मांगने की तो उन्होंने मेरे लिए आशीर्वाद मांगा था। हो सकता है वोट वाली बात मुंह से निकल गई हो। मैंने जनमहल को सियासी मंच नहीं बनाया। यदि ऐसा होता तो कांग्रेस के सांसद राजबब्बर को आमंत्रित नहीं किया जाता।
डा. कुंदनिका शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष जनकपुरी महोत्सव समिति
धक्का-मुक्की के बीच शिवपाल का स्वागत
आगरा। समाजवादी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आगरा आए शिवपाल यादव के स्वागत में पार्टी के कार्यकर्ता जोश में होश खो बैठे। अनुशासन को ताक पर रखकर कार्यकर्ताओं ने जमकर धक्का-मुक्की हुई। सुरक्षा कर्मियों के तमाम प्रयासों के बावजूद शिवपाल यादव भी इसका शिकार हुए। हालात इतने खराब थे गार्ड आफ आनर की प्रक्रिया भी ढंग से पूरी नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव जनकपुरी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे। उन्हें आगरा में दोपहर करीब तीन बजे पहुंचना था लेकिन उनका विमान शाम करीब साढ़े चार बजे खेरिया एयरपोर्ट पर उतरा। उनके स्वागत के लिए सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं की भीड़ थी तो एयरपोर्ट पर भी तमाम पदाधिकारी पहुंच गए थे। बड़े जुलूस के साथ करीब पांच बजे वह सर्किट हाउस पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उनकी कार को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस और शिवपाल यादव के निजी सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को हटाने की कोशिश। हालात यह हो गए कि शिवपाल यादव का कार से उतरना भी मुश्किल हो गया। सर्किट हाउस में उनके लिए गार्ड आफ आनर की व्यवस्था थी लेकिन वहां भी कार्यकर्ताओं की अनुशासनहीनता हावी रही। हालात बिगड़ते देख एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह और जिलाधिकारी गौरव दयाल, सीओ सदर असीम चौधरी ने धक्का देकर कार्यकर्ताओं को हटाया।
शिवपाल कमरे में पहुंचे तो वहां भी कार्यकर्ता प्रवेश की कोशिश करते रहे। इस पर शिवपाल यादव ने सभी से पार्क में पहुंचने को कहा लेकिन वहां भी नारेबाजी चलती रही। इस पर उनका मूड उखड़ गया। मीडिया कर्मियों ने वार्ता करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया। वह दोबारा कमरे में चल गए और इसके बाद उनका काफिला जनकपुरी के लिए प्रस्थान कर गया।
नहीं लगे मुख्यमंत्री अखिलेश के नारे
आगरा। कैबिनेट मंत्री के तौर पर आगरा आने के दौरान शिवपाल यादव से मिलने के लिए पदाधिकारी और चंद कार्यकर्ता ही पहुंचते थे लेकिन अब वक्त ने करवट ली तो स्वागत करने वालों का बड़ा रेला था। यहां नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के समर्थन में तो नारे लगे लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाने वाला कोई नहीं था।
प्रत्याशियों से की शिवपाल ने वार्ता
आगरा। प्रदेश अध्यक्ष ने आगरा जिले की सीटों पर घोषित प्रत्याशियों से एक-एक कर वार्ता की। उनसे मिलने वालों में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरिदमन सिंह, डा. राजेंद्र सिंह, क्षमा जैन सक्सेना, प्रेम सिंह बघेल, डा. कुंदनिका शर्मा, चंद्रसेन टपलू आदि थे।
स्वागत में रहे शामिल
आगरा। प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करने वालों में खेल राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, विपुल पुरोहित, जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन कुरैशी, पूर्व शहर अध्यक्ष फर्रुख सियर, गजेंद्र सिंह, विवेक यादव, लक्ष्मीनारायण वर्मा, नीता सिंह, श्याम भोजवानी, राजपाल यादव, हरेंद्र सिंह, यशपाल राणा मनोज गुप्ता, पप्पू यादव आदि शामिल रहे।
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मंच पर सीता, राम और उनके तीनों भाइयों के स्वरूप विराजमान थे। शिवपाल यादव को पहली आरती के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया। उद्घोषक ने केवल शिवपाल यादव को बुलाया था, लेकिन उनके साथ सपा के नेता और कार्यकर्ता भी मंच पर चढ़ने लगे। उन्हें रोकने के लिए बाउंसर, सीओ सदर असीम चौधरी भी पुलिस फोर्स के साथ लगे थे।
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लेकिन राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, जिला संगठन प्रभारी विपुल पुरोहित, जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन कुरैशी जैसे तमाम पदाधिकारियों को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उनके पीछे तमाम छुटभैये भी चढ़ने की कोशिश में लग गए। पुलिस से सीढ़ियों पर धक्कामुक्की भी हुई।
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इसके बाद आरती के दौरान भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं। हद तो तब हो गई जब उद्घोषक शशांक प्रभाकर ने मंच से शिवपाल जिंदाबाद के नारे लगवाए दिए। सामने खड़े सपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी नारे लगाए। कुर्सियों पर बैठे बाकी लोग खामोश थे लेकिन गुस्से से भर गए और खड़े हो गए।
इसके बाद जब शिवपाल यादव माइक पर बोलने आए तो उन्होंने भाषण समाप्त करते हुए जनता से वोट मांगे और भगवान राम से कल्याण करने का आशीर्वाद मांग लिया। यहां उल्लेखनीय है कि जनकपुरी महोत्सव की कार्यकारी अध्यक्ष डा. कुंदनिका शर्मा उत्तर विधानसभा से सपा की प्रत्याशी भी हैं।
महामंत्री श्री रामलीला कमेटी के महामंत्री रामप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि जनक मंच की मर्यादा का खुला उल्लंघन हुआ है। राम, सीता सहित सभी स्वरूपों के सिंहासनों के बराबर से किसी की कुर्सी नहीं डाली जाती है लेकिन यहां नेताओं को उनके बराबर बिठाया गया है। खुलेआम मंच से जिंदाबाद के नारे लगवाए जा रहे हैं। क्या जनकपुरी जैसे धार्मिक मंच से यह शोभा देता है?
नाराज होकर चल दिए थे स्वरूप
आगरा। जनकपुरी महोत्सव कमेटी का इतिहास रहा है कि सम्मान समारोह जानकी की विदाई के अगले दिन होने वाली सांस्कृतिक संध्या के दौरान होता है लेकिन इस बार परंपरा तोड़कर विदाई के दौरान स्वागत समारोह आयोजित कर दिया गया। शिवपाल यादव के स्वागत का कार्यक्रम भी काफी देर चला। इसके बाद शहर के कुछ चिकित्सकों, समाजसेवियों, कमेटी के पदाधिकारियों को भी सम्मानित करना शुरू कर दिया। मंच पर स्वरूपों की अनदेखी होने लगी। अफरातफरी, भीड़ और शोरशराबे से नाराज राम, लक्ष्मण सहित सभी स्वरूप नाराज होकर उठकर जाने लगे। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें शांत किया।
अब तक किसी भी जनकपुरी में इस तरह का माहौल नहीं देखा जहां भगवान के स्वरूपों को पीछे कर नेताओं का स्वागत समारोह किया गया हो। कमला नगर में सजी जनकपुरी के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मंच पर आने के दौरान कोई सियासी नारा नहीं लगा और ना ही वोट मांगे गए।
मुकेश अग्रवाल, अध्यक्ष श्रृंगार समिति (श्रीराम लीला कमेटी)
किसी अति उत्साही कार्यकर्ता ने शिवपाल जिंदाबाद का नारा लगा दिया होगा। मैंने या कमेटी के पदाधिकारी ने नारा नहीं लगाया। रही बात प्रदेश अध्यक्ष के वोट मांगने की तो उन्होंने मेरे लिए आशीर्वाद मांगा था। हो सकता है वोट वाली बात मुंह से निकल गई हो। मैंने जनमहल को सियासी मंच नहीं बनाया। यदि ऐसा होता तो कांग्रेस के सांसद राजबब्बर को आमंत्रित नहीं किया जाता।
डा. कुंदनिका शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष जनकपुरी महोत्सव समिति
धक्का-मुक्की के बीच शिवपाल का स्वागत
आगरा। समाजवादी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आगरा आए शिवपाल यादव के स्वागत में पार्टी के कार्यकर्ता जोश में होश खो बैठे। अनुशासन को ताक पर रखकर कार्यकर्ताओं ने जमकर धक्का-मुक्की हुई। सुरक्षा कर्मियों के तमाम प्रयासों के बावजूद शिवपाल यादव भी इसका शिकार हुए। हालात इतने खराब थे गार्ड आफ आनर की प्रक्रिया भी ढंग से पूरी नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव जनकपुरी महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे। उन्हें आगरा में दोपहर करीब तीन बजे पहुंचना था लेकिन उनका विमान शाम करीब साढ़े चार बजे खेरिया एयरपोर्ट पर उतरा। उनके स्वागत के लिए सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं की भीड़ थी तो एयरपोर्ट पर भी तमाम पदाधिकारी पहुंच गए थे। बड़े जुलूस के साथ करीब पांच बजे वह सर्किट हाउस पहुंचे। वहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उनकी कार को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस और शिवपाल यादव के निजी सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ को हटाने की कोशिश। हालात यह हो गए कि शिवपाल यादव का कार से उतरना भी मुश्किल हो गया। सर्किट हाउस में उनके लिए गार्ड आफ आनर की व्यवस्था थी लेकिन वहां भी कार्यकर्ताओं की अनुशासनहीनता हावी रही। हालात बिगड़ते देख एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह और जिलाधिकारी गौरव दयाल, सीओ सदर असीम चौधरी ने धक्का देकर कार्यकर्ताओं को हटाया।
शिवपाल कमरे में पहुंचे तो वहां भी कार्यकर्ता प्रवेश की कोशिश करते रहे। इस पर शिवपाल यादव ने सभी से पार्क में पहुंचने को कहा लेकिन वहां भी नारेबाजी चलती रही। इस पर उनका मूड उखड़ गया। मीडिया कर्मियों ने वार्ता करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया। वह दोबारा कमरे में चल गए और इसके बाद उनका काफिला जनकपुरी के लिए प्रस्थान कर गया।
नहीं लगे मुख्यमंत्री अखिलेश के नारे
आगरा। कैबिनेट मंत्री के तौर पर आगरा आने के दौरान शिवपाल यादव से मिलने के लिए पदाधिकारी और चंद कार्यकर्ता ही पहुंचते थे लेकिन अब वक्त ने करवट ली तो स्वागत करने वालों का बड़ा रेला था। यहां नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के समर्थन में तो नारे लगे लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाने वाला कोई नहीं था।
प्रत्याशियों से की शिवपाल ने वार्ता
आगरा। प्रदेश अध्यक्ष ने आगरा जिले की सीटों पर घोषित प्रत्याशियों से एक-एक कर वार्ता की। उनसे मिलने वालों में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरिदमन सिंह, डा. राजेंद्र सिंह, क्षमा जैन सक्सेना, प्रेम सिंह बघेल, डा. कुंदनिका शर्मा, चंद्रसेन टपलू आदि थे।
स्वागत में रहे शामिल
आगरा। प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करने वालों में खेल राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, विपुल पुरोहित, जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन कुरैशी, पूर्व शहर अध्यक्ष फर्रुख सियर, गजेंद्र सिंह, विवेक यादव, लक्ष्मीनारायण वर्मा, नीता सिंह, श्याम भोजवानी, राजपाल यादव, हरेंद्र सिंह, यशपाल राणा मनोज गुप्ता, पप्पू यादव आदि शामिल रहे।