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सत्य गवनु सुनि सब बिलखाने...
सत्य गवनु सुनि सब बिलखाने...
Updated Thu, 29 Sep 2016 01:10 AM IST
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सत्य गवनु सुनि सब बिलखाने...
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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उत्तर भारत की प्रसिद्ध रामबरात, जनकपुरी महोत्सव में बुधवार को जनक दुलारी सीता को विदाई दी गई। मिथिलावासियों ने सजल नेत्रों से अपनी दुलारी को दूल्हा राम के साथ विदा किया। माता सुनयना ने बेटी को लोकाचार बताए और राजा जनक ने समधी राजा दशरथ को गले लगाया और मिलनी की रस्म अदा की। इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने शिवपाल यादव ने जनक महल पर स्वरूपों की आरती की।
शाम करीब नौ बजे जनक नंदिनी सीता, प्रभु राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र के स्वरूप अग्रवन से चलकर जनकमहल पहुंचे। उनके आगमन के दौरान महल से गूंज रहे भजन पूरे क्षेत्र में भक्तिरस घोल रहे थे। मुख्य अतिथि शिवपाल यादव ने स्वरूपों की आरती कर आशीर्वाद लिया। आरती में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक जगन प्रसाद गर्ग, जनकपुरी कमेटी के अध्यक्ष डा. सुदर्शन सिंघल, महाराज जनक नंदकिशोर सुगंधी और जनकपुरी कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष डा. कुंदनिका शर्मा शामिल रहीं। मंच पर शिवपाल यादव और कुछ अन्य लोगों के सम्मान के बाद भजनों का सिलसिला कुछ देर और चला। इसके बाद मिलनी की रस्म अदा की गई। राजा जनक (नंदकिशोर सुगंधी) उनकी पत्नी रानी सुनयना (विनीता गुप्ता) ने महाराज दशरथ (सुनील बंसल) और रानी कौशल्या (प्रतिमा बंसल) को गले मिलकर मिलनी दी। इसके बाद जनक परिवार की ओर से स्वरूपों की आरती की गई। इसके बाद वह घड़ी आ गई जब जनकपुरवासियों की आंखें नम हो गईं। सभी ने बेटी को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देकर सजल नेत्रों से विदा किया।
परुसन लगे सुआर सुजाना, बिंजन बिबिध नाम को जाना
राजा जनक (नंद किशोर सुगंधी) की ओर से बुधवार को बढ़हार की दावत दी गई। अग्रवन में आरती के बाद स्वरूपों को भोज के लिए आमंत्रित किया गया। भगवान को भोग लगाने के बाद शहर के तमाम नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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रानी सुनयना और जनक परिवार की महिलाओं ने दुल्हा राम को अपने हाथ से भोजन कराया। राम के साथ सीता और उनके तीनों भाई और सखा थे। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को आदर सत्कार के साथ भोजन कराया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, विपुल पुरोहित सहित शहर के तमाम राजनीतिक, सामाजिक, औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुुए। भोज के बाद स्वरूप विश्राम के लिए चले गए।
भोज में नहीं आए राजा दशरथ
राजा जनक की बढ़हार में महाराज दशरथ (सुनील बंसल) नहीं पहुंचे। कमेटी के सदस्यों से जानकारी हुई कि उनकी तबियत ठीक नहीं थी। जनकपुरी महोत्सव कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष कुंदनिका शर्मा भी भोज में नहीं पहुंचीं।
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शाम करीब नौ बजे जनक नंदिनी सीता, प्रभु राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र के स्वरूप अग्रवन से चलकर जनकमहल पहुंचे। उनके आगमन के दौरान महल से गूंज रहे भजन पूरे क्षेत्र में भक्तिरस घोल रहे थे। मुख्य अतिथि शिवपाल यादव ने स्वरूपों की आरती कर आशीर्वाद लिया। आरती में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक जगन प्रसाद गर्ग, जनकपुरी कमेटी के अध्यक्ष डा. सुदर्शन सिंघल, महाराज जनक नंदकिशोर सुगंधी और जनकपुरी कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष डा. कुंदनिका शर्मा शामिल रहीं। मंच पर शिवपाल यादव और कुछ अन्य लोगों के सम्मान के बाद भजनों का सिलसिला कुछ देर और चला। इसके बाद मिलनी की रस्म अदा की गई। राजा जनक (नंदकिशोर सुगंधी) उनकी पत्नी रानी सुनयना (विनीता गुप्ता) ने महाराज दशरथ (सुनील बंसल) और रानी कौशल्या (प्रतिमा बंसल) को गले मिलकर मिलनी दी। इसके बाद जनक परिवार की ओर से स्वरूपों की आरती की गई। इसके बाद वह घड़ी आ गई जब जनकपुरवासियों की आंखें नम हो गईं। सभी ने बेटी को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देकर सजल नेत्रों से विदा किया।
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परुसन लगे सुआर सुजाना, बिंजन बिबिध नाम को जाना
राजा जनक (नंद किशोर सुगंधी) की ओर से बुधवार को बढ़हार की दावत दी गई। अग्रवन में आरती के बाद स्वरूपों को भोज के लिए आमंत्रित किया गया। भगवान को भोग लगाने के बाद शहर के तमाम नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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रानी सुनयना और जनक परिवार की महिलाओं ने दुल्हा राम को अपने हाथ से भोजन कराया। राम के साथ सीता और उनके तीनों भाई और सखा थे। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को आदर सत्कार के साथ भोजन कराया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर, विपुल पुरोहित सहित शहर के तमाम राजनीतिक, सामाजिक, औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुुए। भोज के बाद स्वरूप विश्राम के लिए चले गए।
भोज में नहीं आए राजा दशरथ
राजा जनक की बढ़हार में महाराज दशरथ (सुनील बंसल) नहीं पहुंचे। कमेटी के सदस्यों से जानकारी हुई कि उनकी तबियत ठीक नहीं थी। जनकपुरी महोत्सव कमेटी की कार्यकारी अध्यक्ष कुंदनिका शर्मा भी भोज में नहीं पहुंचीं।