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जनधन खातों में जमा 650 करोड़ ने उड़ाई नींद 

Mon, 05 Dec 2016 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 05 Dec 2016 12:12 AM IST
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Jan Dhan accounts by 650 million flown sleep
प्रधानमंत्री के बयान के बाद काला धन जमा कराने वालों में मचा हड़कंप, - फोटो : Reuters
6.10 लाख जनधन खाते हैं आगरा में
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49,000 रुपये कई बार कराए गए जमा
2.49 लाख रुपये हैं कई एकाउंट में
18 महीनों से जीरो बैलेंस पर थे खाते
1 रुपया बैंककर्मियों ने जमा किया था

8 नवंबर को 500, 1000 रुपये के नोट बंद करने के बाद काले धन को सफेद करने के लिए धन्ना सेठों ने गरीबों के जनधन खातों में खूब रकम जमा कराई। आय घोषणा योजना में अपनी काली कमाई को नंबर एक में करने वालों ने जितना रुपया आयकर को जमा किया, उससे ज्यादा रुपये गरीबों के जनधन एकाउंट में जमा करा दिया। ताजनगरी में जीरो बैलेंस वाले इन खातों में अब 650 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा है। प्रधानमंत्री के बयान के बाद उन लोगों की नींद उड़ गई है, जिन्होंने अपने कर्मचारियों के जनधन खातों में काला धन जमा कराया है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुले 6.10 लाख बैंक खातों में अधिकांश में जीरो बैलेंस ही रहा। जब से यह खाते खुले, उनमें से हजारों एकाउंट तो ऐसे थे, जिनमें बैंक मैनेजरों ने एक-एक रुपया जमा कराया था, ताकि वित्तीय वर्ष में यह चालू बने रहें। ऐसे बैंक खातों में अचानक से 650 करोड़ रुपये जमा हुए तो न केवल बैंक अधिकारी, बल्कि आयकर अधिकारी भी हैरत में पड़ गए। प्रदेश के जनधन एकाउंट में पूरे देश में सबसे ज्यादा रकम जमा कराई गई है। इसमें आगरा, कानपुर, लखनऊ के खातों में जमा रकम ज्यादा है। नोटबंदी के फैसले के बाद जनधन खातों में जमा काली कमाई की निकासी पर हाल में ही रोक भी लगाई गई थी, लेकिन बाद में लिमिट तय कर दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन खातों में जमा रकम को खाताधारकों की ही मानने के बयान के बाद बैंक जनधन योजना में जमा रकम का सोर्स पता करने में लग गए हैं। जिन खाताधारकों के एकाउंट में ज्यादा रकम जमा है, उनसे आयकर विभाग की पूछताछ भी हो सकती है। 
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कैश की तलाश में बीता रविवार
बैंकों की छुट्टी होने से कैश के लिए लोगों ने एटीएम का रुख किया, लेकिन महज तीन दर्जन एटीएम ही चालू होने से लोगों को रविवार के दिन कैश के लिए भटकना पड़ा। पूरा दिन कैश की तलाश और कतार में बीता। बैंकों के बाहर जितनी भीड़ आम दिनों में रहती है, उससे ज्यादा लंबी कतारें उन एटीएम के बाहर रविवार को रहीं, जिनमें कैश मौजूद था। 500 रुपये के नोट आने के बाद कैश की किल्लत दूर होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन ऐसा नजर नहीं आया। सहालग और रबी की फसल को देखते हुए बैंक अगले 15 दिन तक ऐसे ही हालात बरकरार रहने की उम्मीद जता रहे हैं। सोमवार को बैंक खुलते ही फिर से लंबी कतार बैंक शाखाओं के सामने नजर आने लगेंगी। 
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