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UP: प्रशासन को जगाने के लिए जल समाधि, समाजसेवी पानी में उतरीं...तो मचा हड़कंप; सात घंटे में हुआ समाधान
Wed, 09 Jul 2025 07:28 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 09 Jul 2025 07:28 AM IST
सार
मनकेंड़ा गांव में जलभराव की समस्या को लेकर जब सुनवाई नहीं हुई, तो समाजसेवी तालाब में उतर गईं। वो जल समाधि ले रही थीं, उसी समय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। जानें आगे क्या हुआ...
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जल समाधि
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के मलपुरा में जलभराव से त्रस्त मनकेंड़ा गांव के लोग मंगलवार को सड़क पर उतर आए। धरना और विरोध-प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूटी तो समाजसेवी सावित्री चाहर जल समाधि के लिए तालाब में उतर गईं। सात घंटे बाद जिला प्रशासन जागा। दो पंप सेट लगाकर जलभराव निकासी शुरू कराई। तब समाजसेवी तालाब से बाहर निकलीं।
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बरसात में मनकेंड़ा में नारकीय हालात हो गए है। सफाई नहीं होने से तालाब ओवरफ्लो हो गया। रास्ते और गालियों में घुटनों तक जलभराव हो गया है। विद्यालय और मंदिर जाने वालों को गंदे पानी में होकर गुजरना पड़ रहा था। जलभराव के कारण कई बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को धरना-प्रदर्शन शुरू किया लेकिन ग्रामीणों की सुनवाई के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। समाजसेवी सावित्री चाहर तालाब में जल समाधि लेने के लिए उतर गईं। गर्दन तक पानी में खड़ी सावित्री की फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। तब जिला प्रशासन की नींद टूटी।
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डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर शाम 4 बजे पुलिस, नायब तहसीलदार रजनीश कुमार रंधावा, बीडीओ वीरेंद्र सिंह आदि मौके पर पहुंचे। काफी समझाने के बाद सावित्री चाहर तालाब से बाहर नहीं आईं। जल निकासी को पंप सेट लगा दिए गए। करीब 7 घंटे बाद सावित्री तालाब से बाहर निकलीं। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. केके शर्मा ने सावित्री चाहर का स्वास्थ्य परीक्षण किया। सावित्री चाहर का आरोप है कि अधिकारियों के गैर जिम्मेदार रवैये और अभद्र व्यवहार से आहत होकर वह जलसमाधि के लिए उतरीं थीं। वहीं, डीएम अरविंद बंगारी का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था करा दी गई है।