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120 फीट ऊंचा जाहरवीर बाबा का मंदिर 80 फीट सरकाया

Fri, 02 Oct 2020 11:08 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2020 11:08 PM IST
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jaharveer,jaharveer mandir
हाईवे से जैक लगाकर मंदिर को पीछे करते कर्मचारी। - फोटो : ETAH
एटा। एटा-अलीगढ़ हाईवे के चौड़ीकरण में आड़े आ रहे जाहरवीर बाबा के 120 फीट ऊंचे मंदिर को 80 फीट तक खिसकाया गया। जिले में यह इस तरह का पहला मामला है। प्रशासन और हाईवे बना रही कंपनी पीएनसी ने इस उलझे हुए मसले को सुलझा लिया है। क्योंकि ग्रामीण इस मंदिर को तोड़कर प्रशासन द्वारा दूसरी जगह मुहैया कराए गए भूखंड पर दूसरा मंदिर बनाने को तैयार नहीं थे।
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जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर नगरिया मोड़ पर जाहरवीर बाबा का मंदिर है। यह मंदिर करीब 15 वर्ष पूर्व बनाया गया था। 120 फीट ऊंचे मंदिर का परकोटा 30 बाई 30 का है। मंदिर के ऊपर प्राचीर बनी हुई है। धरातल से मंदिर के शिखर की ऊंचाई करीब 120 फीट है। हाईवे के फोरलेन निर्माण में यह मंदिर बड़ी बाधा बना हुआ था। डीएम सुखलाल भारती सहित पीएनसी कंपनी के कर्मचारियों की ग्रामीणों से कई बार वार्ता हुई। प्रशासन ने दूसरी जगह मंदिर बनाने के लिए पहले भूखंड मुहैया कराने और बाद में मंदिर तोड़कर दोबारा बनाने का प्रस्ताव दिया तो ग्रामीण भड़क गए। इसके बाद मंदिर को शिफ्ट करने का प्लान बनाया गया।
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पिता ने 15 साल पहले बनवाया था मंदिर
गांव नगरिया मोड़ निवासी योगेश ने बताया कि उनके पिता हरिओम गुप्ता के पहले दो बेटे हुए थे, जिनकी बचपन में ही मृत्यु हो गई थी। पिता ने बाबा जाहरवीर बाबा से मन्नत मांगी थी कि उन्हें बेटा हुआ तो वह बाबा का भव्य मंदिर बनवाएंगे। उनकी मनोकामना पूरी हुई और उनका जन्म हुआ। इस पर पिता ने करीब 15 साल पहले अपनी जमीन पर मंदिर बनवाया था।
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सात लाख रुपये का लिया ठेका
जैक ठेकेदार बहराइच निवासी फिरोज ने बताया कि 120 फीट ऊंचे मंदिर को 80 फीट खिसकाने और करीब छह फीट ऊपर उठाने का ठेका सात लाख, दस हजार रुपये में लिया है। 15 जैक की मदद से मंदिर को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया है। इस कार्य में करीब दो माह का समय लगा है। बताया कि पहले मंदिर की नींव के नीचे सीमेंट-बजरी और सरिया का बेस तैयार किया गया, फिर इस बेस को जैक की मदद से लोहे की रॉड पर खिसका कर दूसरे स्थान पर लाया गया। इस दौरान मंदिर के सभी दरवाजे और खिड़कियों को ईंटों से बंद करा दिया था।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हाईवे के निर्माण में आड़े आ रहे मंदिर का हल खोज लिया। मंदिर को शिफ्ट करा दिया है। इस मामले में जो भी मुआवजा बना है, वह एनएचएआई के माध्यम से मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों को दिया गया है। -पीपी सिंह, डीजीएम, एनएचएआई।

एटाः हाईवे से जैक लगाकर मंदिर को पीछे करते कर्मचारी- संवाद

एटाः हाईवे से जैक लगाकर मंदिर को पीछे करते कर्मचारी- संवाद- फोटो : ETAH

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